फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Election: Villagers announced that they will not allow polling personnel to enter village in Muzaffarnagar

Election 2024: ग्रामीणों का एलान, मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने देंगे, इस बड़ी वजह से हैं नाराज

Thu, 11 Apr 2024 09:58 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 11 Apr 2024 09:58 PM IST
सार

Election 2024 : मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों ने एलान किया है कि मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने देंगे। इस बड़ी वजह से ग्रामीण बेहद नाराज हैं।

विज्ञापन
Election: Villagers announced that they will not allow polling personnel to enter village in Muzaffarnagar
ग्रामीणों ने गांव के बाहर चुनाव बहिष्कार का बैनर लगाया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर के मोरना में बेहडा-टंढ़ेडा मार्ग का निर्माण नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। लंबे समय से मार्ग बदहाल है और पत्थर उखड़कर फैल गए हैं। चार किमी के रास्ते पर रोजाना ग्रामीण घायल हो रहे हैं। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। किसानों का खेतों में जाना दूभर हो गया है। 

विज्ञापन


ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के विरोध का भी एलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मतदान कर्मियों को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।

विज्ञापन

गांव टंढेड़ा के रहने वाले यशपाल सिंह का कहना है कि गांव में वोट मांगने सब आते हैं, लेकिन रास्ता बनाने की बात कोई नहीं करता। हमारा रास्ता वर्षों से खराब है। इसलिए गांव में नेताओं को वोट भी मांगने नहीं आना चाहिए। 

ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि हमें सड़क चाहिए। बेहड़ा-टंढेडा मार्ग हर सूरत में बनना चाहिए। यहां से हर साल लाखों कांवड़िये गुजरते हैं, जो हस्तिनापुर, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर तक जाते हैं। 

विज्ञापन

रमन सिंह का कहना है कि हम रास्ते से परेशान हैं। इस मार्ग पर ट्रैक्टर से चार किमी की दूरी एक घंटे में तय होती है। कई बार क्षेत्र में आने वाले अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।

मुकेश सैनी का कहना है कि रास्ते में मोटे व नुकीले पत्थर होने के कारण भैंसें व बैलों के पैरों में चोटें आ रही हैं। बाइक पर सवार कईं महिला-पुरुष घायल हो चुके हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है। 

गांव टंढेड़ा निवासी एडवोकेट दीपक चौधरी का कहना है कि लंबे समय से बेहड़ा सादात-टंढेड़ा मार्ग का निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीण बार-बार इस मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

गांव के मौलाना जमील अहमद बसपा के टिकट पर मीरापुर सीट के विधायक चुने गए थे। आरोप है कि वह भी सड़क नहीं बनवा सके। पूर्व प्रधान पवन चौधरी व मास्टर प्रदीप सैनी का कहना है कि रास्ता खराब होने की वजह से बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। स्कूल बसें बच्चों को लेने गांव में आती थी, लेकिन रास्ते में पत्थर होने से ये बसें गांव आने में असमर्थ हैं। 

यह भी पढ़ें: ईद पर बेबस दिखे अफसर: सड़क पर बैठ पढ़ी नमाज, अल्लाह हू अकबर के लगाए नारे, हिंदूवादी ने की कार्रवाई की मांग

सहदेव सिंह का कहना है कि युवा पुलिस एवं आर्मी की भर्ती की तैयारी के लिए इस मार्ग पर दौड़ लगाते थे। रास्ता पथरीला होने की वजह से उनकी तैयारियां भी अधूरी है। संगीता चौधरी ने बताया कि बाइक पर बैठी महिलाएं कई बार इस मार्ग पर गिरकर घायल हुई हैं।

यह भी पढ़ें: खास रिपोर्ट: हुक्के की गुड़गुड़ाहट के बीच बनते-गड़बड़ाते समीकरण, खाप के फैसलों से बदल जाती है देश की तस्वीर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed