फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Dumping ground turned into litter mountain

कूड़ा निस्तारण की योजना फेल

Sat, 21 Nov 2020 11:41 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 11:41 PM IST
विज्ञापन
Dumping ground turned into litter mountain
गांधी कालोनी की लिंक रोड पर फैली गंदगी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
डंपिंग ग्राउंड कूड़े के पहाड़ में तब्दील
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई योजना परवान नहीं चढ़ सकी। कई बार योजनाएं बनी, मगर फेल हो गई। एटूजेड कंपनी को 4.37 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया था। कंपनी बीच में की काम छोड़ कर चली गई। यहां खाद, सीमेंट बनाने और बिजली उत्पादन की योजनाएं भी सफल नहीं हो सकीं। पालिका की ओर से किदवई नगर में डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। यहां करीब पांच लाख टन कूड़े का अंबार लगा है।
शहर में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर पालिका के पास कूड़ा निस्तारण का अभी कोई प्रबंध नहीं है। शहर में करीब 70 हजार से अधिक परिवार है। रोजाना लगभग 160 से लेकर 170 टन तक कूड़ा निकलता है। पालिका की ओर से किदवई नगर में डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। यहां करीब पांच लाख टन कूड़े का अंबार लगा है, जिससे पूरा ग्राउंड कूड़े के पहाड़ में तब्दील हो गया है। कूड़े का निस्तारण नहीं होने से आसपास के इलाके में बीमारी फैलने की आशंका रहती है। नौ साल पहले 2011 में एटूजेड़ इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित हुआ था, तब नागरिकों को आस बंधी थी कि अब कूडे़ का निस्तारण होगा, मगर ऐसा नहीं हो सका। करीब 4.37 करोड़ रुपये का खर्च प्लांट पर आया था। कहा गया था कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में गीला और सूखा कूडा अलग-अलग कर उसे निस्तारित करके खाद और सीमेंट आदि चीजें बनाई जाएगी। घरों से प्रतिदिन कूड़ा उठाने की भी घोषणा की गई थी, मगर रोजाना घरों से कूड़ा एकत्र नहीं होने के कारण ये योजना भी फेल हो गई थी। दो साल पहले नगर पालिका ने कंपनी से करार भी खत्म कर दिया था।
विज्ञापन

अधर में बिजली बनाने का प्रोजेक्ट
मुजफ्फरनगर। करीब डेढ़ साल से किदवई नगर में कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट लगाने की योजना है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। थाईलैंड की एक कंपनी को यह प्लांट लगाना है। इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की कंपनी के प्रतिनिधियों से वार्ता हो चुकी है। काम शुरू नहीं होने के कारण अभी यह भी नहीं कहा जा सकता है कि इसमें कितना समय लगेगा। तब तक कूड़े का क्या होगा, यह बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-नगर पालिका अभी कूड़ा का निस्तारण नहीं कर पा रही है। इसके लिए गाजियाबाद की एक कंपनी से वार्ता चल रही है, जो यहां खाद बनाएंगी। उम्मीद है कि दिसंबर माह से यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- डॉ आरएस राठी
- नगर स्वास्थ्य अधिकारी
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed