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आस्था का केंद्र है घासीपुरा का दुर्गा मंदिर
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मंसूरपुर के गांव घासीपुरा का प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर।
- फोटो : KHATAULI
आस्था का केंद्र है घासीपुरा का दुर्गा मंदिर
मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। नेशनल हाईवे पर घासीपुरा में मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष चौदस के अवसर पर लगने वाले मां दुर्गा के भव्य मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु आकर मन्नते मांगते हैं। मंदिर परिसर में मां काली, भैरव देव आदि की मूर्तियां भी आकर्षण का केंद्र हैं।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कुंवर विजय राज सिंह ने बताया कि मां दुर्गा माता के मंदिर की स्थापना 1934 में उनकी दादी कंवर गिरिराज ने कराई थी। तभी से हर वर्ष नेशनल हाईवे के किनारे बाग में स्थित मां दुर्गा का चार दिवसीय विशाल मेला लगता है। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु आकर मन्नते मांगते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां दुर्गा से कोई मन्नत मांगी जाती है, तो वह अवश्य पूरी होती है। गांव की जिन लड़कियों की शादी हो चुकी है, वे मेले पर प्रसाद चढ़ाने के लिए अवश्य आती हैं।
प्रबंधक विजय राज सिंह ने बताया कि मेले की व्यवस्था हिंदू मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग श्रद्धा भाव से संभालते हैं। मेले में तीन दिवसीय पुरुष तथा महिला पहलवानों का दंगल भी आयोजित होता है, जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, हरियाणा, दिल्ली के पहलवान आकर दांवपेच दिखाते हैं। अर्जुन अवॉर्डी पहलवान अनुज कुमार तथा महिला पहलवान दिव्या काकरान भी इस मेले में कई वर्ष तक कुश्ती का जौहर दिखा चुके हैं। मेले में कच्ची मिट्टी के बर्तनों का बाजार भी आकर्षण का केंद्र रहता है।
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मुजफ्फरनगर, मंसूरपुर। नेशनल हाईवे पर घासीपुरा में मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष चौदस के अवसर पर लगने वाले मां दुर्गा के भव्य मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु आकर मन्नते मांगते हैं। मंदिर परिसर में मां काली, भैरव देव आदि की मूर्तियां भी आकर्षण का केंद्र हैं।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कुंवर विजय राज सिंह ने बताया कि मां दुर्गा माता के मंदिर की स्थापना 1934 में उनकी दादी कंवर गिरिराज ने कराई थी। तभी से हर वर्ष नेशनल हाईवे के किनारे बाग में स्थित मां दुर्गा का चार दिवसीय विशाल मेला लगता है। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु आकर मन्नते मांगते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां दुर्गा से कोई मन्नत मांगी जाती है, तो वह अवश्य पूरी होती है। गांव की जिन लड़कियों की शादी हो चुकी है, वे मेले पर प्रसाद चढ़ाने के लिए अवश्य आती हैं।
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प्रबंधक विजय राज सिंह ने बताया कि मेले की व्यवस्था हिंदू मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग श्रद्धा भाव से संभालते हैं। मेले में तीन दिवसीय पुरुष तथा महिला पहलवानों का दंगल भी आयोजित होता है, जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, हरियाणा, दिल्ली के पहलवान आकर दांवपेच दिखाते हैं। अर्जुन अवॉर्डी पहलवान अनुज कुमार तथा महिला पहलवान दिव्या काकरान भी इस मेले में कई वर्ष तक कुश्ती का जौहर दिखा चुके हैं। मेले में कच्ची मिट्टी के बर्तनों का बाजार भी आकर्षण का केंद्र रहता है।

मंसूरपुर के गांव घासीपुरा के मंदिर में स्थापित भव्य मां दुर्गा की मूर्ति- फोटो : KHATAULI

मंसूरपुर के गांव घासीपुरा के दुर्गा मंदिर परिसर में स्थापित बजरंग बली की मूर्ति- फोटो : KHATAULI
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