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PM Awaas Yojna: फूटी किस्मत पर रोना, नहीं नसीब हुआ पक्के मकानों में सोना, पाॅलीथिन की छत बनाकर रहने को मजबूर

Sun, 28 Aug 2022 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sun, 28 Aug 2022 11:36 PM IST
सार

आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मुजफ्फरनगर के जानसठ में ऐसे कई परिवार हैं जिन्होंने पीएम आवास के लिए आवेदन भरे लेकिन इनके आशियाने नहीं बने।

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Crying over broken luck, did not get gold in pucca houses
जानसठ में मकान की छत नहीं होने से पन्नी डालकर रहने को मजबूर गरीब परिवार - फोटो : KHATAULI

विस्तार

मुजफ्फरनगर के जानसठ में आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के लोगों का कहना कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकारी आवास बनवाने के लिए आवेदन किए, लेकिन अभी तक पक्के मकान नहीं बन सके हैं। हालात यह हैं कि मकान की छत तक नहीं है। पन्नी की छत बनाकर दिन बिताने को मजबूर हैं।
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कस्बे के मोहल्ला जन्नताबाद निवासी अख्तर, कौसर व मोहम्मद अहसान का मकान नहीं बन सका है। ये लोग अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। मकान की छत भी नहीं है। छत नहीं होने की वजह से ये लोग पन्नी की छत बनाकर उसके नीचे ही अपना जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं।
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अख्तर की पत्नी सईदा व कौसर की पत्नी फरीदा तथा मोहम्मद अहसान की पत्नी सालेहा ने बताया कि उन्होंने एक साल पूर्व सरकारी पक्के मकान बनवाने के लिए आवेदन पत्र भरे थे, लेकिन अभी तक उनके पक्के मकान नहीं बन सके। उन्होंने बताया कि पक्के मकान बनवाने के लिए कई बार नगर पंचायत कार्यालय भी जा चुके हैं, लेकिन उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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कच्चे मकान की छत गिरने से हादसा हो चुका
मोहल्ला जुम्मा में शुक्रवार को आस मोहम्मद के कच्चे मकान की छत गिरने से उसकी आठ साल की पुत्री हुमैरा की मौत हो गई थी। आस मोहम्मद के माता-पिता ने भी सरकारी आवास बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

इस कारण सरकारी पक्का मकान नहीं बन सका था। कच्चा मकान होने की वजह से यह हादसा हुआ। इस हादसे को लेकर अब भी पूरा परिवार गम में डूबा हुआ है।

अब तक 1150 पक्के मकान बन चुके
नगर पंचायत चेयरमैन प्रवेंद्र भड़ाना ने बताया कि कस्बे में अब तक 1150 गरीब लोगों के पक्के मकान बन कर तैयार हो चुके हैं। करीब 700 आवेदन पत्र अभी भी डूडा विभाग में लंबित हैं। नगर पंचायत की ओर से आवेदन पत्र स्वीकृत कर दिए गए हैं।

जो भी मकानों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, उनकी जांच कर डूडा विभाग को भेज दिए गए हैं। जानसठ के मोहल्ला जुम्मा में शुक्रवार को आस मोहम्मद के मकान की छत गिरने से बच्ची की मौत गई थी। पीड़ित आस मोहम्मद का भी मकान निर्माण को नगर पंचायत से स्वीकृत कर भेजा जा चुका है। अगर फिर भी कोई मामला है, तो उसको दिखवा लिया जाएगा। उनकी पूरी तरह से सहायता की जाएगी। - विनोद कुमार शुक्ला, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत

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