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दस दिन तक फसल प्रबंधन का हर गांव में लाइव डेमो होगा: डीएम

Tue, 17 Dec 2019 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 12:57 AM IST
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Crop management will be demoed in villages
मुजफ्फरनगर। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि फसल प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से दस दिन तक जिले के सभी गांवों लाइव डेमो होगा। पराली और गन्ने की पत्ती किसान कतई न जलाएं। डीसीओ ने किसानों से गन्ने की पत्ती से खाद बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीन की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए यह जरूरी है।
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कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से वार्ता में डीएम ने बताया कि कुछ किसान भाई प्राय: अज्ञानतावश गन्ने की सूखी पत्तियों और धान की पराली को खेत मे ही जला देते है जिस कारण न केवल मृदा का जीवांश पदार्थ जलकर नष्ट हो जाता है बल्कि इसी के साथ ही साथ मृदा का तापमान अत्यधिक बढ जाने के कारण मृृदा में उपलब्ध मित्र जीवाणू और फफूंद जैसे एजोटोबैक्टर, अजोस्पिरिलम, ट्राय कोडरमा तथा केंचुआ आदि की मृत्यू हो जाती है। यदि किसान भाई गन्ने की सूखी पत्तियों और धान की पराली को खेत मे आधुनिक कृषि यन्त्रों जैसे टै्रश मल्चर, एमबी प्लाऊ, हैरो और कल्टीवेटर की सहायता से काटकर खेत में ही मिला दें तो जहां इससे एक ओर मृदा का जीवांश पदार्थ बढेगा वहीं दूसरी ओर फसल अवशेषों को जलाने से होने वाली पर्यावरणीय क्षति भी नही होगी। फसल अवशेषों के प्रबन्धन से मृदा के मित्र कीट, जीवाणु, फफूंद, केचुए आदि भी नहीं मरेंगे। मृदा की जल धारण शक्ति बढेगी और खरपतवार भी कम होंगे। डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने से एक एकड खेत से लगभग 400 किलोग्राम जीवांश नष्ट हो जाता है वहीं यदि किसान इसका खेत में ही प्रबंधन कर दें तो लगातार दो वर्षो मे लगभग 0.2 से 0.3 प्रतिशत तक जीवांश की मात्रा बढ़ जाएगी। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि जनपद के प्रत्येक न्याय पंचायत मे कस्टम हायरिंग सिस्टम की स्थापना कृषि विभाग की ओर से कराई गई है जहां ट्रेश मल्चर सहित अन्य सभी उपयोगी कृषि यंत्र उपलब्ध है, किसान भाई सम्पर्क कर इन कृषि यंत्रों को किराए पर लेकर अपने फसल अवशेषों का प्रबंधन कर सकते है। जनपद मे कुल 245 कस्टम हायरिंग सिस्टम स्थापित है।
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जनपद की सभी गन्ना समितियों और प्रत्येक विकास खंड के दो-दो किसान साधन सहकारी समितियों से कृषि यंत्र प्राप्त कर सकते हैं। उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने बताया कि आगामी दस दिनों में प्रत्येक गांव में फसल प्रबंधन का लाइव डेमो दिखाया जाएगा। पत्रकार वार्ता में एसएसपी अभिषेक यादव, सीडीओ आलोक यादव, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार मौजूद रहे।
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15 हजार तक लगेगा अर्थदंड
मुजफ्फरनगर। डीएम ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाकर पर्यावरण की क्षति करने वाले किसानों से पर्यावरणीय क्षति अर्थदंड़ वसूले जाने की विधिक व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत प्रति घटना पर दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से 1500 रुपये, दो से पांच एकड़ भूमि वाले किसानों से पांच हजार रुपये तथा पांच एकड़ से ऊपर भूमि वाले किसानों से 15 हजार रुपये वसूले जाएंगे।
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