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दिव्या काकरान ने एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता

Fri, 16 Apr 2021 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 11:55 PM IST
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Divya won Gold, Celebration in Purbaliyan
मंसूरपुर के गांव पुरबालियान की गोल्ड मेडल के साथ महिला पहलवान दिव्या काकरान - फोटो : KHATAULI
दिव्या ने जीता गोल्ड, पुरबालियान में जश्न
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव पुरबालियान की महिला पहलवान दिव्या काकरान ने एशियन सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर गांव, क्षेत्र और देश का नाम रोशन किया है। दिव्या के गोल्ड मेडल जीतने से उसके परिवार, गांव तथा क्षेत्र में खुशी की लहर है।
अंतरराष्ट्रीय अर्जुन अवॉर्डी दिव्या काकरान के पिता पहलवान सूरजवीर ने बताया कि बेटी ने कजाकिस्तान में 13 अप्रैल से तक चल रही सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में 72 किलोग्राम वर्ग में शुक्रवार को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की पहलवान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
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फाइनल में उसका मुकाबला कोरिया की पहलवान पार्कऐस हुआ। फाइनल में हुए रोमांचक मुकाबले में दिव्या ने कोरिया की पहलवान को चितकर गोल्ड मेडल जीत लिया। दिव्या अब तक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 74 मेडल जीत चुकी है। दिव्या के एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने से उसके परिवार, गांव पुरबालियान तथा मंसूरपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। दादा राजेंद्र सिंह, दादी प्रेमवती, चाचा मोहनवीर, चाची शर्मिष्ठा तथा अन्य परिवारजनों सहित ग्रामीणों के साथ एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं। दिव्या का भाई दीपक भी बड़ा पहलवान है।
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ओलंपिक में पदक जीतना है लक्ष्य
पिता सूरजवीर ने बताया कि दिव्या एशियन चैंपियनशिप तथा राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुकी है। अब दिव्या का लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक खेलों में पदक जीतना है। इसी को ध्यान में रखकर वह अब आगे तैयारी करेगी।

लड़कों को भी दी पटखनी
महिला पहलवान दिव्या को कुश्ती लड़ने का शौक विरासत में मिला। दिव्या के दादा राजेंद्र सिंह तथा पिता सूरजवीर भी पहलवान रहे हैं। दिव्या ने अपने दादा तथा पिता से कुश्ती की बारीकियां सीखी। दिव्या जब अखाड़े में जाती थी, तो उसके साथ कुश्ती लड़ने के लिए कोई लड़की नहीं मिलती तो वह लड़कों के साथ कुश्ती लड़ती थी।
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