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मंडलायुक्त ने एडीएम को सौंपी जांच, क्लर्क निलंबित
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नलकूप खण्ड का अधिष्ठान विभाग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। नलकूप खंड कार्यालय की अलमारी में जीपीएफ के दस्तावेज जलाए जाने के मामले में पटल क्लर्क को भी निलंबित कर दिया गया है। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने प्रकरण की जांच के लिए एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। जिन तीन कर्मचारियों के खाते में रुपये पहुंचे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए हैं।
मंडलायुक्त सहारनपुर ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सहारनपुर के मंडलीय अपर निदेशक कोषागार गोविंद शुक्ला और नलकूप कार्यालय के मंडल अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश शर्मा की टीम गठित की है। सोमवार को यह टीम नलकूप कार्यालय के कर्मचारियों के बयान लेगी और प्रकरण की जांच शुरू करेगी। अधिशासी अभियंता नलकूप खंड अनिल कुमार ने बताया कि अधिष्ठान अनुभाग में फाइल जलाए जाने के मामले की जांच चल रही है। पटल देख रहे क्लर्क अंकुल को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले आरोपी मुंशी विशाल को निलंबित किया गया था। विशाल को नलकूप खंड आगरा में अटैच किया गया है।
नलकूप विभाग की इस टीम ने की जांच
अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकरी सचिन वर्मा मामले की जांच कर रहे हैं। अधिष्ठान अनुभाग खुलवाकर टीम ने दो दिन जांच पड़ताल की थी।
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ये है मामला
मेरठ रोड पर डीएम आवास के पास नलकूप खंड कार्यालय है। कार्यालय की एक अलमारी में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि नलकूप चालक नरेश चंद को दस्तावेजों में चौकीदार दर्शाकर नई पेंशन स्कीम के चलते 13.20 लाख का भुगतान कर दिया गया है। जबकि नरेश ने कोषागार में इस संबंध में आवेदन नहीं किया है। आग लगाने के पीछे जीपीएफ घोटाले की आशंका है। करीब 30 लाख रुपये का रकम जीपीएफ खातों से निकाली गई है।
नलकूप और कोषागार के कर्मचारियों की जांच
प्रकरण में नलकूप और कोषागार के कर्मचारियों की जांच भी कराई जा रही है। कई अधिकारी और कर्मचारी सवालों के घेरे में है।
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मंडलायुक्त सहारनपुर ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सहारनपुर के मंडलीय अपर निदेशक कोषागार गोविंद शुक्ला और नलकूप कार्यालय के मंडल अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश शर्मा की टीम गठित की है। सोमवार को यह टीम नलकूप कार्यालय के कर्मचारियों के बयान लेगी और प्रकरण की जांच शुरू करेगी। अधिशासी अभियंता नलकूप खंड अनिल कुमार ने बताया कि अधिष्ठान अनुभाग में फाइल जलाए जाने के मामले की जांच चल रही है। पटल देख रहे क्लर्क अंकुल को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले आरोपी मुंशी विशाल को निलंबित किया गया था। विशाल को नलकूप खंड आगरा में अटैच किया गया है।
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नलकूप विभाग की इस टीम ने की जांच
अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकरी सचिन वर्मा मामले की जांच कर रहे हैं। अधिष्ठान अनुभाग खुलवाकर टीम ने दो दिन जांच पड़ताल की थी।
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ये है मामला
मेरठ रोड पर डीएम आवास के पास नलकूप खंड कार्यालय है। कार्यालय की एक अलमारी में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि नलकूप चालक नरेश चंद को दस्तावेजों में चौकीदार दर्शाकर नई पेंशन स्कीम के चलते 13.20 लाख का भुगतान कर दिया गया है। जबकि नरेश ने कोषागार में इस संबंध में आवेदन नहीं किया है। आग लगाने के पीछे जीपीएफ घोटाले की आशंका है। करीब 30 लाख रुपये का रकम जीपीएफ खातों से निकाली गई है।
नलकूप और कोषागार के कर्मचारियों की जांच
प्रकरण में नलकूप और कोषागार के कर्मचारियों की जांच भी कराई जा रही है। कई अधिकारी और कर्मचारी सवालों के घेरे में है।