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कस्बे में जाम का कारण बन रहा अतिक्रमण और पार्किंग
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मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर लगे जाम में फसे वाहन सवार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर, खतौली। कस्बे में जगह-जगह लगने वाला जाम जनता के लिए नासूर बन गया है। लोग जाम से इस कदर परेशान हो गए हैं कि कहीं बाहर जाने के लिए घर से काफी पहले निकलना पड़ता हैं। आए दिन लगने वाले जाम से जहां कस्बे की जनता परेशान है। वहीं, आसपास के लोग जोकि कस्बे से होकर गुजरते हैं, उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जाम का प्रमुख कारण अतिक्रमण और शहर में पार्किंग का ना होना है। तिराहों पर खड़े होने वाले आटो और ई-रिक्शा भी जले पर नमक छिड़ने का काम करते हैं।
कस्बे में पार्किंग का न होना सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नही उठाए जा रहे है। वाहन चालक उल्टे सीधे वाहन सड़क पर ही खड़ा करते है और बाजार में चले जाते है। यदि पार्किंग की समस्या का समाधान हो जाए और सड़कों पर अवैध रूप से होने वाले अतिक्रमण न हों तो समस्या का समाधान कुछ हद तक हो जाएगा। वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन भी ज्यादा करने लगे हैं। इसके कारण जाम की स्थिति बनती है। जाम को खत्म करने के लिए नगर पालिका, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने कुछ समय पहले ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की योजना बनाई लेकिन वह परवान नही चढ़ सकी।
कस्बे के लोगों का दर्द
कस्बे में हर समय जाम रहता है। इसके कारण व्यापारियों को भी परेशानी होती है। व्यापारी को अपना माल शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए जाम के कारण घंटों लग जाते है। अतिक्रमण हटवाने के नाम पर तो उत्पीड़न किया जाता है। -आरिफ खान, जूता कारोबारी।
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पार्किंग ना होने से कस्बे में जाम रहता है। पुलिस कर्मियों की लापरवाही भी कम नहीं है। चौराहों पर से पुलिस कर्मी गायब रहते हैं। जो लोग नियमों का पालन नहीं करते उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। व्यापारी वर्ग भी इसका विरोध नहीं करेगा, लेकिन चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न न हो।
संदीप गुप्ता एडवोकेट
कस्बे की प्रमुख समस्याओं में यदि पहले नंबर पर कोई समस्या रखी जाए तो वह जाम ही है। जाम में एक तिराहे को पार करने में ही घंटों का समय व्यतीत हो जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन को ठोस योजना बनानी चाहिए।
अनुज सहरावत
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कस्बे में पार्किंग का न होना सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नही उठाए जा रहे है। वाहन चालक उल्टे सीधे वाहन सड़क पर ही खड़ा करते है और बाजार में चले जाते है। यदि पार्किंग की समस्या का समाधान हो जाए और सड़कों पर अवैध रूप से होने वाले अतिक्रमण न हों तो समस्या का समाधान कुछ हद तक हो जाएगा। वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन भी ज्यादा करने लगे हैं। इसके कारण जाम की स्थिति बनती है। जाम को खत्म करने के लिए नगर पालिका, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने कुछ समय पहले ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की योजना बनाई लेकिन वह परवान नही चढ़ सकी।
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कस्बे के लोगों का दर्द
कस्बे में हर समय जाम रहता है। इसके कारण व्यापारियों को भी परेशानी होती है। व्यापारी को अपना माल शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए जाम के कारण घंटों लग जाते है। अतिक्रमण हटवाने के नाम पर तो उत्पीड़न किया जाता है। -आरिफ खान, जूता कारोबारी।
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पार्किंग ना होने से कस्बे में जाम रहता है। पुलिस कर्मियों की लापरवाही भी कम नहीं है। चौराहों पर से पुलिस कर्मी गायब रहते हैं। जो लोग नियमों का पालन नहीं करते उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। व्यापारी वर्ग भी इसका विरोध नहीं करेगा, लेकिन चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न न हो।
संदीप गुप्ता एडवोकेट
कस्बे की प्रमुख समस्याओं में यदि पहले नंबर पर कोई समस्या रखी जाए तो वह जाम ही है। जाम में एक तिराहे को पार करने में ही घंटों का समय व्यतीत हो जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन को ठोस योजना बनानी चाहिए।
अनुज सहरावत

मुजफ्फरनगर के अहिल्याबाई चौक पर लगे जाम में फसे वाहन सवार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR