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देश में लगातार गिर रहे हैं लोकतांत्रिक मूल्य
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देश में लगातार गिर रहे हैं लोकतांत्रिक मूल्य
मुजफ्फरनगर। देश में लोकतांत्रिक मूल्य लगातार गिर रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की सहमति से ही सरकार बनती है, लेकिन असहमति के महत्व को कम नहीं किया जा सकता। मीडिया का लोकतंत्र में महत्वपूर्ण रोल है, इसे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए।
जैन कन्या डिग्री कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विनीता जैन का कहना है कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों में गिरावट आई है। लोकतंत्र में विरोध प्रकट करने की आजादी को कोई छीन नहीं सकता, इसी से हमारे लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है। लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया के बीच से आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे गायब हो रहे हैं। ऐसे मुद्दों को उछाला जाता है, जिनका राष्ट्र और समाजहित से कोई लेना देना नहीं है। प्रजातंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को बोलने की आजादी है। डीएवी कॉलेज के राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ एनएन पंत का कहना है कि लोकतंत्र जनता की सहमति से चलता है, लेकिन असहमति को दर किनार नहीं किया जा सकता है, इसका भी अपना महत्व है। शासन करने वाले लोग असहमत की आवाज को दबा नहीं सकते। अल्पमत की आवाज भी सुनी जानी चाहिए। लोकतंत्र के चार स्तंभ है। सभी को अपनी उत्तरदायित्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। मीडिया की जिम्मेदारी है कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाए।
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मुजफ्फरनगर। देश में लोकतांत्रिक मूल्य लगातार गिर रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की सहमति से ही सरकार बनती है, लेकिन असहमति के महत्व को कम नहीं किया जा सकता। मीडिया का लोकतंत्र में महत्वपूर्ण रोल है, इसे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए।
जैन कन्या डिग्री कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विनीता जैन का कहना है कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों में गिरावट आई है। लोकतंत्र में विरोध प्रकट करने की आजादी को कोई छीन नहीं सकता, इसी से हमारे लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है। लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया के बीच से आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे गायब हो रहे हैं। ऐसे मुद्दों को उछाला जाता है, जिनका राष्ट्र और समाजहित से कोई लेना देना नहीं है। प्रजातंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को बोलने की आजादी है। डीएवी कॉलेज के राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ एनएन पंत का कहना है कि लोकतंत्र जनता की सहमति से चलता है, लेकिन असहमति को दर किनार नहीं किया जा सकता है, इसका भी अपना महत्व है। शासन करने वाले लोग असहमत की आवाज को दबा नहीं सकते। अल्पमत की आवाज भी सुनी जानी चाहिए। लोकतंत्र के चार स्तंभ है। सभी को अपनी उत्तरदायित्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। मीडिया की जिम्मेदारी है कि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाए।
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