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मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लगाई
Tue, 05 Feb 2019 12:30 AM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Tue, 05 Feb 2019 12:30 AM IST
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cultural
- फोटो : अमर उजाला
मोरना। माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया गया। साथ ही सोमवार का दिन होने से अधिक महत्ता के चलते भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर धर्मलाभ उठाया तथा दान कर अनुष्ठान में भाग लिया। शुकतीर्थ में मौनी अमावस्या के अवसर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगाघाट पर रही। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित गंगा स्नान कर धर्मलाभ उठाया।
रामानुज कोटि तिलकधारी आश्रम के महंत विष्णुदत्त जी महाराज ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन को बहुत महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है। मौनी अमावस्या अथवा सोमवती अमावस्या पर गंगा में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। मौनी अमावस्या पर मौन रहकर तथा शुद्ध आचरण करके स्नान करने से परिवार में शांति स्थापित होती है व सुख समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं ने अन्न व वस्त्रों आदि का दान किया व अनुष्ठान में भाग लिया। शुकदेव आश्रम, दंडी आश्रम, हनुमतधाम सहित अन्य आश्रम व मंदिरों में जाकर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए तथा प्रसाद चढ़ाया। आश्रमों में हवन भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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रामानुज कोटि तिलकधारी आश्रम के महंत विष्णुदत्त जी महाराज ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन को बहुत महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है। मौनी अमावस्या अथवा सोमवती अमावस्या पर गंगा में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। मौनी अमावस्या पर मौन रहकर तथा शुद्ध आचरण करके स्नान करने से परिवार में शांति स्थापित होती है व सुख समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं ने अन्न व वस्त्रों आदि का दान किया व अनुष्ठान में भाग लिया। शुकदेव आश्रम, दंडी आश्रम, हनुमतधाम सहित अन्य आश्रम व मंदिरों में जाकर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए तथा प्रसाद चढ़ाया। आश्रमों में हवन भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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