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शहर में 44 करोड़ की विकास योजनाओं पर लगा ग्रहण

Thu, 24 Jun 2021 12:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jun 2021 12:16 AM IST
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Development plans of 44 crores eclipsed in the city
शहर में 44 करोड़ की विकास योजनाओं पर लगा ग्रहण
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के पास इस समय 44 करोड़ रुपये पड़ा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और ईओ हेमराज में समन्वय नहीं होने के कारण इस धनराशि का उपयोग विकास कार्यों पर नहीं हो पा रहा है। शहर के विकास कार्यों की योजनाएं अधर में लटक गई है।
नगरपालिका को सरकार से इस वर्ष 15वें वित्त में नौ करोड़ 17 लाख रुपये सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए मिला है। नौ करोड़ 17 लाख ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने के लिए जारी हुआ है। चार लाख 58 हजार 500 रुपया निर्माण कार्यों के लिए जारी किया गया है। 15 वें वित्त में ये करीब 23 करोड़ रुपये पालिका को मिला है। धनराशि आए काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक इस धनराशि को खर्च करने का प्रस्ताव तक नहीं बना है। चेयरपर्सन कहती हैं कि मौखिक और लिखित में ईओ से प्रस्ताव तैयार करने के लिए कह चुकी हैं, लेकिन ईओ सुनते ही नहीं हैं। प्रस्तावों की स्वीकृति जिलास्तरीय समिति देती है। हालांकि प्रस्ताव नहीं बनने के कारण अभी तक जिलास्तरीय समिति के पास गए ही नहीं है। इसी के साथ 14 वें और 15 वें वित्त के 19 करोड़ के कार्य बीच में ही पड़े हैं। इनमें से कुछ कार्य हो चुके हैं तो उनका भुगतान नहीं हुआ है। कुछ के टेंडर जारी हो गए हैं तो वर्क आर्डर जारी नहीं हो पाया है। सारी प्रक्रियाएं अधर में हैं। विकास कार्यों को मानों यहां कोई ग्रहण लग गया है। शहर के लोग पालिका में व्यवधान को प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल और चेयरपर्सन के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के रूप में देख रहे हैं।
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कूड़ा प्लांट भुगतान नहीं होने पर बंद हुआ
मुजफ्फरनगर। शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए लगाया गया प्लांट यहां बंद हो गया है। पालिका ने प्लांट संचालन का 39 लाख 50 हजार का भुगतान हीं नहीं किया है। इस कारण उसने प्लांट बंद कर दिया है।
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लिखित आदेश दिए गए हैं: अंजू
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि जिन ठेकेदारों ने अपना काम पूरा कर लिया है उनके भुगतान के आदेश वह दे चुकी हैं। जिन कार्यों का प्रस्ताव बनना है उनके बारे में मौखिक और लिखित रूप में कहा जा चुका है। ईओ उनकी बात सुनने को ही तैयार नहीं हैं।
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