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शिक्षामित्रों की सांसद आवास पर भूख हड़ताल शुरू
Wed, 06 Feb 2019 12:33 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:33 AM IST
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सांसद संजीव बालियान के आवास पर धरना देते शिक्षामित्र।
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक पद पर समायोजन की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने सांसद डा. संजीव बालियान के आवास पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और बिजनौर के भी शिक्षामित्र शामिल हुए। सभी ने आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का विरोध करने का एलान किया है। तीन दिवसीय भूख हड़ताल के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार को आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने सांसद डा. संजीव बालियान के आवास पर तीन दिवसीय भूखहड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन सुधीर चौहान, प्रमोद शर्मा, अनिल ठाकुर, अंजू कश्यप, गीता बालियान, सुनील तोमर, निर्मल शर्मा, मुशर्रत बानो, नीरज त्यागी, पवनलता, केशव त्यागी और संजीव कुमार भूखहड़ताल पर रहे। जिलाध्यक्ष मुजीबुर्रहमान ने कहा कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित बैठक की रिपोर्ट उपलब्ध होने पर भी शिक्षामित्रों के भविष्य के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
बिजनौर जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान ने शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक के रूप में समायोजित करने की मांग की। सरकार प्राथमिक विद्यालय में अतिरिक्त संवर्ग सृजित कर स्थायी रूप से समायोजित कर सकती है। सहारनपुर जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने लोकसभा चुनाव में भाजपा का डटकर विरोध करने का आह्वान किया।
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प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश ठाकुर ने यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर 20 फरवरी तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मीडिया प्रभारी सुबोध त्यागी ने कहा कि शिक्षामित्र एकजुट हैं और किसी भी हद तक जा सकते हैं। शिक्षामित्रों ने मुख्यंमत्री के नाम एक ज्ञापन सांसद को दिया।
इस दौरान विनोद राणा, रोहित कौशिक एकता रानी, राजकुमार ठाकुर, अनिल भैसी, मोहम्मद रजी, दारा सिंह, शिव कुमार, राजेंद्र, राजबीर, मनोज, रेखा रानी, संगीता, नफीसुद्दीन, लियाकत, कासिम, पुष्पा, राजीव, सुबोध, भीम सिंह, कलवा, अंकुल, दीपा, सुषमा, सविता, किरणदास, अरुण कुमार, उमेश कुमार, गिरीश कुमार, कविंद्र, पवन आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सुनील तोमर ने तथा संचालन गुरदीप सिंह ने किया।
शिक्षामित्रों की ये हैं मांगे
- अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक या अतिरिक्त संवर्ग सृजित कर समायोजित किया जाएं।
- शिक्षामित्रों के लिए विशेष टीईटी आयोजन हो अथवा टीईटी में छूट दिया जाएं।
- समान कार्य के लिए समान वेतन के आधार पर 12 माह का वेतन लागू करें।
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद मृतक शिक्षामित्रों के परिजनों को स्थायी रोजगार मिले।
- शिक्षामित्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाएं।
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मंगलवार को आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने सांसद डा. संजीव बालियान के आवास पर तीन दिवसीय भूखहड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन सुधीर चौहान, प्रमोद शर्मा, अनिल ठाकुर, अंजू कश्यप, गीता बालियान, सुनील तोमर, निर्मल शर्मा, मुशर्रत बानो, नीरज त्यागी, पवनलता, केशव त्यागी और संजीव कुमार भूखहड़ताल पर रहे। जिलाध्यक्ष मुजीबुर्रहमान ने कहा कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित बैठक की रिपोर्ट उपलब्ध होने पर भी शिक्षामित्रों के भविष्य के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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बिजनौर जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान ने शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक के रूप में समायोजित करने की मांग की। सरकार प्राथमिक विद्यालय में अतिरिक्त संवर्ग सृजित कर स्थायी रूप से समायोजित कर सकती है। सहारनपुर जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने लोकसभा चुनाव में भाजपा का डटकर विरोध करने का आह्वान किया।
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प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश ठाकुर ने यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर 20 फरवरी तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मीडिया प्रभारी सुबोध त्यागी ने कहा कि शिक्षामित्र एकजुट हैं और किसी भी हद तक जा सकते हैं। शिक्षामित्रों ने मुख्यंमत्री के नाम एक ज्ञापन सांसद को दिया।
इस दौरान विनोद राणा, रोहित कौशिक एकता रानी, राजकुमार ठाकुर, अनिल भैसी, मोहम्मद रजी, दारा सिंह, शिव कुमार, राजेंद्र, राजबीर, मनोज, रेखा रानी, संगीता, नफीसुद्दीन, लियाकत, कासिम, पुष्पा, राजीव, सुबोध, भीम सिंह, कलवा, अंकुल, दीपा, सुषमा, सविता, किरणदास, अरुण कुमार, उमेश कुमार, गिरीश कुमार, कविंद्र, पवन आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सुनील तोमर ने तथा संचालन गुरदीप सिंह ने किया।
शिक्षामित्रों की ये हैं मांगे
- अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षक या अतिरिक्त संवर्ग सृजित कर समायोजित किया जाएं।
- शिक्षामित्रों के लिए विशेष टीईटी आयोजन हो अथवा टीईटी में छूट दिया जाएं।
- समान कार्य के लिए समान वेतन के आधार पर 12 माह का वेतन लागू करें।
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद मृतक शिक्षामित्रों के परिजनों को स्थायी रोजगार मिले।
- शिक्षामित्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाएं।