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युवा शायर डा. कासिफ अख्तर के गजल संग्रह बेख्याली का विमोचन
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देवबंद। प्रख्यात शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा डॉ. काशिफ ने अपने इल्म से इस हुनर को अपने कलाम में गजल बनाकर उतारा है। उनके अशार पढ़कर नहीं लगता कि यह कलाम किसी युवा शायर ने लिखे हों।
दारूल उलूम रोड पर स्थित महमूद हाल में रविवार को आयोजित समारोह में युवा शायर डॉ. काशिफ अख्तर की गजल पुस्तक बेख्याली का विमोचन डॉ. नवाज देवबंदी और दारूल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद एवं लेखक मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर आदि ने किया। इसमें डॉ. देवबंदी ने कहा डॉ. काशिफ ने अपने पिता शायर शमीम किरतपुरी के नक्शे कदम पर चलते हुए अपने कलाम को बेहतरीन तरीके से अपनी पुस्तक बेख्याली में पिरोया है।
उन्होंने कहा डॉ. काशिफ अख्तर ने अपनी पुस्तक मेें लिखा बेख्याली में जो तस्वीर बनाई मैंने, गौर से देखा तेरी शक्ल उभर आई है। इसी तरह उनका यह अशार भी बेहद पसंद किया गया कि लोग कहते हैं बेवफा है वो, मुझको लगता है बस खफ़ा है वो। मौलाना सलमान बिजनौरी और लेखक एवं विचारक कमल देवबंदी ने कहा कि उन्हें यकीन है कि डॉ. काशिफ देवबंद के इल्म-ओ-अदब की परंपरा को कायम रखेंगे।
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दारूल उलूम रोड पर स्थित महमूद हाल में रविवार को आयोजित समारोह में युवा शायर डॉ. काशिफ अख्तर की गजल पुस्तक बेख्याली का विमोचन डॉ. नवाज देवबंदी और दारूल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद एवं लेखक मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर आदि ने किया। इसमें डॉ. देवबंदी ने कहा डॉ. काशिफ ने अपने पिता शायर शमीम किरतपुरी के नक्शे कदम पर चलते हुए अपने कलाम को बेहतरीन तरीके से अपनी पुस्तक बेख्याली में पिरोया है।
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उन्होंने कहा डॉ. काशिफ अख्तर ने अपनी पुस्तक मेें लिखा बेख्याली में जो तस्वीर बनाई मैंने, गौर से देखा तेरी शक्ल उभर आई है। इसी तरह उनका यह अशार भी बेहद पसंद किया गया कि लोग कहते हैं बेवफा है वो, मुझको लगता है बस खफ़ा है वो। मौलाना सलमान बिजनौरी और लेखक एवं विचारक कमल देवबंदी ने कहा कि उन्हें यकीन है कि डॉ. काशिफ देवबंद के इल्म-ओ-अदब की परंपरा को कायम रखेंगे।
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