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समता भाव सच्ची मानवता का आभूषण है : भारत भूषण
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मोहल्ला कानून गोयान स्थित भागीरथी जैन मंदिर में धर्म सभा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आचार्य भारत भूषण महाराज ने कहा कि दिगंबर संत की चर्या दिगंबर साधु ही जानते हैं। सुश्रावक मुनिचर्या के पालन में सहयोग करके पुण्य के भागी बने। जीवन में हरी सब्जी के प्रयोग में सयम धारण करें। समता भाव सच्ची मानवता का आभूषण है।
मोहल्ला कानून गोयान स्थित भागीरथी जैन मंदिर में भारत भूषण महाराज ने कहा कि ऐसी भावना रखों कि हमें जिनवाणी और मुनि राजों की शरण मिले। सच्चे श्रावक बनने का प्रयास करें। साधर्मी के साथ वात्सल्य भाव रखों। मानवता के प्रति करुणा रखनी है। आचार्य काम कुमार नंदी की आत्मिक शांति के लिए णमोकार महामंत्र का पाठ किया गया।
जैन गुरुकुल शिक्षण में बताया गया कि बच्चों को सांसारिक शिक्षा के साथ धर्म सिद्धांतों को भी जानना चाहिए। बच्चे अपने से बड़ों का सम्मान करना सीखें। सभा में जनेश्वर, विजय, प्रवीन, महेश, राजेश, रामकुमार, राकेश, डाॅ. ज्योति जैन, सरिता, स्नेह, मीनू, सुधा, त्रिशला, रितु, गीता, नमिता, सुनीता, छवि, उर्मिला, मधु, शैली, बबीता, सतेंद्र, पारस, नीरज जैन प्रवक्ता उपस्थित रहे। संचालन अरुण नंगली ने किया।
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खतौली। आचार्य भारत भूषण महाराज ने कहा कि दिगंबर संत की चर्या दिगंबर साधु ही जानते हैं। सुश्रावक मुनिचर्या के पालन में सहयोग करके पुण्य के भागी बने। जीवन में हरी सब्जी के प्रयोग में सयम धारण करें। समता भाव सच्ची मानवता का आभूषण है।
मोहल्ला कानून गोयान स्थित भागीरथी जैन मंदिर में भारत भूषण महाराज ने कहा कि ऐसी भावना रखों कि हमें जिनवाणी और मुनि राजों की शरण मिले। सच्चे श्रावक बनने का प्रयास करें। साधर्मी के साथ वात्सल्य भाव रखों। मानवता के प्रति करुणा रखनी है। आचार्य काम कुमार नंदी की आत्मिक शांति के लिए णमोकार महामंत्र का पाठ किया गया।
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जैन गुरुकुल शिक्षण में बताया गया कि बच्चों को सांसारिक शिक्षा के साथ धर्म सिद्धांतों को भी जानना चाहिए। बच्चे अपने से बड़ों का सम्मान करना सीखें। सभा में जनेश्वर, विजय, प्रवीन, महेश, राजेश, रामकुमार, राकेश, डाॅ. ज्योति जैन, सरिता, स्नेह, मीनू, सुधा, त्रिशला, रितु, गीता, नमिता, सुनीता, छवि, उर्मिला, मधु, शैली, बबीता, सतेंद्र, पारस, नीरज जैन प्रवक्ता उपस्थित रहे। संचालन अरुण नंगली ने किया।
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