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गोली से शुरू हुआ सफर गोली पर ही खत्म
Wed, 22 May 2019 11:44 PM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 22 May 2019 11:44 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। मेरठ जनपद के सरधना कस्बे के मोहल्ला पीरजादगान निवासी एक लाख की इनामी आस मोहम्मद उर्फ आशू उर्फ लंबू पुत्र अब्दुल हक उर्फ शरीफ की आपराधिक जिंदगी का सफर गोली से शुरू होकर गोली पर ही थम गया। करीब 35 वर्षीय आस मोहम्मद ने वर्ष 2004 में 20 साल की उम्र में अपराध जगत में कदम रखा था।
आस मोहम्मद ने अपने आपराधिक सफर की शुरूआत सरधना में ही हत्या व कातिलाना हमले की वारदात को अंजाम देकर की थी, जिसका अंत करीब 15 साल बाद गोली लगने से मौत होने पर हुआ। अपने करीब 15 साल लंबे आपराधिक सफर में शातिर आस मोहम्मद ने दिल्ली के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली जनपदों के साथ ही हरियाणा व पंजाब तक जमकर वारदातों को अंजाम दिया। लूट व डकैती की वारदातें इनामी बदमाश का सबसे प्रिय शगल था। आपराधिक सफर के दौरान उसका हमकदम रहे कैराना के तितरवाड़ा निवासी फुरकान को करीब एक साल पूर्व बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि शौकीन उर्फ मोटा को दिसंबर 2017 में मेरठ पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया था। आस मोहम्मद के एक ओर साथी रहे एक लाख के इनामी मोहल्ला खालापार निवासी अकरम को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, वहीं खतौली निवासी दानिश को कुछ माह पूर्व खतौली कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर जेल भेजा था।
एक ही गोली ने किया काम तमाम
मुजफ्फरनगर। एक लाख के इनामी आस मोहम्मद उर्फ आशु उर्फ लंबू की जिंदगी का खात्मा पुलिस की एक ही गोली ने कर डाला। मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुई मुठभेड़ में लखटकिया इनामी ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें तस्लीम नामक सिपाही घायल हुआ, लेकिन पुलिस की एक ही गोली उसके खात्मे के लिए काफी रही। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के दौरान एक गोली इनामी बदमाश के सीने में बिल्कुल हार्ट के पास लगी, जो उसकी कमर से होकर बाहर निकल गई। तत्काल बदमाश को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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पोस्टमार्टम के बाद शव ले गए परिजन
मुजफ्फरनगर। इनामी बदमाश आस मोहम्मद की मुठभेड़ में मौत की सूचना पर उसके पिता अब्दुल हक उर्फ शरीफ व उसके मामा शहर कोतवाली पहुंचे। यहां से उन्हें मोर्चरी ले जाया गया, जहां शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद इनामी की लाश उनके सुपुर्द कर दी गई। शव लेकर बदमाश के परिजन मेरठ के लिए रवाना हो गए। ब्यूरो
इन वारदातों में शामिल था आस मोहम्मद
- वर्ष 2009 में बुढ़ाना के काजीवाड़ा में कारोबारी के घर एक लाख के इनामी खालापार निवासी अकरम के साथ मिलकर डाली डकैती।
- 2012 में मोदीनगर में व्यापारी के घर डकैती।
- 2013 में शाहपुर में कारोबारी के घर डकैती। विरोध करने पर कारोबारी के बेटे को गोली मारी। 13 लाख की नकदी, पौने दो किलो सोने व डेढ़ किलो चांदी के जेवरात लूटे।
- 2015 में मेरठ में कपड़ा व्यापारी के घर डकैती।
- 2016 में नोएडा के सेक्टर-24 में व्यापारी के घर डकैती। 70 किलो चांदी व 15 लाख नकद लूटे।
- 2016 में दौराला क्षेत्र में पशु व्यापारियों से 16 लाख लूटे।
इनामी पर दर्ज हैं 36 से अधिक मुकदमे
मुजफ्फरनगर। पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाश पर पर विभिन्न थानों में 36 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश डकैती के मुकदमे हैं। उक्त वारदातें उसने शातिर मुकीम काला गैंग के सक्रिय सदस्यों फुरकान तितरवाड़ा, अकरम खालापार व दानिश खतौली के साथ मिलकर अंजाम दी। ब्यूरो
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आस मोहम्मद ने अपने आपराधिक सफर की शुरूआत सरधना में ही हत्या व कातिलाना हमले की वारदात को अंजाम देकर की थी, जिसका अंत करीब 15 साल बाद गोली लगने से मौत होने पर हुआ। अपने करीब 15 साल लंबे आपराधिक सफर में शातिर आस मोहम्मद ने दिल्ली के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली जनपदों के साथ ही हरियाणा व पंजाब तक जमकर वारदातों को अंजाम दिया। लूट व डकैती की वारदातें इनामी बदमाश का सबसे प्रिय शगल था। आपराधिक सफर के दौरान उसका हमकदम रहे कैराना के तितरवाड़ा निवासी फुरकान को करीब एक साल पूर्व बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि शौकीन उर्फ मोटा को दिसंबर 2017 में मेरठ पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया था। आस मोहम्मद के एक ओर साथी रहे एक लाख के इनामी मोहल्ला खालापार निवासी अकरम को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, वहीं खतौली निवासी दानिश को कुछ माह पूर्व खतौली कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर जेल भेजा था।
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एक ही गोली ने किया काम तमाम
मुजफ्फरनगर। एक लाख के इनामी आस मोहम्मद उर्फ आशु उर्फ लंबू की जिंदगी का खात्मा पुलिस की एक ही गोली ने कर डाला। मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुई मुठभेड़ में लखटकिया इनामी ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें तस्लीम नामक सिपाही घायल हुआ, लेकिन पुलिस की एक ही गोली उसके खात्मे के लिए काफी रही। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के दौरान एक गोली इनामी बदमाश के सीने में बिल्कुल हार्ट के पास लगी, जो उसकी कमर से होकर बाहर निकल गई। तत्काल बदमाश को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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पोस्टमार्टम के बाद शव ले गए परिजन
मुजफ्फरनगर। इनामी बदमाश आस मोहम्मद की मुठभेड़ में मौत की सूचना पर उसके पिता अब्दुल हक उर्फ शरीफ व उसके मामा शहर कोतवाली पहुंचे। यहां से उन्हें मोर्चरी ले जाया गया, जहां शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद इनामी की लाश उनके सुपुर्द कर दी गई। शव लेकर बदमाश के परिजन मेरठ के लिए रवाना हो गए। ब्यूरो
इन वारदातों में शामिल था आस मोहम्मद
- वर्ष 2009 में बुढ़ाना के काजीवाड़ा में कारोबारी के घर एक लाख के इनामी खालापार निवासी अकरम के साथ मिलकर डाली डकैती।
- 2012 में मोदीनगर में व्यापारी के घर डकैती।
- 2013 में शाहपुर में कारोबारी के घर डकैती। विरोध करने पर कारोबारी के बेटे को गोली मारी। 13 लाख की नकदी, पौने दो किलो सोने व डेढ़ किलो चांदी के जेवरात लूटे।
- 2015 में मेरठ में कपड़ा व्यापारी के घर डकैती।
- 2016 में नोएडा के सेक्टर-24 में व्यापारी के घर डकैती। 70 किलो चांदी व 15 लाख नकद लूटे।
- 2016 में दौराला क्षेत्र में पशु व्यापारियों से 16 लाख लूटे।
इनामी पर दर्ज हैं 36 से अधिक मुकदमे
मुजफ्फरनगर। पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाश पर पर विभिन्न थानों में 36 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश डकैती के मुकदमे हैं। उक्त वारदातें उसने शातिर मुकीम काला गैंग के सक्रिय सदस्यों फुरकान तितरवाड़ा, अकरम खालापार व दानिश खतौली के साथ मिलकर अंजाम दी। ब्यूरो