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देश के मौजूदा हालात पर मिलकर रुपरेखा तैयार करेंगे दारुल उलूम और जमीयत
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मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी
- फोटो : DEVBAND
देश के मौजूदा हालात पर मिलकर रूपरेखा तैयार करेंगे दारुल उलूम और जमीयत
देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर मुल्क में जिस तरह के हालात पैदा हुए उनसे निपटने और रूपरेखा तैयार करने के लिए देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद ने नौ जनवरी को दिल्ली में बैठक बुलाई है। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी को भी न्योता भेजा। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों को लेकर इस्लामिक हल्कों में अभी से तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी को दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है। इसमें कहा कि वर्तमान में मुल्क के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। आसाम के लोगों को एनआरसी से राहत देने के बजाए पूरे देश को मुसीबत में धकेलने का रास्ता बनाया जा रहा है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके चलते सरकार ने ध्यान भटकाने को एनपीआर की घोषणा कर दी। एनपीआर में सरकार ने कुछ ऐसे बिंदू जोड़े हैं जिनके लिए कागजों का मिलना नामुमकिन है। जिस तरह के हालात बने हैं वह किसी से छिपे नहीं है। इन हालातों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए हमें अपनी पूरी ताकत झोंकनी चाहिए। जमीयत की ओर से आए न्योता पर संस्था के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी का कहना है कि उन्हें दावतनामा मिला है और वह बैठक में शिरकत जरूर करेंगे।
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर मुल्क में जिस तरह के हालात पैदा हुए उनसे निपटने और रूपरेखा तैयार करने के लिए देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद ने नौ जनवरी को दिल्ली में बैठक बुलाई है। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी को भी न्योता भेजा। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों को लेकर इस्लामिक हल्कों में अभी से तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी को दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है। इसमें कहा कि वर्तमान में मुल्क के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। आसाम के लोगों को एनआरसी से राहत देने के बजाए पूरे देश को मुसीबत में धकेलने का रास्ता बनाया जा रहा है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके चलते सरकार ने ध्यान भटकाने को एनपीआर की घोषणा कर दी। एनपीआर में सरकार ने कुछ ऐसे बिंदू जोड़े हैं जिनके लिए कागजों का मिलना नामुमकिन है। जिस तरह के हालात बने हैं वह किसी से छिपे नहीं है। इन हालातों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए हमें अपनी पूरी ताकत झोंकनी चाहिए। जमीयत की ओर से आए न्योता पर संस्था के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी का कहना है कि उन्हें दावतनामा मिला है और वह बैठक में शिरकत जरूर करेंगे।
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