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‘मेरा जब मन होगा, मैं अपने घर चली जाऊंगी’
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:20 AM IST
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jain munni matter
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। हरिद्वार के बहादराबाद थाने में जैन मुनि नयन सागर महाराज के खिलाफ दर्ज हुए अपहरण के मामले में दिए युवती के बयान की प्रति जैन समाज के कुछ लोगों के पास पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर भी यह वायरल हो रही है। इसमें युवती ने कहा कि मेरा जब मन होगा, मैं अपने घर चली जाऊंगी। जैन मुनि ने मुझ पर कोई दबाव नहीं बनाया है। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट में युवती को एमटेक की छात्रा बताया गया था लेकिन छात्रा ने अपने बयान में खुद को असिस्टेंट टीचर बताया है।
युवती के पिता ने 31 जुलाई को थाना बहादराबाद हरिद्वार में दर्ज कराई एफआईआर में बेटी को एमटेक की छात्रा बताते हुए जैन मुनि नयन सागर महाराज पर अपहरण का आरोप लगाया था। उनकी बेटी 28 जुलाई को हरिद्वार के दिल्ली रोड स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज से लापता हो गई थी। अचानक तीन अगस्त को बहादराबाद थाने पहुंची युवती के पुलिस ने कोर्ट में बयान कराए थे। परिजनों ने दबाव बना कर छात्रा से बयान दिलवाने का आरोप लगाया था और विरोध में खतौली कोतवाली पर हंगामा किया था। वहीं, इसके अवाला हरिद्वार के जिला एवं सत्र न्यायालय में दिए गए बयान की प्रतिलिपि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पढ़ नहीं रही, पढ़ा रही थी युवती
मुजफ्फरनगर। खतौली निवासी छात्रा एमटेक की स्टूडेंट नहीं है। कोर्ट में दिए बयान में उसने अपने को इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ रुड़की में असिस्टेंट टीचर बताया है, जबकि उसके पिता ने बहादराबाद थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसे एमटेक की छात्रा बताया था। इस मामले में हरिद्वार के दिल्ली रोड स्थित शैक्षणिक संस्थान ने भी साफ कर दिया है वह एमटेक की स्टूडेंट नहीं, बल्कि यहां ट्यूटर है।
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अभी और वीडियो वायरल होने का अंदेशा
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर महाराज की वहलना प्रवास के दौरान की जो वीडियो वायरल हुई, वह कैमरा नंबर 9 और 16 की फुटेज है। इसलिए अभी और भी वीडियो वायरल होने का अंदेशा है। वहीं, माना यह भी जा रहा है कि यदि पूरी सीडीआर देखी जाए तो वायरल वीडियो क्लिप की सच्चाई सामने आ सकती है। वहलना मंदिर में कैमरा नंबर नौ संत निवास के पास लगा है, जबकि कैमरा नंबर 16 लॉबी में लगा है। वायरल हुई वीडियो क्लिप इन्हीं दोनों कमरों की है। लॉबी में लगे कैमरे की क्लिप में जैन मुनि कमरे में जाते हुए दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे कैमरे की क्लिप में उसी रात जैन मुनि युवती के कमरे से निकलते हुए दिखाई दिए है।
यह दिया युवती ने बयान
युवती ने अपने बयान में कहा कि 28 अगस्त के दिन लगभग 3.15 मिनट पर अपनी कुछ व्यक्तिगत परेशानी के कारण देहरादून, मसूरी चली गई थी। मैंने अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर दिया था, मैं खुद परेशान थी। 31 जुलाई को पिंजौर गार्डन हरियाणा के पास घूमने गई थी, वहां से मैने अपनी बहन को फोन किया और उन्हें बताया कि मैं बिल्कुल ठीक हूं। एक अगस्त को मैंने देहरादून में यह खबर पढ़ी कि जैन मुनि नयन सागर ने एक बच्ची का अपहरण कर लिया है। खबर पढ़ी, तो यह तो मेरी न्यूज थी, यह गलत न्यूज थी। जैन मुनि ने मुझ पर कोई दबाव आदि नहीं बनाया, वह बिल्कुल निर्दोष हैं। मेरा जब मन होगा मैं अपने घर चली जाऊंगी। मेरे माता-पिता मुझे घर वापस आने का दबाव न डाले। मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं और स्वयं घर आ जाऊंगी। यही मेरे बयान है।
वीडियो वायरल मामले में शामिल तीन लोग भूमिगत
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल करने के मामले में शामिल खतौली के तीन लोग भूमिगत हो गए हैं। मलयेशिया से भेजी गई वहलना प्रवास की वीडियो क्लिप सबसे पहले खतौली और मुजफ्फरनगर के आठ लोगों के पास आई थी। 23 और 24 जून की तारीखों में सामने आई वीडियो क्लिप 39 दिन बाद विदेशी फोन नंबर से भारत में वायरल की गई थी।
वहलना अतिशय क्षेत्र में जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर के प्रवास के दौरान बनी वीडियो वायरल होने के मामले में अंदरूनी तौर पर खोजबीन हो रही है। वीडियो प्रकरण में खतौली नगर के तीन लोग भूमिगत हो गए हैं। सबसे पहले यह वीडियो क्लिप मलयेशिया से आठ लोगों के मोबाइल फोन पर सेंड की गई, जिनमें शहर के पांच और खतौली के तीन लोग शामिल हैं।अपहरण के मुकदमे का पटाक्षेप होने के बाद जैन समाज में इस बात को लेकर घमासान मचा है कि वीडियो वायरल करने की साजिश किसने रची और कौन-कौन भागीदार हैं। हालांकि यह मामला अभी तक पुलिस जांच का विषय नहीं बना है।
वीडियो वायरल में दोषी को सजा मिले
मंसूरपुर। मिल मंसूरपुर में जैन समाज की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जैन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चंडीगढ़ में नयन सागर महाराज से मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि वीडियो वायरल प्रकरण की सच्चाई सामने आए और जो भी दोषी हो उसे सख्त सजा मिले।
रविवार को राजकमल जैन के प्रतिष्ठान पर हुई बैठक में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वीडियो वायरल प्रकरण से जैन समाज आहत है।
कहा कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस प्रकरण से जैन समाज की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक धूमिल हो रही है। मुजफ्फरनगर में समाज की बड़ी बैठक की जाएगी, जिसमें सर्वसम्मति से आगे की रणनीति पर विचार होगा। बैठक में दिनेश जैन, भूपेंद्र जैन, धर्मपाल जैन, अजय जैन, अतुल जैन, कुलदीप जैन, जगदीश जैन आदि रहे। अध्यक्षता प्रकाशचंद जैन और संचालन रमेश चंद जैन ने किया।
बेटी अक्सर मम्मी से ही बातचीत करती थी
खतौली। छात्रा का अभी तक पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश में रविवार को चाचा देहरादून व रुड़की में पहुंचे। बेटी की आखिरी बार 27 जुलाई को अपनी मम्मी से फोन पर बातचीत हुई थी। चाचा के मुताबिक बेटी अक्सर अपने मम्मी से ही बातचीत करती थी। 28 जुलाई को बेटी लापता हो गई थी। रविवार को चाचा ने बताया कि वह बेटी की तलाश में रुड़की पहुंचा। बेटी वहां नहीं मिली तो देहरादून में उसको तलाश करता घूम रहा हूं। अभी बेटी का कहीं पता नहीं चल सका है। तीन अगस्त को कोर्ट में पेश होने का पता चलने के बाद से परिवार के किसी सदस्य ने बेटी से उसके फोन पर कोई बातचीत नहीं की। हम तो सिर्फ अब बेटी को तलाश कर रहे हैं। उसके मिलने के बाद ही घटना का सही पता चलेगा।
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युवती के पिता ने 31 जुलाई को थाना बहादराबाद हरिद्वार में दर्ज कराई एफआईआर में बेटी को एमटेक की छात्रा बताते हुए जैन मुनि नयन सागर महाराज पर अपहरण का आरोप लगाया था। उनकी बेटी 28 जुलाई को हरिद्वार के दिल्ली रोड स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज से लापता हो गई थी। अचानक तीन अगस्त को बहादराबाद थाने पहुंची युवती के पुलिस ने कोर्ट में बयान कराए थे। परिजनों ने दबाव बना कर छात्रा से बयान दिलवाने का आरोप लगाया था और विरोध में खतौली कोतवाली पर हंगामा किया था। वहीं, इसके अवाला हरिद्वार के जिला एवं सत्र न्यायालय में दिए गए बयान की प्रतिलिपि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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पढ़ नहीं रही, पढ़ा रही थी युवती
मुजफ्फरनगर। खतौली निवासी छात्रा एमटेक की स्टूडेंट नहीं है। कोर्ट में दिए बयान में उसने अपने को इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ रुड़की में असिस्टेंट टीचर बताया है, जबकि उसके पिता ने बहादराबाद थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसे एमटेक की छात्रा बताया था। इस मामले में हरिद्वार के दिल्ली रोड स्थित शैक्षणिक संस्थान ने भी साफ कर दिया है वह एमटेक की स्टूडेंट नहीं, बल्कि यहां ट्यूटर है।
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अभी और वीडियो वायरल होने का अंदेशा
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर महाराज की वहलना प्रवास के दौरान की जो वीडियो वायरल हुई, वह कैमरा नंबर 9 और 16 की फुटेज है। इसलिए अभी और भी वीडियो वायरल होने का अंदेशा है। वहीं, माना यह भी जा रहा है कि यदि पूरी सीडीआर देखी जाए तो वायरल वीडियो क्लिप की सच्चाई सामने आ सकती है। वहलना मंदिर में कैमरा नंबर नौ संत निवास के पास लगा है, जबकि कैमरा नंबर 16 लॉबी में लगा है। वायरल हुई वीडियो क्लिप इन्हीं दोनों कमरों की है। लॉबी में लगे कैमरे की क्लिप में जैन मुनि कमरे में जाते हुए दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे कैमरे की क्लिप में उसी रात जैन मुनि युवती के कमरे से निकलते हुए दिखाई दिए है।
यह दिया युवती ने बयान
युवती ने अपने बयान में कहा कि 28 अगस्त के दिन लगभग 3.15 मिनट पर अपनी कुछ व्यक्तिगत परेशानी के कारण देहरादून, मसूरी चली गई थी। मैंने अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर दिया था, मैं खुद परेशान थी। 31 जुलाई को पिंजौर गार्डन हरियाणा के पास घूमने गई थी, वहां से मैने अपनी बहन को फोन किया और उन्हें बताया कि मैं बिल्कुल ठीक हूं। एक अगस्त को मैंने देहरादून में यह खबर पढ़ी कि जैन मुनि नयन सागर ने एक बच्ची का अपहरण कर लिया है। खबर पढ़ी, तो यह तो मेरी न्यूज थी, यह गलत न्यूज थी। जैन मुनि ने मुझ पर कोई दबाव आदि नहीं बनाया, वह बिल्कुल निर्दोष हैं। मेरा जब मन होगा मैं अपने घर चली जाऊंगी। मेरे माता-पिता मुझे घर वापस आने का दबाव न डाले। मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं और स्वयं घर आ जाऊंगी। यही मेरे बयान है।
वीडियो वायरल मामले में शामिल तीन लोग भूमिगत
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल करने के मामले में शामिल खतौली के तीन लोग भूमिगत हो गए हैं। मलयेशिया से भेजी गई वहलना प्रवास की वीडियो क्लिप सबसे पहले खतौली और मुजफ्फरनगर के आठ लोगों के पास आई थी। 23 और 24 जून की तारीखों में सामने आई वीडियो क्लिप 39 दिन बाद विदेशी फोन नंबर से भारत में वायरल की गई थी।
वहलना अतिशय क्षेत्र में जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर के प्रवास के दौरान बनी वीडियो वायरल होने के मामले में अंदरूनी तौर पर खोजबीन हो रही है। वीडियो प्रकरण में खतौली नगर के तीन लोग भूमिगत हो गए हैं। सबसे पहले यह वीडियो क्लिप मलयेशिया से आठ लोगों के मोबाइल फोन पर सेंड की गई, जिनमें शहर के पांच और खतौली के तीन लोग शामिल हैं।अपहरण के मुकदमे का पटाक्षेप होने के बाद जैन समाज में इस बात को लेकर घमासान मचा है कि वीडियो वायरल करने की साजिश किसने रची और कौन-कौन भागीदार हैं। हालांकि यह मामला अभी तक पुलिस जांच का विषय नहीं बना है।
वीडियो वायरल में दोषी को सजा मिले
मंसूरपुर। मिल मंसूरपुर में जैन समाज की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जैन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चंडीगढ़ में नयन सागर महाराज से मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि वीडियो वायरल प्रकरण की सच्चाई सामने आए और जो भी दोषी हो उसे सख्त सजा मिले।
रविवार को राजकमल जैन के प्रतिष्ठान पर हुई बैठक में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वीडियो वायरल प्रकरण से जैन समाज आहत है।
कहा कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस प्रकरण से जैन समाज की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक धूमिल हो रही है। मुजफ्फरनगर में समाज की बड़ी बैठक की जाएगी, जिसमें सर्वसम्मति से आगे की रणनीति पर विचार होगा। बैठक में दिनेश जैन, भूपेंद्र जैन, धर्मपाल जैन, अजय जैन, अतुल जैन, कुलदीप जैन, जगदीश जैन आदि रहे। अध्यक्षता प्रकाशचंद जैन और संचालन रमेश चंद जैन ने किया।
बेटी अक्सर मम्मी से ही बातचीत करती थी
खतौली। छात्रा का अभी तक पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश में रविवार को चाचा देहरादून व रुड़की में पहुंचे। बेटी की आखिरी बार 27 जुलाई को अपनी मम्मी से फोन पर बातचीत हुई थी। चाचा के मुताबिक बेटी अक्सर अपने मम्मी से ही बातचीत करती थी। 28 जुलाई को बेटी लापता हो गई थी। रविवार को चाचा ने बताया कि वह बेटी की तलाश में रुड़की पहुंचा। बेटी वहां नहीं मिली तो देहरादून में उसको तलाश करता घूम रहा हूं। अभी बेटी का कहीं पता नहीं चल सका है। तीन अगस्त को कोर्ट में पेश होने का पता चलने के बाद से परिवार के किसी सदस्य ने बेटी से उसके फोन पर कोई बातचीत नहीं की। हम तो सिर्फ अब बेटी को तलाश कर रहे हैं। उसके मिलने के बाद ही घटना का सही पता चलेगा।