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Muzaffarnagar News: मंसूरपुर के मैदान पर ध्यानचंद ने दिखाया था हॉकी का जादू
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1956 में मंसूरपुर में हॉकी खेलने आये मेजर ध्यानचंद ऊपर से तीसरी लाइन में दाएं सेकाले कोट में
- फोटो : टूंडला में पत्रकारों से वार्ता करते सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन।
हरपाल सिंह
मंसूरपुर। ओलंपिक में देश को लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की यादें मंसूरपुर से भी जुड़ी हुई हैं। शुगर मिल के मैदान पर भी 1956 में हॉकी खेलने के लिए आए थे। खेल प्रेमियों ने उनका ऐतिहासिक अभिनंदन किया था।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्म दिवस 29 अगस्त खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मिल मंसूरपुर के पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह बताते हैं कि मंसूरपुर और शामली शुगर मिल सरशादी लाल ग्रुप के पास थी। उस समय मिल मालिक दोनों मिलों के मैदान पर प्रदेश और नेशनल लेवल के हॉकी के मैच कराते थे। 1956 में नेशनल स्टार हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था, जिसमें देश की एक दर्जन से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया था। उस समय के राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी केडी बाबू, आईएस जेंटल, सरदार महेंद्र सिंह भी खेलने आए थे। मेजर ध्यानचंद इस टूर्नामेंट में खेले थे। उनकी टीम का मुकाबला रुड़की मिलिट्री की टीम से हुआ था, जिसमें मेजर ध्यानचंद की टीम दो गोल से विजयी हुई थी।
घनश्याम सिंह प्रधान बताते हैं कि उसे समय उनके पिताजी स्वर्गीय हर स्वरूप मंसूरपुर हॉकी टीम के कप्तान थे। उनके पिता और अन्य स्थानीय खिलाड़ियों तथा अन्य अतिथियों ने मेजर ध्यानचंद के साथ फोटो ग्रुप भी कराया था, जो आज भी उनके पास यादगार के रूप में सुरक्षित रखा हुआ है।
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वो हॉकी का जुनून, जब देखने आते थे किसान
टूर्नामेंट के दौरान मंसूरपुर में उत्सव का माहौल था।आसपास के लोग भैंसा-बुग्गी और बैलगाड़ी में बैठकर मैच देखने के लिए आए थे। खेल प्रेमियों ने मेजर ध्यानचंद का अभिनंदन किया गया था।
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मंसूरपुर। ओलंपिक में देश को लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलाने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की यादें मंसूरपुर से भी जुड़ी हुई हैं। शुगर मिल के मैदान पर भी 1956 में हॉकी खेलने के लिए आए थे। खेल प्रेमियों ने उनका ऐतिहासिक अभिनंदन किया था।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्म दिवस 29 अगस्त खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मिल मंसूरपुर के पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह बताते हैं कि मंसूरपुर और शामली शुगर मिल सरशादी लाल ग्रुप के पास थी। उस समय मिल मालिक दोनों मिलों के मैदान पर प्रदेश और नेशनल लेवल के हॉकी के मैच कराते थे। 1956 में नेशनल स्टार हॉकी टूर्नामेंट आयोजित किया गया था, जिसमें देश की एक दर्जन से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया था। उस समय के राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी केडी बाबू, आईएस जेंटल, सरदार महेंद्र सिंह भी खेलने आए थे। मेजर ध्यानचंद इस टूर्नामेंट में खेले थे। उनकी टीम का मुकाबला रुड़की मिलिट्री की टीम से हुआ था, जिसमें मेजर ध्यानचंद की टीम दो गोल से विजयी हुई थी।
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घनश्याम सिंह प्रधान बताते हैं कि उसे समय उनके पिताजी स्वर्गीय हर स्वरूप मंसूरपुर हॉकी टीम के कप्तान थे। उनके पिता और अन्य स्थानीय खिलाड़ियों तथा अन्य अतिथियों ने मेजर ध्यानचंद के साथ फोटो ग्रुप भी कराया था, जो आज भी उनके पास यादगार के रूप में सुरक्षित रखा हुआ है।
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टूर्नामेंट के दौरान मंसूरपुर में उत्सव का माहौल था।आसपास के लोग भैंसा-बुग्गी और बैलगाड़ी में बैठकर मैच देखने के लिए आए थे। खेल प्रेमियों ने मेजर ध्यानचंद का अभिनंदन किया गया था।