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नृत्य नाटिकाओं से पारिवारिक परिदृष्य दिखाया
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होली एंजिल स्कूल में आयोजित सेमिनार में मौजूद अभिभावक ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नृत्य नाटिकाओं से पारिवारिक परिदृश्य दिखाया
मुजफ्फरनगर। होली एंजिल्स कान्वेंट स्कूल में अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से बताया कि बच्चों के भविष्य में अभिभावकों का कितना बड़ा रोल है। मुख्य अतिथि फादर वर्गिस ने शिक्षा में अभिभावकों की सहभागिता विषय पर विचार रखे।
फादर वर्गिस ने कहा कि सदुपयोग किया जाए तो इंटरनेट एक वरदान है। बच्चों से मोबाइल छुड़ाने से पहले माता-पिता को खुद मोबाइल का कम प्रयोग करना होगा। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अपना कीमती समय देना होगा, न की कीमती वस्तुएं। स्वामी विवेकानंद जैसे महान पुरुषों के महान चरित्र वाली पुस्तकें पढ़ने के लिए देनी होगी। महत्वाकांक्षा और आधुनिकता बच्चों की मानसिक कमजोरी है। अरुणिमा जैसी पर्वतारोही का उदाहरण देकर मानसिक कमजोरी को दूर करें। इससे पहले, दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रार्थना गीत के बाद स्वागत गीत हुआ। छात्र-छत्राओं ने नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से आजकल के माता-पिता के बच्चों से अधिक महत्वकांक्षा, माता-पिता के आपसी झगड़ों का बच्चों पर दुष्प्रभाव, अकेले दूर पढ़ने जा रहे बच्चों के सोशल मीडिया के माध्यम से किस प्रकार संस्कार बदल रहे हैं यह सब दर्शाया। समापन राष्ट्रगान से हुआ। प्रधानाचार्या सिस्टर जूली, मैनेजर सिस्टर प्रसन्ना, प्रियंका, विरोनिका का प्रयास रहा।
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मुजफ्फरनगर। होली एंजिल्स कान्वेंट स्कूल में अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से बताया कि बच्चों के भविष्य में अभिभावकों का कितना बड़ा रोल है। मुख्य अतिथि फादर वर्गिस ने शिक्षा में अभिभावकों की सहभागिता विषय पर विचार रखे।
फादर वर्गिस ने कहा कि सदुपयोग किया जाए तो इंटरनेट एक वरदान है। बच्चों से मोबाइल छुड़ाने से पहले माता-पिता को खुद मोबाइल का कम प्रयोग करना होगा। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अपना कीमती समय देना होगा, न की कीमती वस्तुएं। स्वामी विवेकानंद जैसे महान पुरुषों के महान चरित्र वाली पुस्तकें पढ़ने के लिए देनी होगी। महत्वाकांक्षा और आधुनिकता बच्चों की मानसिक कमजोरी है। अरुणिमा जैसी पर्वतारोही का उदाहरण देकर मानसिक कमजोरी को दूर करें। इससे पहले, दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रार्थना गीत के बाद स्वागत गीत हुआ। छात्र-छत्राओं ने नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से आजकल के माता-पिता के बच्चों से अधिक महत्वकांक्षा, माता-पिता के आपसी झगड़ों का बच्चों पर दुष्प्रभाव, अकेले दूर पढ़ने जा रहे बच्चों के सोशल मीडिया के माध्यम से किस प्रकार संस्कार बदल रहे हैं यह सब दर्शाया। समापन राष्ट्रगान से हुआ। प्रधानाचार्या सिस्टर जूली, मैनेजर सिस्टर प्रसन्ना, प्रियंका, विरोनिका का प्रयास रहा।
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