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चरथावल चेयरमैन के वित्तीय अधिकार सीज
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:38 AM IST
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डेढ़ साल से चरथावल नगर पंचायत के कार्यों में धांधली की शिकायतों पर शासन ने कार्रवाई कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद निर्माण कार्यों की जांच के बाद डीएम की रिपोर्ट पर सचिव नगर विकास ने चरथावल नगर पंचायत अध्यक्ष बीना त्यागी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने दो महीने पूर्व 73 लाख रुपये के सरकारी धन की क्षति की रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
चरथावल के हलवाईयान निवासी विजेंद्र त्यागी ने निर्माण कार्य, बिना टेंडर के सौर ऊर्जा लाइट लगवाने एवं जनरेटर खरीदने में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। काफी समय तक जांच फाइलों में घूमती रही। शासन के रवैये से आजिज आकर विजेंद्र ने नवंबर 2015 में हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। हाईकोर्ट द्वारा मामले का निस्तारण तीन महीने में करने के आदेश के बाद तत्कालीन डीएम निखिलचंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
जिसमें निर्माण कार्यों में करीब 85 लाख रुपये के धन का दुरुपयोग पाया गया था। उक्त रिपोर्ट पर शासन ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रमेशचंद सहगल को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन चेयरमैन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से खफा विजेंद्र ने मई 2016 में दोबारा हाईकोर्ट में दूसरी जनहित याचिका दाखिल की। जिस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने गंभीरता से तीन महीने में जांच पूरी करने का आदेश सचिव को दिया था।
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शासन ने डीएम से दोबारा जांच कराई, जिसमें डीएम डीके सिंह ने कमेटी से जांच के बाद निर्माण कार्यों में 73,21,189 रुपये की क्षति के लिए अधिशासी अधिकारी के साथ ही अध्यक्ष को भी दोषी मानते हुए 18 अगस्त को शासन को रिपोर्ट भेज दी। जिस पर सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने चरथावल अध्यक्षा बीना त्यागी को आठ बिंदुओं पर आरोप पत्र देकर कारण बताओ नोटिस भेजा है कि क्यों न उनको पदच्युत कर दिया जाए, तब तक उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए डीएम को प्रशासनिक शक्तियां निहित करने का आदेश दिया है।
पांच अक्तूबर का आदेश अभी तक नहीं पहुंचा
मुजफ्फरनगर। पांच अक्तूबर को सचिव श्रीप्रकाश की ओर से पत्रांक 2482 का आदेश बीना त्यागी को भेजा गया था। अध्यक्षा पत्र के आधार पर हाईकोर्ट पहुंच गईं, लेकिन उक्त आदेश शासन से 15 दिन बीतने के बाद भी जिला मुख्यालय पर नहीं पहुंच सका है, जो अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। अभी भी नगर पंचायत के तमाम कार्य अध्यक्षा द्वारा पूर्ववत कराए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में दो दिन पूर्व डीएम डीके सिंह को भी अवगत कराया था।
हाईकोर्ट के फैसले पर निगाहें, सुनवाई आज
मुजफ्फरनगर। एक ओर जहां वित्तीय अधिकार सीज होने का आदेश जिला मुख्यालय नहीं पहुंचा है। वहीं अध्यक्षा बीना त्यागी ने शासन द्वारा अधिकार सीज के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए स्टे की गुहार लगाई है। हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता विजेंद्र के अधिवक्ता विरेंद्र कुमार ने बताया कि चीफ जस्टिस की बेंच में अध्यक्षा बीना त्यागी ने स्टे के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है। जिस पर चीफ जस्टिस की बेंच में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन नंबर पर नहीं आने के कारण शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है।
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चरथावल के हलवाईयान निवासी विजेंद्र त्यागी ने निर्माण कार्य, बिना टेंडर के सौर ऊर्जा लाइट लगवाने एवं जनरेटर खरीदने में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। काफी समय तक जांच फाइलों में घूमती रही। शासन के रवैये से आजिज आकर विजेंद्र ने नवंबर 2015 में हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। हाईकोर्ट द्वारा मामले का निस्तारण तीन महीने में करने के आदेश के बाद तत्कालीन डीएम निखिलचंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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जिसमें निर्माण कार्यों में करीब 85 लाख रुपये के धन का दुरुपयोग पाया गया था। उक्त रिपोर्ट पर शासन ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रमेशचंद सहगल को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन चेयरमैन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से खफा विजेंद्र ने मई 2016 में दोबारा हाईकोर्ट में दूसरी जनहित याचिका दाखिल की। जिस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने गंभीरता से तीन महीने में जांच पूरी करने का आदेश सचिव को दिया था।
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शासन ने डीएम से दोबारा जांच कराई, जिसमें डीएम डीके सिंह ने कमेटी से जांच के बाद निर्माण कार्यों में 73,21,189 रुपये की क्षति के लिए अधिशासी अधिकारी के साथ ही अध्यक्ष को भी दोषी मानते हुए 18 अगस्त को शासन को रिपोर्ट भेज दी। जिस पर सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने चरथावल अध्यक्षा बीना त्यागी को आठ बिंदुओं पर आरोप पत्र देकर कारण बताओ नोटिस भेजा है कि क्यों न उनको पदच्युत कर दिया जाए, तब तक उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए डीएम को प्रशासनिक शक्तियां निहित करने का आदेश दिया है।
पांच अक्तूबर का आदेश अभी तक नहीं पहुंचा
मुजफ्फरनगर। पांच अक्तूबर को सचिव श्रीप्रकाश की ओर से पत्रांक 2482 का आदेश बीना त्यागी को भेजा गया था। अध्यक्षा पत्र के आधार पर हाईकोर्ट पहुंच गईं, लेकिन उक्त आदेश शासन से 15 दिन बीतने के बाद भी जिला मुख्यालय पर नहीं पहुंच सका है, जो अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। अभी भी नगर पंचायत के तमाम कार्य अध्यक्षा द्वारा पूर्ववत कराए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में दो दिन पूर्व डीएम डीके सिंह को भी अवगत कराया था।
हाईकोर्ट के फैसले पर निगाहें, सुनवाई आज
मुजफ्फरनगर। एक ओर जहां वित्तीय अधिकार सीज होने का आदेश जिला मुख्यालय नहीं पहुंचा है। वहीं अध्यक्षा बीना त्यागी ने शासन द्वारा अधिकार सीज के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए स्टे की गुहार लगाई है। हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता विजेंद्र के अधिवक्ता विरेंद्र कुमार ने बताया कि चीफ जस्टिस की बेंच में अध्यक्षा बीना त्यागी ने स्टे के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है। जिस पर चीफ जस्टिस की बेंच में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन नंबर पर नहीं आने के कारण शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है।