Election 2024: ग्रामीणों का एलान, मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने देंगे, इस बड़ी वजह से हैं नाराज
Election 2024 : मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों ने एलान किया है कि मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने देंगे। इस बड़ी वजह से ग्रामीण बेहद नाराज हैं।
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मुजफ्फरनगर के मोरना में बेहडा-टंढ़ेडा मार्ग का निर्माण नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। लंबे समय से मार्ग बदहाल है और पत्थर उखड़कर फैल गए हैं। चार किमी के रास्ते पर रोजाना ग्रामीण घायल हो रहे हैं। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। किसानों का खेतों में जाना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के विरोध का भी एलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
गांव टंढेड़ा के रहने वाले यशपाल सिंह का कहना है कि गांव में वोट मांगने सब आते हैं, लेकिन रास्ता बनाने की बात कोई नहीं करता। हमारा रास्ता वर्षों से खराब है। इसलिए गांव में नेताओं को वोट भी मांगने नहीं आना चाहिए।
ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि हमें सड़क चाहिए। बेहड़ा-टंढेडा मार्ग हर सूरत में बनना चाहिए। यहां से हर साल लाखों कांवड़िये गुजरते हैं, जो हस्तिनापुर, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर तक जाते हैं।
रमन सिंह का कहना है कि हम रास्ते से परेशान हैं। इस मार्ग पर ट्रैक्टर से चार किमी की दूरी एक घंटे में तय होती है। कई बार क्षेत्र में आने वाले अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।
मुकेश सैनी का कहना है कि रास्ते में मोटे व नुकीले पत्थर होने के कारण भैंसें व बैलों के पैरों में चोटें आ रही हैं। बाइक पर सवार कईं महिला-पुरुष घायल हो चुके हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव टंढेड़ा निवासी एडवोकेट दीपक चौधरी का कहना है कि लंबे समय से बेहड़ा सादात-टंढेड़ा मार्ग का निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीण बार-बार इस मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गांव के मौलाना जमील अहमद बसपा के टिकट पर मीरापुर सीट के विधायक चुने गए थे। आरोप है कि वह भी सड़क नहीं बनवा सके। पूर्व प्रधान पवन चौधरी व मास्टर प्रदीप सैनी का कहना है कि रास्ता खराब होने की वजह से बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। स्कूल बसें बच्चों को लेने गांव में आती थी, लेकिन रास्ते में पत्थर होने से ये बसें गांव आने में असमर्थ हैं।
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सहदेव सिंह का कहना है कि युवा पुलिस एवं आर्मी की भर्ती की तैयारी के लिए इस मार्ग पर दौड़ लगाते थे। रास्ता पथरीला होने की वजह से उनकी तैयारियां भी अधूरी है। संगीता चौधरी ने बताया कि बाइक पर बैठी महिलाएं कई बार इस मार्ग पर गिरकर घायल हुई हैं।
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