फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Danger of Dengue in Muzaffarnagar

डेंगू का खौफ, अस्पतालों में मरीजों की भीड़, स्वास्थ्य विभाग ने बताया अफवाह   

Wed, 25 Oct 2017 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 25 Oct 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
Danger of Dengue in Muzaffarnagar
अस्पताल में भर्ती मरीज। - फोटो : अमर उजाला
जनपद में डेंगू को लेकर खौफ बढ़ने लगा है, इससे मरीजों की सरकारी अस्पताल के साथ निजी चिकित्सालयों में भी भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीजों की ओपीडी की जा रही है। जिनमें 50 फीसदी बुखार से पीड़ित हैं। डेंगू के खौफ को लेकर विभागीय अफसर भी बेचैन हो गए हैं। डेंगू फैलने की अफवाह बताते हुए विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही निजी चिकित्सकों को भी डेंगू जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन देने के लिए कहा है। 
विज्ञापन


स्वाइन फ्लू की जिले में 56 लोगों में पुष्टि हुई थी, जबकि डेंगू का आंकड़ा सात मरीजों का है। निजी चिकित्सालयों में बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण डेंगू का खौफ पसर रहा है। लोगों में प्लेटलेट्स घटने की अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं। जिसे आमतौर पर डेंगू से जोड़ा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इससे इत्तेफाक नहीं रखता है। विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा कि डेंगू के अलावा भी कई बीमारियों में प्लेटलेट्स घटती हैं। विभाग ने जनता से सहयोग की अपील कर ईलाज से बेहतर बचाव के उपाए सुझाए हैं। डेंगू वायरस से संक्रमित मादा एडीस अगीपिटी के काटने से फैलता है।  
विज्ञापन


वहीं, सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि डेंगू के अलावा भी कई बीमारी में ब्लड प्लेट्लेट्स घटती हैं। प्लेटलेट्स की आयु 7 से 10 दिन होती है, जो घटती और बढ़ती हैं। 2000 प्लेटलेट्स रहने पर भी घबराने की बात नहीं है। हालांकि एनीमिया (रक्त की कमी), वायरल, बैक्टिरियल इंफेक्शन, बिटामिन बी-12, फोलेट और आयरन की कमी, अधिक मात्रा में एल्कोहल का प्रयोग, एस्प्रीन, ब्रुरफेन समेत अनेक एंटीबायटिक दवाइयों के अधिक इस्तेमाल से प्लेटलेट्स को खतरा रहता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 
इलाज के साथ बचाव भी बेहतर 
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लक्षणें के साथ बीमारी से बचाव के भी उपाय बताए हैं। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। घर में कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल के खोल, टायर आदि में पानी एकत्र न होने दें, यहां पर मच्छरों का लार्वा पनप सकता है।  

डेंगू के लक्षण 
- अचानक तेज बुखार आना
- जी मिचलाना, उल्टी आना 
- त्वचा पर चकत्ते बन जाना 
- तेज बुखार तीन-चार दिन तक रहना।  

एडीस मच्छर की पहचान 
चिकनगुनिया एडीज के काटने से फैलता है। इस मच्छर शरीर और पैरों पर काले और सफेद निशान बने होते हैं। यह मच्छर सुबह और शाम को अंधेरे से पहले सक्रिय होता है।  

चिकनगुनिया के लक्षण
- अचानक तेज बुखार होना।  
- शरीर के जोड़ों में दर्द और सूजन। 
- मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द बढऩा।  
- 3 से 7 दिनों के बुखार बना रहता है।  

जूस और तरल पदार्थ अधिक लें 
मुजफ्फरनगर। डेंगू और चिकनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति को फ्रूट जूस, ताजे फल, तरल पदार्थ के साथ मरीज की देखभाल बढ़ाएं। डेंगू से पीड़ित मरीज को हर वक्त मच्छरदानी में रखें। समय-समय पर उसे तरल पदार्थ देते रहें।  
 
पूर्व सांसद सईदुज्जमा की डेंगू से हालत गंभीर  
मुजफ्फरनगर। कांग्रेस के पूर्व सांसद एवं प्रदेश के पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमां भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। गंभीर हालत के चलते उन्हें दिल्ली रेफर किया गया है। कुछ दिनों से पूर्व सांसद लगातार बुखार से पीड़ित थे, जिनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच करने पर उन्हें डेेंगू की पुष्टि हुई है। लगातार गिर रही प्लेटलेट्स कम होने के चलते उन्हें मेरठ रेफर किया गया है। मेरठ में भी सुधार नहीं होने के कारण गंभीर हालत में उन्हें  दिल्ली के एस्कॉट अस्पताल रेफर किया गया।

अल्ट्रासाउंड में भी दिख रहे डेंगू के लक्षण      
स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू कहर बरपा रहा है। अल्ट्रासाउंड की जांच में भी डेंगू के लक्षण सामने आ रहे हैं। सामान्य के साथ गर्भवती महिलाओं पर डेंगू मच्छर हमला कर रहा है। अल्ट्रासाउंड में महिला, पुरुषों के साथ बच्चों की जांच की गई तो लीवर में सूजन, फेफड़ों में पानी भरने के साथ कई अन्य लक्षण मिले हैं। हालांकि विभाग इन्हें वायरल फीवर का नाम दे रहा है, जबकि हकीकत में यह डेंगू है। जिला चिकित्सालय में होने वाले अल्ट्रासाउंड में 5 से 6 मरीजों में यह लक्षण आम मिल रहे हैं। 

डेंगू बीमारी से पीड़ितों में शरीर पर लाल चकते बनने और प्लेटलेट्स कम होने के ही लक्षण नहीं हैं। इसके अलावा भी डेंगू शरीर के भीतरी हिस्सों को प्रभावित कर रहा है, जो सामान्य रूप से ब्लड की जांच में सामने नहीं आ रहा है। मरीजों के अल्ट्रासाउंड की जांच में शरीर में अजीब किस्म की हलचल मिल रही है।

पिछले साल के मुकाबले इस बार अधिक लोगों में लीवर में सूजन, दाईं तरफ के फेफड़े में पानी भरना, पित्त की थैली में गंदा पानी आना मिल रहा है। साथ ही पित्त की थैली का नॉर्मल साइज 4 एमएम है, लेकिन लक्षणों के कारण यह 12 से 14 एमएम तक फैल गई है। जबकि लीवर और पित्त की थैली पर बनी वॉल के निकट एक जाल बन रहा है। यही डेंगू के लक्षण हैं। 

हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसे वायरल फीवर के लक्षण मान रहा है, जबकि 90 फीसदी लक्षण डेंगू के हैं। इस बीमारी से गर्भवती महिलाएं भी अछूती नहीं हैं, क्योंकि अधिकांश अल्ट्रासाउंड की जांच गर्भवती महिलाओं की अधिक होती है। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर रोजाना ओपीडी के बाद 10 से 12 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। इनमें से 5 से 7 मरीजों में ऐसे लक्षण मिल रहे हैं।


जिनमें फेफड़ों में पानी, लीवर में सूजन और पित्त की थैली में बदलाव मिल रहा है। इससे मरीज के लिए खतरा भी है। खाने-पीने के साथ ध्यान न दिया जाए तो यह घातक भी हो सकता है। जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट डॉ विनीत कौशिक ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की जांच में मरीजों में विभिन्न लक्षण मिल रहे हैं, जो वायरल फीवर के साथ डेंगू के भी हो सकते हैं। हालांकि गहनता से पूरी जांच की जा रही है। फिलहाल जल्दबाजी में कुछ कहना सही नहीं है। मरीजों की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed