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तीन माह बाद भी नहीं भेजी घासीपुरा कांड की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:29 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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जनपद में तीन माह पूर्व घासीपुरा में हुए ट्रिपल मर्डर मामला काफी सुर्खियों में रहा था। बवाल होने पर एसएसपी ने लखनऊ से टीम बुलाकर मामले की जांच कराई थी। तीन माह बाद भी टीम की ओर से जवाब नहीं आने पर एसपी सिटी ने रिमाइंडर भेजने की तैयारी कर दी है। रिमाइंडर भेजकर रिपोर्ट नहीं भेजने का कारण पूछा जाएगा। जांच रिपोर्ट को जल्दी मंगाने की बात एसपी ने कही है।
सितंबर माह की 21 तारीख को मंसूरपुर के घासीपुरा में तीन युवकों गौरव, सचिन और दीपक के गोली लगे शव मिले थे। मृतक पक्ष के लोगों ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अमरेश कुमार बघेल पर युवकों की हत्या करने का आरोप लगाया था। वारदात को लेकर जनपद का माहौल खराब हो गया था और मृतक पक्ष के लोगों ने पंचायत करने की घोषणा कर डाली थी। मामले की गंभीरता और मृतक पक्ष की संतुष्टि के लिए उस समय के एसएसपी दीपक कुमार ने लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को मौके पर बुलाया था।
27 सितंबर को राजधानी से एसएफएल टीम के डायरेक्टर डॉ श्यामबिहारी उपाध्याय, डॉ ग्यासुद्दीन खान मेडिकल लीगल एक्सपर्ट, डॉ अजय श्रीवास्तव फायर एक्सपर्ट, नरेंद्र कुमार भौतिकी विशेषज्ञ, हरेंद्र कुमार फील्ड यूनिट, डॉ सुधीर कुमार डिप्टी डायरेक्टर गाजियाबाद ने मौके पर जाकर जरूरी सुबूत जुटाए थे। टीम ने मौके पर जाकर मकान के अंदर और बाहर का निरीक्षण किया था। मकान के बाहर जंगल में पुलिस के खड़े होने की स्थिति का आकलन किया और सीढ़ी लगाकर मकान की ऊंचाई का अंदाजा लिया था।
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फर्श पर लगे खून के धब्बों की जांच की थी। उस समय मौजूद रहे कई अधिकारियों और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की थी। तीन माह बीत जाने के बाद भी आज तक टीम ने अपनी रिपोर्ट जनपद पुलिस को नहीं भेजी है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम को रिमाइंडर भेजा जा रहा है। रिपोर्ट नहीं आने का कारण पूछा जाएगा और जल्दी भेजने को कहा जाएगा।
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सितंबर माह की 21 तारीख को मंसूरपुर के घासीपुरा में तीन युवकों गौरव, सचिन और दीपक के गोली लगे शव मिले थे। मृतक पक्ष के लोगों ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अमरेश कुमार बघेल पर युवकों की हत्या करने का आरोप लगाया था। वारदात को लेकर जनपद का माहौल खराब हो गया था और मृतक पक्ष के लोगों ने पंचायत करने की घोषणा कर डाली थी। मामले की गंभीरता और मृतक पक्ष की संतुष्टि के लिए उस समय के एसएसपी दीपक कुमार ने लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को मौके पर बुलाया था।
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27 सितंबर को राजधानी से एसएफएल टीम के डायरेक्टर डॉ श्यामबिहारी उपाध्याय, डॉ ग्यासुद्दीन खान मेडिकल लीगल एक्सपर्ट, डॉ अजय श्रीवास्तव फायर एक्सपर्ट, नरेंद्र कुमार भौतिकी विशेषज्ञ, हरेंद्र कुमार फील्ड यूनिट, डॉ सुधीर कुमार डिप्टी डायरेक्टर गाजियाबाद ने मौके पर जाकर जरूरी सुबूत जुटाए थे। टीम ने मौके पर जाकर मकान के अंदर और बाहर का निरीक्षण किया था। मकान के बाहर जंगल में पुलिस के खड़े होने की स्थिति का आकलन किया और सीढ़ी लगाकर मकान की ऊंचाई का अंदाजा लिया था।
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फर्श पर लगे खून के धब्बों की जांच की थी। उस समय मौजूद रहे कई अधिकारियों और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की थी। तीन माह बीत जाने के बाद भी आज तक टीम ने अपनी रिपोर्ट जनपद पुलिस को नहीं भेजी है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम को रिमाइंडर भेजा जा रहा है। रिपोर्ट नहीं आने का कारण पूछा जाएगा और जल्दी भेजने को कहा जाएगा।