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शिक्षा के उत्थान को हाईस्कूल खुलवाने का रहेगा प्रयास

Thu, 03 Jun 2021 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:07 AM IST
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Efforts will be open inter college in the village
शिक्षा के उत्थान को इंटर कॉलेज खुलवाने का रहेगा प्रयास
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मुजफ्फरनगर, चरथावल। मुजफ्फरनगर शहर के निकट चरथावल विकास खंड का गांव है लकड़संधा। यहां ग्रामीणों ने ब्लॉक की 59 ग्राम पंचायतों में सबसे कम उम्र के प्रधान राहुल कश्यप को चुना है। पहली बार बागडोर मिलने के बाद युवा प्रधान में काम करने का जज्बा भरा है। बजट नहीं आने के बावजूद गांव में नाला सफाई कार्य अपने प्रयास से कराया है। कहते हैं जिस तरह बारिश में उनके मकान की छत टपकती है। उसी तरह गांव के गरीब और जरूरतमंदों को पक्का मकान मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता है। गांव में बनी नई टंकी से हर घर में कनेक्शन दिलवाकर स्वच्छ पानी की व्यवस्था कराई जाएगी। शिक्षा के उत्थान के लिए इंटर कॉलेज बनवाने का प्रयास रहेगा। गांव जरूरतमंद लोगों की शादी समारोह के लिए धर्मशाला खुलवाई जाएगी।

प्रोफाइल प्रधान:
हाईस्कूल तक शिक्षित और हैं अविवाहित।
- 24 साल की उम्र बन गए प्रधान
- मुख्य पेशा है मजदूरी
- आर्थिक रूप से कमजोर, करीब दो बीघा है जमीन
- परिवार पहली बार गांव की राजनीति से जुड़ा
टूटी सड़क़ों और पानी निकासी पर रहेगा फोकस
चरथावल ब्लॉक का गांव लकड़संधा पुरकाजी विधानसभा और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा है। शहर नजदीक होने से थाना कोतवाली नगर है। मिश्रित बिरादरी के गांव की आबादी वर्तमान में करीब 4500 है। राहुल कश्यप बताते हैं कि उनकी जीत का आधार गरीबों का साथ युवाओं की पहली पसंद बना है। गांव में पाइप लाइन के टूटी सड़कें प्रमुख समस्या है। पानी टंकी से लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। गांव के पानी निकासी की माकूल व्यवस्था कराएंगे। कक्षा आठ के बाद शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यार्थी चार किलोमीटर दूर मुजफ्फरनगर जाते हैं। गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय है। बकौल प्रधान गांव के बुजुर्ग बताते कि सदियों पहले गांव में भूमिया के आसपास घना जंगल हुआ करता था। दिन में भी लोग आने जाने से डरते थे। चारों तरफ लक्कड़ ही लक्कड़ पड़े रहते थे। इसी वजह से गांव का नाम लकड़संधा पड़ा था।
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