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भीम आर्मी के समर्थन में आए दलित संगठन, भारतीय बौद्ध सभा ने प्रधानमंत्री से मांगा न्याय 

Tue, 13 Jun 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 13 Jun 2017 12:02 AM IST
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Dalit support for Bhima Army
कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे दलित समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में भीम आर्मी के पदाधिकारियों और अन्य दलित नेताओं पर हो रही कार्रवाई का दलित संगठन विरोध कर रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण समिति ने राष्ट्रपति के नाम भेजे ज्ञापन में बेकसूर दलितों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। भारतीय बौद्ध महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया।       
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए भीमराव अंबेडकर समाज कल्याण समिति ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया कि भीम आर्मी के बेकसूर पदाधिकारी, दलित मजदूर और छात्र जेल में बंद हैं, इन्हें तुरंत रिहा किया जाए। चंद्रशेखर को रिहा कर उसके परिवार को अंडर कोर्ट सुरक्षा दी जाए।
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सतपाल तंवर पर दर्ज एफआईआर को रद्द कर हरियाणा से सुरक्षा दिलाई जाए। शब्बीरपुर के प्रधान शिव कुमार को रिहा किया जाए। दलितों के घर जलाने, जलवाने, दलित महिलाओं और लोगों के हाथ पैर काटने, जानलेवा हमला कर घायल करने, दंगा करने के दोषी पुलिस अधिकारियों को जेल भेजा जाए।
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सभी अफसरों पर एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र, संदीप, अंकित, रोहित, रविदत्त, ओमप्रकाश, विजय कुमार, राहुल, जितेंद्र, सतीश, मुकेश आदि शामिल रहे।       

उधर, भारतीय बौद्ध महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एडीएम को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया कि सहारनपुर में सड़क दूधली और शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। इससे दलितों में आक्रोश है। पुलिस लगातार निर्दोष लोगों को जेल भेज रही है। दमनकारी नीति से दलितों में गुस्सा है।


भीम आर्मी के चंद्रशेखर पर झूठे मुकदमे कर जेल भेजा गया है। दलितों को न्याय नहीं मिला तो वह धर्म परिवर्तन को मजबूर हो जाएंगे। रोष इतना अधिक है कि दलित समाज का बच्चा-बच्चा सड़क पर आ सकता है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान इलम सिंह बौद्ध, ओमप्रकाश बौद्ध, मदनपाल, ईश्वर सिंह पालीवाल, केएस नागराज, राजबल राणा, रामवीर, नागसेन, जयसिंह, प्रेमसिंह, चरण सिंह, कर्मवीर आदि रहे।
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