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खतरनाक है चाइनीज मांझा, न करें इस्तेमाल
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मुजफ्फरनगर। मकर संक्रांति और वसंत पंचमी पर पतंगबाजी की धूम रहेगी। पतंगबाज धारदार चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करते हैं लेकिन यह बेहद खतरनाक हो सकता है। कई बार यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। क्षण भर में ही शरीर के अंगों को काट देता है। इसलिए शासन-प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद देहात क्षेत्र में और शहर में चोरी छिपे चाइनीज मांझे की बिक्री हो रही है।
पतंग और मांझा विक्रेताओं के लिए मकर संक्रांति और वसंत पंचमी का त्योहार सीजन की तरह होता है। इसके लिए वे पहले से ही पतंग और मांझे के आर्डर बुक कर देते हैं। वैसे तो चाइनीज मांझे की बिक्री पर पाबंदी है लेकिन कुछ विक्रेता चोरी-छिपे इसे बेच रहे हैं लेकिन यह मांझा पतंगबाजी के शौकीनों के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। यह मांझा तेज धार वाला होता है तथा जानलेवा हो सकता है।
कई लोग हो चुके हैं घायल
चाइनीज मांझे के कारण हर साल कोई न कोई घटना होती है। गत वर्ष बाइक पर आगे बैठा शाहपुर निवासी मौसम का दस साल का बेटा सलमान गंभीर रूप से घायल हो गया था। गांधी कॉलोनी में मांझे से नौ वर्षीय तपन की एक उंगली कट गई थी। कुछ दिन पूर्व ही जिला स्पोटर्स स्टेडियम के पास तार से लटक रहे मांझे में एक बाइक सवार नुमायश कैंप निवासी मुकेश की गर्दन फंस गई थी। गनीमत रही कि उसने तुरंत ही बाइक रोक ली, इसके बावजूद उसकी गर्दन पर गहरा घाव हो गया था।
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पक्षियों के लिए भी खतरनाक
पतंग उड़ाने के दौरान यदि कोई पक्षी चाइनीज मांझे की चपेट में आ जाए तो वह भी घायल हो सकता है। कुछ माह पूर्व ही एक हॉर्नबिल पक्षी एक डिग्री कॉलेज में मांझे में लिपटा मिला था। शिक्षकों ने उसे मांझे से मुक्त कराया था।
एसडीएम और थानाध्यक्षों को जारी किए निर्देश
सहारनपुर में चाइनीज मांझे के कारण उत्कल एक्सप्रेस में आग लगने से बाल-बाल बची थी। इसके बाद मंडलायुक्त संजय कुमार ने जिला प्रशासन को चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। सभी तहसीलों में एसडीएम और संबंधित थानाध्यक्षों को चाइनीज मांगे की बिक्री रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि चाइनीज मांझे की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। पतंग विक्रेताओं के यहां निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
पतंग उड़ाते समय बरतें सावधानी
- जहां तक संभव हो छत के बजाए खुले स्थान पर पतंग उड़ाएं।
- यदि छत पर पतंग उड़ा रहे हैं तो उसकी चहारदीवारी ऊंची हों।
- चाइनीज मांझे का न करें इस्तेमाल, साधारण मांझा और सादा धागा ही बेहतर।
- हाथों में दस्ताने पहनकर उड़ाए पतंग।
- छोटे बच्चों को छत पर न चढ़ऩे दें।
- पतंग लूटने के लिए बेतहाशा न दौड़ें, दुर्घटना हो सकती है।
- चोट लगने पर तुरंत पहुंचें नजदीकी अस्पताल।
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पतंग और मांझा विक्रेताओं के लिए मकर संक्रांति और वसंत पंचमी का त्योहार सीजन की तरह होता है। इसके लिए वे पहले से ही पतंग और मांझे के आर्डर बुक कर देते हैं। वैसे तो चाइनीज मांझे की बिक्री पर पाबंदी है लेकिन कुछ विक्रेता चोरी-छिपे इसे बेच रहे हैं लेकिन यह मांझा पतंगबाजी के शौकीनों के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। यह मांझा तेज धार वाला होता है तथा जानलेवा हो सकता है।
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कई लोग हो चुके हैं घायल
चाइनीज मांझे के कारण हर साल कोई न कोई घटना होती है। गत वर्ष बाइक पर आगे बैठा शाहपुर निवासी मौसम का दस साल का बेटा सलमान गंभीर रूप से घायल हो गया था। गांधी कॉलोनी में मांझे से नौ वर्षीय तपन की एक उंगली कट गई थी। कुछ दिन पूर्व ही जिला स्पोटर्स स्टेडियम के पास तार से लटक रहे मांझे में एक बाइक सवार नुमायश कैंप निवासी मुकेश की गर्दन फंस गई थी। गनीमत रही कि उसने तुरंत ही बाइक रोक ली, इसके बावजूद उसकी गर्दन पर गहरा घाव हो गया था।
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पक्षियों के लिए भी खतरनाक
पतंग उड़ाने के दौरान यदि कोई पक्षी चाइनीज मांझे की चपेट में आ जाए तो वह भी घायल हो सकता है। कुछ माह पूर्व ही एक हॉर्नबिल पक्षी एक डिग्री कॉलेज में मांझे में लिपटा मिला था। शिक्षकों ने उसे मांझे से मुक्त कराया था।
एसडीएम और थानाध्यक्षों को जारी किए निर्देश
सहारनपुर में चाइनीज मांझे के कारण उत्कल एक्सप्रेस में आग लगने से बाल-बाल बची थी। इसके बाद मंडलायुक्त संजय कुमार ने जिला प्रशासन को चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। सभी तहसीलों में एसडीएम और संबंधित थानाध्यक्षों को चाइनीज मांगे की बिक्री रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि चाइनीज मांझे की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। पतंग विक्रेताओं के यहां निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
पतंग उड़ाते समय बरतें सावधानी
- जहां तक संभव हो छत के बजाए खुले स्थान पर पतंग उड़ाएं।
- यदि छत पर पतंग उड़ा रहे हैं तो उसकी चहारदीवारी ऊंची हों।
- चाइनीज मांझे का न करें इस्तेमाल, साधारण मांझा और सादा धागा ही बेहतर।
- हाथों में दस्ताने पहनकर उड़ाए पतंग।
- छोटे बच्चों को छत पर न चढ़ऩे दें।
- पतंग लूटने के लिए बेतहाशा न दौड़ें, दुर्घटना हो सकती है।
- चोट लगने पर तुरंत पहुंचें नजदीकी अस्पताल।