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नाजों से पाली थी बेटी और बेरहमी से कर दिया खून
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मुजफ्फरनगर। जिस बेटी को जन्म लेने के बाद से 19 वर्ष होने तक उसे लाड़-दुलार से पाला। उसकी शादी के सपने भी संजोये, लेकिन हत्या करते समय उसी बेटी की मां, चाचा व ताऊ के हाथ बिल्कुल नहीं कांपे। उन्होंने साजिश रचकर बेटी की गला दबाकर हत्या की थी।
हर मां अपनी बेटी को बड़े प्यार के साथ एक एक दिन उसे अपनी आंखों के सामने बड़ा होता देखती है। शादी के सपने भी संजोती है। सिसौली में एक बेटी ने परिवार की इज्जत को दांव पर लगाया तो मां गीता ने झूठी आन की खातिर अपने देवर ब्रहमपाल व जेठ रामपाल पुत्रगण इंद्रपाल तथा रवि व देवेंद्र पुत्र भोपाल, संदीप व कुलदीप पुत्र हरपाल, धर्मपाल पुत्र खिलारी व राजेंद्र पुत्र चौहल सिंह की मदद से बेटी की हत्या कर डाली। बेटी की हत्या करते समय किसी भी परिजन के हाथ नहीं कांपे और उन्होंने अपने ही खून से हाथ लाल कर लिये। शव जलाने के बाद हत्या करने वाले इन्हीं हाथों ने बेटी की अस्थि अपने ही खेत में दबाकर पानी भी चला दिया। पुलिस की माने , तो 9 फरवरी को युवती कोमल घर पहुंची तो उसी रात में साजिश रच कर घर पर ही हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद पड़ोसी राजेंद्र के छोटा हाथी में शव को खेत पर ले जाया गया। सभी ने सोचा था, कि उनका कृत्य किसी के सामने नहीं आएगा, लेकिन रात कें अंधेरे में किया अपराध सामने आ ही गया। झूठी आन की खातिर बेटी के खून से हाथ लाल करने वाली मां गीता व साजिश में शामिल राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
सबूत मिटाने को जलाया शव
रात के अंधेरे में बेटी की हत्या करने वाले क्रूर परिजनों ने सोचा था कि उनकी करतूत किसी के सामने उभर कर सामने नहीं आएगी। इसी सोच के चलते शव को जलाकर अस्थि खेत में दबाकर पानी चला दिया गया। बावजूद इसके हत्या का सबूत मिल गया।
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हर मां अपनी बेटी को बड़े प्यार के साथ एक एक दिन उसे अपनी आंखों के सामने बड़ा होता देखती है। शादी के सपने भी संजोती है। सिसौली में एक बेटी ने परिवार की इज्जत को दांव पर लगाया तो मां गीता ने झूठी आन की खातिर अपने देवर ब्रहमपाल व जेठ रामपाल पुत्रगण इंद्रपाल तथा रवि व देवेंद्र पुत्र भोपाल, संदीप व कुलदीप पुत्र हरपाल, धर्मपाल पुत्र खिलारी व राजेंद्र पुत्र चौहल सिंह की मदद से बेटी की हत्या कर डाली। बेटी की हत्या करते समय किसी भी परिजन के हाथ नहीं कांपे और उन्होंने अपने ही खून से हाथ लाल कर लिये। शव जलाने के बाद हत्या करने वाले इन्हीं हाथों ने बेटी की अस्थि अपने ही खेत में दबाकर पानी भी चला दिया। पुलिस की माने , तो 9 फरवरी को युवती कोमल घर पहुंची तो उसी रात में साजिश रच कर घर पर ही हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद पड़ोसी राजेंद्र के छोटा हाथी में शव को खेत पर ले जाया गया। सभी ने सोचा था, कि उनका कृत्य किसी के सामने नहीं आएगा, लेकिन रात कें अंधेरे में किया अपराध सामने आ ही गया। झूठी आन की खातिर बेटी के खून से हाथ लाल करने वाली मां गीता व साजिश में शामिल राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
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सबूत मिटाने को जलाया शव
रात के अंधेरे में बेटी की हत्या करने वाले क्रूर परिजनों ने सोचा था कि उनकी करतूत किसी के सामने उभर कर सामने नहीं आएगी। इसी सोच के चलते शव को जलाकर अस्थि खेत में दबाकर पानी चला दिया गया। बावजूद इसके हत्या का सबूत मिल गया।
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