फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Duda's project officer Satish Gautam got upset over the disturbances in PM's residence

Muzaffarnagar News: पीएम आवास में गड़बड़ी पर नप गए डूडा के परियोजना अधिकारी सतीश गौतम

Sat, 24 Jun 2023 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:57 AM IST
विज्ञापन
Duda's project officer Satish Gautam got upset over the disturbances in PM's residence
विकास भवन ​स्थित डूडा का कार्यालय।
- जानसठ और बुढ़ाना के नौ मकानों की जियो टैग में मिली गड़बड़ी
विज्ञापन

- उनके स्थान पर एसडीएम अपूर्वा यादव को डूडा का चार्ज दिया गया


संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के जियो टैग में गड़बड़ी पाए जाने के बाद शासन के आदेश पर डूडा के परियोजना अधिकारी सतीश गौतम को हटा दिया गया है। जानसठ और बुढ़ाना के नौ आवासों की जियो टैग में खामी पर यह कार्रवाई की गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने बताया कि सूडा निदेशक के आदेश के बाद सतीश गौतम को हटाकर एसडीएम अपूर्वा यादव को चार्ज दिया गया है।

आठ महीने पहले विकल्प त्यागी ने सूडा निदेशक को शिकायत की थी पीएम आवास योजना में स्वीकृत 87 आवासों के जियो टैग में गड़बड़ी की गई है। प्रकरण की जांच एसडीएम जानसठ से कराई गई। जांच में गड़बड़ी सामने आई, जिसके चलते भोकरहेड़ी के सर्वेयर विनीत चौधरी व अनुज, बुढ़ाना के नितिन शर्मा, जानसठ के शिवराज, मीरापुर के सचिन, पुरकाजी के अंकित चौधरी, शाहपुर के राहुल त्यागी को हटा दिया था।
विज्ञापन

दोबारा शिकायत हुई तो एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने प्रकरण की तकनीकी जांच के लिए सूडा को पत्र लिखा। सूडा की जांच में बुढ़ाना और जानसठ के नौ आवास ऐसे पाए गए, जिसमें जियो टैग दूसरे स्थान का और मकान दूसरे स्थान पर मिला। गड़बड़ी पर सूडा को इसकी रिपोर्ट भेजी गई। पहले मेरठ में तैनात जेई अमर मित्तल की सेवा समाप्त की गई, इसके बाद सूडा निदेशक के आदेश पर डीएम ने डूडा पीओ सतीश गौतम को भी पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर एसडीएम अपूर्वा यादव को डूडा का चार्ज दिया गया है। अब तक डूडा पीओ रहे सतीश गौतम सहकारिता विभाग में अपर सांख्यिकी अधिकारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



अब तक बनाए गए 21 हजार आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना जनपद में 17 जून 2015 में प्रारंभ हुई थी। अब तक जिले में 21004 आवास बनाए गए हैं।



पांच वर्ष पूर्व हुई थी स्वीकृति

मुजफ्फरनगर। जिन नौ आवासों में गड़बड़ी सामने आई है, यह आवास पांच वर्ष पूर्व स्वीकृत हुए थे। 2022-23 में इनके लिए बजट स्वीकृत हुआ। इन मकानों की दो किस्त जारी हो चुकी है, तीसरी किस्त सूडा के आदेश के बाद रोक दी गई है।





नौ बार होता है जियो टैग

मुजफ्फरनगर। पीएम आवास योजना में स्वीकृति के बाद खाली प्लाट से लेकर आवास निर्माण तक नौ बार जियो टैग होता है। गड़बड़ी रोकने के लिए यह कदम उठाया जाता है।




पहले सर्वे कंपनी की जा चुकी ब्लैक लिस्ट

पीएम आवास योजना में सर्वे का कार्य प्राइवेट कंपनियों को दिया गया है। योजना के शुरू में स्पेस कंपनी को जिले का ठेका मिला था। आवासों में हेराफेरी के मामले इस कंपनी को को शासन ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसके बाद जिले का ठेका क्रिएटिव कंसोल्डियम कंपनी को दिया गया। इस समय यही कंपनी काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed