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अलर्ट मोड पर जनपद पुलिस-प्रशासन
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कलेक्ट्रेट में प्रेसवार्ता करती डीएम।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
अलर्ट मोड पर जनपद पुलिस-प्रशासन
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए नागरिकता संशोधन विधेयक को देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर जनपद पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। एक ओर जहां शहर व जनपद के मदरसों में पहुंचकर पुलिस थाना व चौकी प्रभारियों ने मदरसा संचालकों के साथ ही छात्रों से वार्ता करते हुए उन्हें विधेयक के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं, छात्र-छात्राओं से शांति बनाए रखने के साथ ही विधेयक को लेकर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न करने और विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने की अपील की गई। इससे पहले एसएसपी अभिषेक यादव के नेतृत्व में शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैगमार्च भी किया गया। अमर उजाला की टीम ने इस संबंध में सोमवार दोपहर पुलिस की गतिविधियों और कार्रवाई की पड़ताल की।
मदरसों में पहुंची पुलिस:
एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा रात में ही जनपद के सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के वर्ग विशेष के लोगों की मीटिंग बुलाने के साथ ही चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के मदरसों में जाकर संचालकों व छात्रों से वार्ता करने के निर्देश दिए गए। सोमवार सुबह से ही एक ओर जहां सभी थानों में एक वर्ग के लोगों की मीटिंग बुलाकर उन्हें नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं, मदरसों में पहुंचकर संचालकों के साथ ही उनमें पढ़ने वाले छात्रों को भी विधेयक की वास्तविकता से अवगत कराते हुए शांति व्यवसथा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। छात्र-छात्राओं से अपनेे भविष्य की खातिर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन न करने या उनमें शामिल नहीं होने की भी अपील की गई।
शहर क्षेत्र में हैं 46 मदरसे:
शहर के तीनों थाना क्षेत्रों में कुल 46 मदरसे हैं। इनमें शहर कोतवाली में 31, सिविल लाइंस क्षेत्र में नौ और नई मंडी थाना क्षेत्र में छह मदरसे हैं। इनमें से मुख्य रूप से सादात हॉस्टल, बागोवाली, मदरसा महमूदिया सरवट और मदरसा हुसैनिया सरवट आदि शामिल हैं।
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एक कॉलेज में छात्र इकट्ठा होने से हड़कंप:
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर शहर के एक कॉलेज में एक वर्ग के छात्रों के इकट्ठा होने की सूचना से हड़कंप मच गया। छात्रों ने विधेयक के विरोध में विरोध मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन देने की बात कही। इसकी सूचना मिलते ही आनन-फानन में अफसर पुलिस को साथ लेकर दौड़ पड़े और कॉलेज में पहुंचकर छात्रों से वार्ता की। इसके बाद छात्रों से कॉलेज परिसर में ही ज्ञापन लेकर उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया गया।
पांच कंपनी पीएसी व रिजर्व फोर्स अलर्ट:
जनपद में विधेयक को लेकर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर पांच कंपनी पीएसी और पुलिस लाइन के रिजर्व पुलिस फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय सूचना आने की स्थिति में फोर्स को महज पांच मिनट के भीतर गंतव्य के लिए रवाना किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर गड़ी नजरें:
नागरिकता संशोधन विधेेयक को लेकर सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। सभी व्हाट्सएप ग्रुपों के एडमिन के साथ ही अन्य लोगों को भी सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ या आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो नहीं डालने के लिए सचेत किया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैगमार्च:
रविवार देर रात शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में एसएसपी के नेतृत्व में फ्लैगमार्च किया गया। अफसरों ने मीनाक्षी चौक से होकर खालापार, खादरवाला, प्रेमपुरी, ईदगाह और शामली स्टैंड होते हुए शिवचौक तक पहुंचकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। सीओ सिटी दीक्षा शर्मा, शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान, एसओ सिविल लाइंस समयपाल अत्री समेत पूरा अमला मौजूद रहा।
एक चौकी प्रभारी ऐसे भी
मुजफ्फरनगर। विधेयक को लेकर जनपद भर में जारी अलर्ट के बीच एक चौकी प्रभारी ऐसे भी हैं, जो एसएसपी अभिषेक यादव के दिशा-निर्देशों से ही अनभिज्ञ हैं। दरअसल, एसएसपी ने सभी थाना व चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में स्थित मदरसों में पहुंचकर संचालकों व छात्रों से वार्ता करने के निर्देश दिए थे। इनमें से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कच्ची सड़क चौकी ऐसी थी, जहां कोई भी मौजूद नहीं मिला। जब चौकी प्रभारी सुरेंद्र राव से फोन पर वार्ता कर मदरसों में पहुंचने के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने एसएसपी के दिशा-निर्देशों से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई।
इन्होंने कहा ........
डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि छात्र-छात्राएं किसी भी आंदोलन में भाग लेकर अपने भविष्य से खिलवाड़ न करें। एक बार पुलिस रिकॉर्ड में नाम आने पर पूरी जिंदगी नौकरी नहीं लग पाती है, जिससे भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसलिए सभी युवाओं से अपील है कि वे शांति बनाए रखें।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि विधेयक को लेकर जनपद में पूरी तरह से शांति है। सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। मदरसा संचालकों व छात्रों से भी कानून व्यवस्था का पालन करने और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज डालने या फारवर्ड करने के साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जनपद पुलिस को दिए गए हैं।
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए नागरिकता संशोधन विधेयक को देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर जनपद पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। एक ओर जहां शहर व जनपद के मदरसों में पहुंचकर पुलिस थाना व चौकी प्रभारियों ने मदरसा संचालकों के साथ ही छात्रों से वार्ता करते हुए उन्हें विधेयक के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं, छात्र-छात्राओं से शांति बनाए रखने के साथ ही विधेयक को लेकर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न करने और विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने की अपील की गई। इससे पहले एसएसपी अभिषेक यादव के नेतृत्व में शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैगमार्च भी किया गया। अमर उजाला की टीम ने इस संबंध में सोमवार दोपहर पुलिस की गतिविधियों और कार्रवाई की पड़ताल की।
मदरसों में पहुंची पुलिस:
एसएसपी अभिषेक यादव द्वारा रात में ही जनपद के सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के वर्ग विशेष के लोगों की मीटिंग बुलाने के साथ ही चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के मदरसों में जाकर संचालकों व छात्रों से वार्ता करने के निर्देश दिए गए। सोमवार सुबह से ही एक ओर जहां सभी थानों में एक वर्ग के लोगों की मीटिंग बुलाकर उन्हें नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं, मदरसों में पहुंचकर संचालकों के साथ ही उनमें पढ़ने वाले छात्रों को भी विधेयक की वास्तविकता से अवगत कराते हुए शांति व्यवसथा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। छात्र-छात्राओं से अपनेे भविष्य की खातिर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन न करने या उनमें शामिल नहीं होने की भी अपील की गई।
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शहर क्षेत्र में हैं 46 मदरसे:
शहर के तीनों थाना क्षेत्रों में कुल 46 मदरसे हैं। इनमें शहर कोतवाली में 31, सिविल लाइंस क्षेत्र में नौ और नई मंडी थाना क्षेत्र में छह मदरसे हैं। इनमें से मुख्य रूप से सादात हॉस्टल, बागोवाली, मदरसा महमूदिया सरवट और मदरसा हुसैनिया सरवट आदि शामिल हैं।
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एक कॉलेज में छात्र इकट्ठा होने से हड़कंप:
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर शहर के एक कॉलेज में एक वर्ग के छात्रों के इकट्ठा होने की सूचना से हड़कंप मच गया। छात्रों ने विधेयक के विरोध में विरोध मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन देने की बात कही। इसकी सूचना मिलते ही आनन-फानन में अफसर पुलिस को साथ लेकर दौड़ पड़े और कॉलेज में पहुंचकर छात्रों से वार्ता की। इसके बाद छात्रों से कॉलेज परिसर में ही ज्ञापन लेकर उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया गया।
पांच कंपनी पीएसी व रिजर्व फोर्स अलर्ट:
जनपद में विधेयक को लेकर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर पांच कंपनी पीएसी और पुलिस लाइन के रिजर्व पुलिस फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय सूचना आने की स्थिति में फोर्स को महज पांच मिनट के भीतर गंतव्य के लिए रवाना किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर गड़ी नजरें:
नागरिकता संशोधन विधेेयक को लेकर सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। सभी व्हाट्सएप ग्रुपों के एडमिन के साथ ही अन्य लोगों को भी सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ या आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो नहीं डालने के लिए सचेत किया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैगमार्च:
रविवार देर रात शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में एसएसपी के नेतृत्व में फ्लैगमार्च किया गया। अफसरों ने मीनाक्षी चौक से होकर खालापार, खादरवाला, प्रेमपुरी, ईदगाह और शामली स्टैंड होते हुए शिवचौक तक पहुंचकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। सीओ सिटी दीक्षा शर्मा, शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान, एसओ सिविल लाइंस समयपाल अत्री समेत पूरा अमला मौजूद रहा।
एक चौकी प्रभारी ऐसे भी
मुजफ्फरनगर। विधेयक को लेकर जनपद भर में जारी अलर्ट के बीच एक चौकी प्रभारी ऐसे भी हैं, जो एसएसपी अभिषेक यादव के दिशा-निर्देशों से ही अनभिज्ञ हैं। दरअसल, एसएसपी ने सभी थाना व चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में स्थित मदरसों में पहुंचकर संचालकों व छात्रों से वार्ता करने के निर्देश दिए थे। इनमें से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कच्ची सड़क चौकी ऐसी थी, जहां कोई भी मौजूद नहीं मिला। जब चौकी प्रभारी सुरेंद्र राव से फोन पर वार्ता कर मदरसों में पहुंचने के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने एसएसपी के दिशा-निर्देशों से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई।
इन्होंने कहा ........
डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि छात्र-छात्राएं किसी भी आंदोलन में भाग लेकर अपने भविष्य से खिलवाड़ न करें। एक बार पुलिस रिकॉर्ड में नाम आने पर पूरी जिंदगी नौकरी नहीं लग पाती है, जिससे भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसलिए सभी युवाओं से अपील है कि वे शांति बनाए रखें।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि विधेयक को लेकर जनपद में पूरी तरह से शांति है। सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। मदरसा संचालकों व छात्रों से भी कानून व्यवस्था का पालन करने और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज डालने या फारवर्ड करने के साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जनपद पुलिस को दिए गए हैं।