{"_id":"6240adf01fab08541d11c136","slug":"dangerous-is-the-white-butterfly-sitting-on-the-leaves-of-sugarcane-muzaffarnagar-news-mrt582093519","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरनाक है गन्ने की पत्तियों पर बैठी सफेद तितली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरनाक है गन्ने की पत्तियों पर बैठी सफेद तितली
विज्ञापन
मुंडभर में खेत का निरीक्षण करते मिल अधिकारी
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। गन्ने की फसल टॉप बोरर बीमारी की चपेट में आ गई है। मौसम परिवर्तन के साथ तेजी से यह बीमारी फसल को नुकसान पहुंचा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को निगरानी कर फसल को बचाना होगा। जिन पत्तियों पर अंडे दिए गए हैं, उन्हें तोड़कर खेत से बाहर निकाल दें।
खतौली चीनी मिल के अध्याशी डॉ. अशोक कुमार और महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने बताया कि मिल क्षेत्र के कई गांव के खेतों का भ्रमण किया गया है। गन्ने की फसल पर सुबह और शाम के समय सफेद रंग की तितली जैसा कीट बैठा दिख रहा है। यह कीट पत्तियों की निचली सतह पर अंडे देता है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है। किसानों को सावधान रहकर सुबह-शाम अपने खेतों का भ्रमण करना चाहिए। जिन पत्तियों पर अंडे दिए गए हैं, उन्हें सावधानी पूर्वक खेतों से बाहर निकालकर जला देना चाहिए। बदलते मौसम में चोटी बेधक बीमारी गन्ने की फसल पर हमला बोलती है।
इस तरह कर सकते हैं उपचार
महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने बताया असोजी गन्ना व पेड़ी गन्ना में कोरोजन का छिड़काव और पत्ती बिछी पेड़ी में फरटेरा व वर्टिका का प्रयोग कर किसान अभियान के रूप में कर सकते हैं, तभी यह कीट पूरी तरह समाप्त होगा।
विज्ञापन
बीज उपचारित कर करें बुआई
वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक विनेश कुमार और गन्ना प्रबंधक विनोद मलिक ने बताया कि किसान गन्ने की बुआई ट्रेंच विधि से करें। बीच को उपचारित करने के बाद ही प्रयोग करें। किसान समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों से मशवरा करते रहें। फसल बीमारी से मुक्त होगी तो किसानों को लाभ मिलेगा।
इन गांवों का किया गया भ्रमण
खतौली मिल अधिकारियों ने भौराकलां, सिसौली, मुंडभर, भौराखुर्द समेत 10 गांव का भ्रमण किया, जहां पर टॉप बोरर बीमारी दिखाई दी है। संजीव कुमार, गुलाब सिंह, संदीप कुमार, गजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
खतौली चीनी मिल के अध्याशी डॉ. अशोक कुमार और महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने बताया कि मिल क्षेत्र के कई गांव के खेतों का भ्रमण किया गया है। गन्ने की फसल पर सुबह और शाम के समय सफेद रंग की तितली जैसा कीट बैठा दिख रहा है। यह कीट पत्तियों की निचली सतह पर अंडे देता है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है। किसानों को सावधान रहकर सुबह-शाम अपने खेतों का भ्रमण करना चाहिए। जिन पत्तियों पर अंडे दिए गए हैं, उन्हें सावधानी पूर्वक खेतों से बाहर निकालकर जला देना चाहिए। बदलते मौसम में चोटी बेधक बीमारी गन्ने की फसल पर हमला बोलती है।
विज्ञापन
इस तरह कर सकते हैं उपचार
महाप्रबंधक गन्ना कुलदीप राठी ने बताया असोजी गन्ना व पेड़ी गन्ना में कोरोजन का छिड़काव और पत्ती बिछी पेड़ी में फरटेरा व वर्टिका का प्रयोग कर किसान अभियान के रूप में कर सकते हैं, तभी यह कीट पूरी तरह समाप्त होगा।
विज्ञापन
बीज उपचारित कर करें बुआई
वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक विनेश कुमार और गन्ना प्रबंधक विनोद मलिक ने बताया कि किसान गन्ने की बुआई ट्रेंच विधि से करें। बीच को उपचारित करने के बाद ही प्रयोग करें। किसान समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों से मशवरा करते रहें। फसल बीमारी से मुक्त होगी तो किसानों को लाभ मिलेगा।
इन गांवों का किया गया भ्रमण
खतौली मिल अधिकारियों ने भौराकलां, सिसौली, मुंडभर, भौराखुर्द समेत 10 गांव का भ्रमण किया, जहां पर टॉप बोरर बीमारी दिखाई दी है। संजीव कुमार, गुलाब सिंह, संदीप कुमार, गजेंद्र सिंह मौजूद रहे।