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Muzaffarnagar News: जिला जज बताई वकीलों और वादकारियों की समस्याएं
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- बार संघ ने जिला जज को कराया कचहरी की समस्याओं से अवगत
- पदाधिकारियों ने वकीलों और वादकारियों की गिनाई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल जिंदल एवं महासचिव जितेंद्र कुमार ने जिला सत्र न्यायाधीश चवन प्रकाश से मुलाकात की। रोजमर्रा के कार्यों में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। इस दौरान वकीलों और वादकारियों की समस्याओं संबंधी एक पत्र सौंपा।
बार संघ की कार्यकारिणी की बैठक में वकीलों और वादकारियों की समस्याओं पर विचार विमर्श हुआ। कमेटी के प्रस्ताव के बाद बार के पदाधिकारी शुक्रवार को समस्याओं को लेकर जनपद न्यायाधीश से मिले। उन्हें अवगत कराया कि बार काउंसिल के पंजीकृत अधिवक्ता एडवोकेट एक्ट के निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करते हुए संबंधित न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होंगे। नागरिकों द्वारा किसी आपराधिक घटना की सूचना निकटस्थ मजिस्ट्रेट अथवा पुलिस को देना चाहेगा, तो दंड प्रक्रिया संहिता का पालन करते हुए ऐसी सूचना अधिवक्ता के माध्यम से प्रदान कर सकेगा। जिसे न्यायालय द्वारा पंजीकृत किया जा सके। ऐसे आपराधिक वाद जो सिर्फ जुर्माने की राशि से दंडनीय है। उन्हें संबंधित व्यक्ति अधिवक्ता के माध्यम से ही न्यायालय में पैरवी कराएगा।
बताया कि जमानत मंजूर होने के बाद जमानतदार के सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी एवं जटिल प्रक्रिया के चलते जमानत पाने वाला व्यक्ति कई दिन तक कारागार से नहीं छूट पाता है। जिसमें वकीलों को भी दिक्कत होती है। जबकि संपत्ति का ब्यौरा और आधार के रूप में व्यक्तियों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहता है। ऐसे में ऑनलाइन जमानतदारों का प्रोविजनल सत्यापन के बाद वादकारियों को तात्कालिक राहत प्रदान करते हुए बाद में भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि बार संघ न्यायालयों में कार्यों के दौरान अधिवक्तागण, पीठासीन अधिकारी एवं न्यायिक कर्मचारियों के बीच सौहार्द एवं सामंजस्य का माहौल बनाने के लिए प्रयासरत है। न्यायालयों के कार्यालयों में कर्मचारियों के अलावा अनाधिकृत व्यक्ति, जो कर्मचारी का दायित्व निर्वहन कर रहे है। जो अवैध होने के साथ दुर्व्यवहार एवं भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को जन्म दे रहे हैं। उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है। इनके अलावा न्यायालय कक्षों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था कराए जाने की बात रखी। अध्यक्ष अनिल जिंदल ने बताया जिला जज ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निराकरण का आश्वासन दिया है।
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- पदाधिकारियों ने वकीलों और वादकारियों की गिनाई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल जिंदल एवं महासचिव जितेंद्र कुमार ने जिला सत्र न्यायाधीश चवन प्रकाश से मुलाकात की। रोजमर्रा के कार्यों में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। इस दौरान वकीलों और वादकारियों की समस्याओं संबंधी एक पत्र सौंपा।
बार संघ की कार्यकारिणी की बैठक में वकीलों और वादकारियों की समस्याओं पर विचार विमर्श हुआ। कमेटी के प्रस्ताव के बाद बार के पदाधिकारी शुक्रवार को समस्याओं को लेकर जनपद न्यायाधीश से मिले। उन्हें अवगत कराया कि बार काउंसिल के पंजीकृत अधिवक्ता एडवोकेट एक्ट के निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करते हुए संबंधित न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होंगे। नागरिकों द्वारा किसी आपराधिक घटना की सूचना निकटस्थ मजिस्ट्रेट अथवा पुलिस को देना चाहेगा, तो दंड प्रक्रिया संहिता का पालन करते हुए ऐसी सूचना अधिवक्ता के माध्यम से प्रदान कर सकेगा। जिसे न्यायालय द्वारा पंजीकृत किया जा सके। ऐसे आपराधिक वाद जो सिर्फ जुर्माने की राशि से दंडनीय है। उन्हें संबंधित व्यक्ति अधिवक्ता के माध्यम से ही न्यायालय में पैरवी कराएगा।
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बताया कि जमानत मंजूर होने के बाद जमानतदार के सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी एवं जटिल प्रक्रिया के चलते जमानत पाने वाला व्यक्ति कई दिन तक कारागार से नहीं छूट पाता है। जिसमें वकीलों को भी दिक्कत होती है। जबकि संपत्ति का ब्यौरा और आधार के रूप में व्यक्तियों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहता है। ऐसे में ऑनलाइन जमानतदारों का प्रोविजनल सत्यापन के बाद वादकारियों को तात्कालिक राहत प्रदान करते हुए बाद में भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि बार संघ न्यायालयों में कार्यों के दौरान अधिवक्तागण, पीठासीन अधिकारी एवं न्यायिक कर्मचारियों के बीच सौहार्द एवं सामंजस्य का माहौल बनाने के लिए प्रयासरत है। न्यायालयों के कार्यालयों में कर्मचारियों के अलावा अनाधिकृत व्यक्ति, जो कर्मचारी का दायित्व निर्वहन कर रहे है। जो अवैध होने के साथ दुर्व्यवहार एवं भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को जन्म दे रहे हैं। उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है। इनके अलावा न्यायालय कक्षों में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था कराए जाने की बात रखी। अध्यक्ष अनिल जिंदल ने बताया जिला जज ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निराकरण का आश्वासन दिया है।