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स्वदेशी तकनीक एवं स्वस्थ प्रबंधन पर जोर दिया

Sun, 22 May 2022 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 12:06 AM IST
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'Emphasis on indigenous technology and healthy management'
एसडी कालेज ऑफ इंजीनियरिगं में पुस्तका का विमोचन करते शाकुम्बरी विश्व विद्वालय के कुलपति। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के कुलपति एचएस सिंह ने कहा कि बदलते परिवेश व चुनौतियों भरे परिदृश्य में समस्याओं के हल, विचार मंथन व गोष्ठियों से ही संभव है। विभिन्न संस्थानों एवं विधाओं के विद्वानों को एक साथ बैठकर अनुसंधान करने जनकल्याणकारी प्रबंधन एवं तकनीक को बढ़ावा देने का रास्ता प्रशस्त होता है। उन्होंने तकनीक के साथ-साथ स्वदेशी तकनीक एवं स्वस्थ प्रबंधन पर जोर दिया।
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एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबुल डेवलेपमेंट लोकल टू ग्लोबल’ विषय पर हुई। मुख्य अतिथि मां शाकंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के कुलपति डॉ. एचएस सिंह, विशिष्ट अतिथि आईआईटी बीएचयू के एसके शर्मा ने किया। संस्थान के अधिशासी निदेशक एवं गोष्ठी के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. एसएन चौहान ने संगोष्ठी के मूल विषय पर प्रकाश डाला।
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विशिष्ट अतिथि एसके शर्मा ने विकसित राष्ट्रों के प्रबंधन एवं तकनीक प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में सभी राष्ट्रों की भौगोलिक व सामाजिक स्थितियां भिन्न है, इसलिए तकनीक एवं प्रबंधन की नकल की अपेक्षा सर्वसुलभ, सस्ती व स्वसंसाधनों के उपयोग को दृष्टिगत रखकर तकनीक का विकास किया जाना चाहिए भारत की लगभग दो तिहाई आबादी ग्रामीण अंचलों में रहती है, इसलिए तकनीक व प्रबंधन ग्रामोन्मुखी होना चाहिए।
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प्रो केबी शिवकुमार ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक ही विकास का मूलमंत्र है, जबकि दिल्ली प्राविधिक विश्वविद्यालय के प्रो आरएस मिश्रा ने ग्रीन टैक्नोलोजी व ग्रीन एनर्जी को वक्त की जरूरत बताया। उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
अध्यक्षता प्रो केआर नटराज डीबीआईटी बंगलूरू ने की। आरके अग्रवाल मोदीनगर व नीलम सिन्हा ने विचार रखे। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता आरएस मिश्रा डीटीयू दिल्ली ने की। प्रो संदीप आर्य जीजेयू हिसार, डॉ. गरिमा जैन, डॉ. पारेश कुमार ने विचार रखे।
14 शोध पत्र प्रस्तुत हुए
इस सत्र में 14 शोधपत्र प्रस्तुत किये गये। संगोष्ठी में लगभग 150 डेलीगेट्स ने प्रतिभाग किया, जिसमें चार आईआईटीज, 12 विश्वविद्यालयों व 65 संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। स्थानीय संस्थानों में डीएवी पीजी कालेज, एसडी पीजी कालेज, एसडी मेनेजमेन्ट कालेज ऑफ स्ट्डीज तथा पठन-पाठन में अभिरूची रखने वाले शहर के विद्वतजनों ने भी प्रतिभाग किया। संचालन डॉ प्रगति शर्मा ने किया।

ये रहे मौजूद
डॉ. आरटीएस पुंडीर, डॉ. योगेश शर्मा, अभिषेक राय, मनोज झा, डॉ. नितिन गुप्ता, पुनीत गोयल, अमित गुप्ता, नीरज कुमार, मनोज गुप्ता, जितेंद्र कुमार, पारूल गुप्ता, मनीष कुमार, अमिता ठाकुर, गौरव कुमार, संगीता अग्रवाल, शिवानी कौशिक, मोनिका सिंह, रिया तायल, रिचा भाटी, राजेंद्र कुमार, मनोज कुमार, मुर्सलीन, अनुज कुमार, धीरज कुमार, प्रमोद कुमार, गोपाल, ब्रजमोहन, आकाश कुमार आदि रहे।
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