{"_id":"614235fc8ebc3ee530027b6f","slug":"demonstration-against-the-government-by-taking-out-procession-of-farmers-devband-news-mrt556386745","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
विज्ञापन
एसडीएम को मांगों के संबंध में ज्ञापन देते किसान
- फोटो : DEVBAND
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों का जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
देवबंद। पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को 14 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर मांगों को पूरा कराने की मांग की।
सहारनपुर मार्ग स्थित जामिया तिब्बिया कॉलेज से बुधवार को किसान निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रेलवे रोड स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति पहुंचे। जहां धरना-प्रदर्शन किया गया। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। किसान खेती बचाने के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहा है। सरकार डंडे के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है। किसान अत्याचार का समय पर आने पर जबाव देंगे।
प्रदर्शन के उपरांत धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम राकेश सिंह को किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित कर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण कराने, किसानों के सभी कर्ज माफ करने, किसानों के खेती वास्ते निशुल्क बिजली व 50 लीटर डीजल देने, डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने, मनरेगा को खेती से जोड़ने, गन्ना मूल्य 600 रुपये कुंतल घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने और बिजली एवं पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दाम घटाने की मांग शामिल रही। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद। पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को 14 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर मांगों को पूरा कराने की मांग की।
सहारनपुर मार्ग स्थित जामिया तिब्बिया कॉलेज से बुधवार को किसान निजी वाहनों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रेलवे रोड स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति पहुंचे। जहां धरना-प्रदर्शन किया गया। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। किसान खेती बचाने के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहा है। सरकार डंडे के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है। किसान अत्याचार का समय पर आने पर जबाव देंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के उपरांत धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम राकेश सिंह को किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित कर पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण कराने, किसानों के सभी कर्ज माफ करने, किसानों के खेती वास्ते निशुल्क बिजली व 50 लीटर डीजल देने, डॉ. एमएस स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने, मनरेगा को खेती से जोड़ने, गन्ना मूल्य 600 रुपये कुंतल घोषित करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने और बिजली एवं पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दाम घटाने की मांग शामिल रही। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन