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राजपुर और मंगनपुर में बनेंगे डिग्री कॉलेज
Sun, 03 Feb 2019 11:51 PM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sun, 03 Feb 2019 11:51 PM IST
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डिग्री कॉलेज।
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जिले में कई नई शिक्षण संस्थाएं शुरू होंगी। इनमें एक महिला पालीटेक्निक, दो डिग्री कॉलेज, दो आईटीआई और चार राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बनाए जाएंगे। इसके अलावा दो सीएचसी और तीन पेयजल परियोजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार से इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। अब केंद्र सरकार की सहमति का इंतजार है। करीब 109 करोड़ की इन सभी परियोजनाओं का निर्माण प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा।
अल्पसंख्यक बहुल आबादी वाले जिलों में संचालित मल्टी सेक्टोरियल डिस्ट्रिक डेवलपमेंट प्लान का नाम बदलकर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम रख दिया गया है। इसके तहत इस वर्ष जिला स्तर से कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इन सभी को प्रदेश सरकार ने मंजूरी देकर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। बताया जाता है कि वहां भी कुछ प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई है, जबकि कुछ पर शीघ्र ही सहमति बनने की उम्मीद है। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 109 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
भेजे गए प्रस्तावों में बुढ़ाना ब्लॉक के गांव राजपुर छाजपुर में महिला पालीटेक्निक का निर्माण शामिल है। इसके अलावा राजपुर छाजपुर में डिग्री कॉलेज और चरथावल ब्लॉक के मंगनपुरा गांव में महिला डिग्री कॉलेज बनेगा। शाहपुर ब्लॉक के गांव भौराकलां, जानसठ के मीरापुर दलपत में एक-एक आईटीआई, राजपुर छाजपुर, सदर ब्लॉक के गांव बिलासपुर, जानसठ के कुतुबपुर और मीरापुर दलपत में एक-एक राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है। राजपुर छाजपुर और मीरापुर दलपत में ही एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निर्माण किया जाना है। बुढ़ाना के गांव मंदवाड़ा, अलीपुर अटरना तथा जोगिया खेड़ा में एक-एक पेयजल परियोजना बननी है।
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जमीन का हो चुका है चयन
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित सभी शिक्षण संस्थाओं, स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल परियोजनाओं के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरतलाल गोंड ने बताया कि प्रदेश सरकार से प्रस्तावों को अनुमति मिल गई है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। संबंधित विभागों के माध्यम से इन प्रस्तावों पर काम होना है।
एमएसडीपी में हो चुके कई काम
मुजफ्फरनगर अल्पसंख्यक आबादी बहुल जिला है। खतौली को छोड़कर अन्य सभी ब्लॉकों में अल्पसंख्यकों की अच्छी-खासी आबादी रहती है। इसलिए इस जिले का चयन मल्टी सेक्टोरियल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान (एमएसडीपी) के तहत किया गया था। इसके तहत गांव जटवाड़ा गांव में एक पालीटेक्निक, मोरना के गांव भोपा, शाहपुर के कसेरवा तथा छपार में एक-एक आईटीआई का निर्माण हो चुका है। जिले में 14 राजकीय इंटर कॉलेज बन चुके हैं तथा दो निर्माणाधीन हैं।
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अल्पसंख्यक बहुल आबादी वाले जिलों में संचालित मल्टी सेक्टोरियल डिस्ट्रिक डेवलपमेंट प्लान का नाम बदलकर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम रख दिया गया है। इसके तहत इस वर्ष जिला स्तर से कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इन सभी को प्रदेश सरकार ने मंजूरी देकर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। बताया जाता है कि वहां भी कुछ प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई है, जबकि कुछ पर शीघ्र ही सहमति बनने की उम्मीद है। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 109 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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भेजे गए प्रस्तावों में बुढ़ाना ब्लॉक के गांव राजपुर छाजपुर में महिला पालीटेक्निक का निर्माण शामिल है। इसके अलावा राजपुर छाजपुर में डिग्री कॉलेज और चरथावल ब्लॉक के मंगनपुरा गांव में महिला डिग्री कॉलेज बनेगा। शाहपुर ब्लॉक के गांव भौराकलां, जानसठ के मीरापुर दलपत में एक-एक आईटीआई, राजपुर छाजपुर, सदर ब्लॉक के गांव बिलासपुर, जानसठ के कुतुबपुर और मीरापुर दलपत में एक-एक राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है। राजपुर छाजपुर और मीरापुर दलपत में ही एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निर्माण किया जाना है। बुढ़ाना के गांव मंदवाड़ा, अलीपुर अटरना तथा जोगिया खेड़ा में एक-एक पेयजल परियोजना बननी है।
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जमीन का हो चुका है चयन
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित सभी शिक्षण संस्थाओं, स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल परियोजनाओं के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरतलाल गोंड ने बताया कि प्रदेश सरकार से प्रस्तावों को अनुमति मिल गई है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। संबंधित विभागों के माध्यम से इन प्रस्तावों पर काम होना है।
एमएसडीपी में हो चुके कई काम
मुजफ्फरनगर अल्पसंख्यक आबादी बहुल जिला है। खतौली को छोड़कर अन्य सभी ब्लॉकों में अल्पसंख्यकों की अच्छी-खासी आबादी रहती है। इसलिए इस जिले का चयन मल्टी सेक्टोरियल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान (एमएसडीपी) के तहत किया गया था। इसके तहत गांव जटवाड़ा गांव में एक पालीटेक्निक, मोरना के गांव भोपा, शाहपुर के कसेरवा तथा छपार में एक-एक आईटीआई का निर्माण हो चुका है। जिले में 14 राजकीय इंटर कॉलेज बन चुके हैं तथा दो निर्माणाधीन हैं।