{"_id":"5978e8ec4f1c1be4498b46ce","slug":"the-body-of-the-financier-was-thrown-in-the-canal-including-bikes","type":"story","status":"publish","title_hn":"फाइनेंसर की हत्या कर लाश बाइक समेत नहर में फेंकी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फाइनेंसर की हत्या कर लाश बाइक समेत नहर में फेंकी
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
घटना की जानकारी लेती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के खतौली में पांच दिन से लापता फाइनेंसर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्यारोपियों ने शव को उसकी बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने दो कातिलों को पकड़कर उनकी निशानदेही पर मृतक की बाइक गंगनहर से बरामद कर ली है, लेकिन शव अभी तक नहीं मिला है। पुलिस ने एक आरोपी के भाई को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।
गांव पाल निवासी गौरव नागर (25) पुत्र चंद्रपाल फाइनेंस का काम करता था। फिलहाल गौरव अपने बच्चों के साथ मोहल्ला मूलचंद विहार कालोनी स्थित अपने मकान में रह रहा था। 21 जुलाई को वह लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने उसको काफी जगह तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया। मंगलवार को गांव पाल के ग्रामीणों ने गौरव की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर कोतवाली में प्रदर्शन भी किया था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में गांव सराय रसूलपुर निवासी परमिंद्र उर्फ पंडत पुत्र नत्थू, इसी गांव के अब्बास पुत्र शाने रजा और परमिंद्र के भाई इंद्र को हिरासत में लिया गया। पूछताछ करने पर परमिंद्र और अब्बास ने फाइनेंसर की हत्या करने का जुर्म कबूल किया।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह के मुताबिक आरोपी परविंद्र ने बताया कि 21 जुलाई को दिन में जमीन की बंटाई और मकान के किराए के पैसे देने के बहाने गौरव को उसने बुआड़ा खुर्द के सामने गंगनहर के पार दूसरी पटरी पर बुलवाया था। उस समय परविंद्र के साथ गांव के रहने वाले अब्बास और मोनू पुत्र मांगेराम भी था। गौरव बाइक लेकर गंगनहर की पटरी पर पहुंचा था। तीनों ने गौरव के पीछे से गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर गंगनहर से बाइक बरामद कर ली। गंगनहर से अभी तक गौरव का शव नहीं मिल पाया है। पुलिस और परिवार के लोग गोताखोरों की मदद से मेरठ की सलावा झाल तक शव को तलाश करने में लगे हैं। पुलिस हत्याकांड में शामिल फरार मोनू को पकड़ने में जुटी है। पुलिस आरोपी परमिंद्र के भाई इंद्र से भी पूछताछ करने में लगी है।
विज्ञापन
तकादे से बचने के लिए किया कत्ल
खतौली। फाइनेंसर गौरव नागर ने खेतीबाड़ी की बंटाई और मकान में रहने पर किराए के पैसों का तकादा किया तो परमिंद्र ने हत्या करने की योजना बनाई। हत्या की योजना में गांव के अब्बास और मोनू को भी शामिल किया। सबूत मिटाने को हत्या करने के बाद फाइनेंसर के शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया।
गांव सराय रसूलपुर निवासी आरोपी दोनों भाई परमिंद्र उर्फ पंडत और इंद्र पुत्रगण नत्थू मृतक फाइनेंसर गौरव के यहां नौकरी करते थे। बड़ा भाई इंद्र गौरव के भाई जम्मू-कश्मीर में तैनात फौजी विनीत के यहां नौकरी करता है। इंद्र ही फौजी की खेतीबाड़ी करता है। परमिंद्र भी गौरव की बंटाई पर खेतीबाड़ी करता था। इंद्र परिवार के साथ फौजी के मकान में ही गांव पाल में रहता है। एक साल पूर्व ही बंटाई के पैसे नहीं बन सके तो परमिंद्र ने खेतीबाड़ी छोड़ दी थी। परमिंद्र ने बंटाई के पैसे गौरव को नहीं दिए थे।
गौरव के परिवार ने कई वर्ष पूर्व इन दोनों भाइयों का मकान भी खरीद लिया था। उधार के पैसे नहीं देने पर इनकी दो वर्ष पूर्व फाइनेंसर गौरव ने जमीन भी खरीद ली थी। परमिंद्र गांव रसूलपुर में बेचे गए अपने मकान में ही किराए पर रहता था। पुलिस के मुताबिक कई दिनों से फाइनेंसर ने परमिंद्र पर बंटाई के पैसे और मकान में रहने के किराए के पैसे देने का तकादा कर रखा था।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपी परमिंद्र ने बताया कि पैसों का तकादा करने, उनका मकान और जमीन भी खरीद लेने से वह नाराज था। इसलिए उसने गौरव की हत्या करने की योजना तैयार की। हत्या की योजना में उसने गांव के ही मोनू व अब्बास को भी शामिल किया था। इन तीनों में गहरी दोस्ती भी है। दोस्ती के लिए मोनू और अब्बास ने परमिंद्र का साथ दिया है। इन तीनों ने सबूत मिटाने को शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया था।
आखिरी सांस निकले पर संतुष्ट होने पर शव फेंका
फाइनेंसर गौरव को हत्यारों ने गर्दन में पीछे से एक गोली मारी। गोली लगने पर गौरव नीचे गिर गया था। तीनों हत्यारोपी परमिंद्र, मोनू और अब्बास फाइनेंसर गौरव को तड़पता देखते रहे। आखिरी सांस निकलने पर हत्यारों ने गौरव को हिला-ढुलाकर देखा। जब तीनों पूरी तरह से संतुष्ट हो गए कि वह मर चुका है, तब शव को बाइक पर रखकर खेतों से लेकर चले। तीनों ने बाइक समेत शव को गंगनहर में फेंका। जिस खेत में गोली मारी गई थी, वहां पर गौरव का खून निकला था। सबूत मिटाने को परमिंद्र ने फावड़े से मिट्टी खोदकर खून के धब्बे मिटा दिए थे।
महिला की आईडी पर चला रहा था नंबर
मुख्य हत्यारोपी परमिंद्र गांव की एक महिला की आईडी से मोबाइल चला रहा था। सर्विलांस की टीम से पता चलने पर पुलिस ने उस महिला को दो दिन पूर्व पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस ने बताया कि पहले तो परमिंद्र मना करता रहा कि वह कोई मोबाइल नहीं चला रहा है। महिला के बताने पर आरोपी ने कबूल किया।
मृतक की पत्नी ने चारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया
मृतक फाइनेंसर गौरव की पत्नी मधु ने परमिंद्र उसके बड़े भाई इंद्र, मोनू और अब्बास के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की पकड़ में तीन आरोपी आ चुके हैं। फरार आरोपी मोनू को पुलिस तलाश करने में जुटी है।
मृतक का मोबाइल जंधेड़ी में बंद हुआ
ग्रामीणों ने बताया कि 21 जुलाई से वह गौरव को तलाश करने में लगे हुए थे। साथ में नामजद आरोपी इंद्र भी गौरव को तलाश करा रहा था। सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला था कि गौरव का फोन घटना के दिन थाना सिखेड़ा क्षेत्र के गांव चितौड़ा में खसरा नंबर 141 में लगे मोबाइल के टावर की रेंज में जाकर बंद हुआ था।
विज्ञापन
गांव पाल निवासी गौरव नागर (25) पुत्र चंद्रपाल फाइनेंस का काम करता था। फिलहाल गौरव अपने बच्चों के साथ मोहल्ला मूलचंद विहार कालोनी स्थित अपने मकान में रह रहा था। 21 जुलाई को वह लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने उसको काफी जगह तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया। मंगलवार को गांव पाल के ग्रामीणों ने गौरव की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर कोतवाली में प्रदर्शन भी किया था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में गांव सराय रसूलपुर निवासी परमिंद्र उर्फ पंडत पुत्र नत्थू, इसी गांव के अब्बास पुत्र शाने रजा और परमिंद्र के भाई इंद्र को हिरासत में लिया गया। पूछताछ करने पर परमिंद्र और अब्बास ने फाइनेंसर की हत्या करने का जुर्म कबूल किया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर पीपी सिंह के मुताबिक आरोपी परविंद्र ने बताया कि 21 जुलाई को दिन में जमीन की बंटाई और मकान के किराए के पैसे देने के बहाने गौरव को उसने बुआड़ा खुर्द के सामने गंगनहर के पार दूसरी पटरी पर बुलवाया था। उस समय परविंद्र के साथ गांव के रहने वाले अब्बास और मोनू पुत्र मांगेराम भी था। गौरव बाइक लेकर गंगनहर की पटरी पर पहुंचा था। तीनों ने गौरव के पीछे से गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर गंगनहर से बाइक बरामद कर ली। गंगनहर से अभी तक गौरव का शव नहीं मिल पाया है। पुलिस और परिवार के लोग गोताखोरों की मदद से मेरठ की सलावा झाल तक शव को तलाश करने में लगे हैं। पुलिस हत्याकांड में शामिल फरार मोनू को पकड़ने में जुटी है। पुलिस आरोपी परमिंद्र के भाई इंद्र से भी पूछताछ करने में लगी है।
विज्ञापन
तकादे से बचने के लिए किया कत्ल
खतौली। फाइनेंसर गौरव नागर ने खेतीबाड़ी की बंटाई और मकान में रहने पर किराए के पैसों का तकादा किया तो परमिंद्र ने हत्या करने की योजना बनाई। हत्या की योजना में गांव के अब्बास और मोनू को भी शामिल किया। सबूत मिटाने को हत्या करने के बाद फाइनेंसर के शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया।
गांव सराय रसूलपुर निवासी आरोपी दोनों भाई परमिंद्र उर्फ पंडत और इंद्र पुत्रगण नत्थू मृतक फाइनेंसर गौरव के यहां नौकरी करते थे। बड़ा भाई इंद्र गौरव के भाई जम्मू-कश्मीर में तैनात फौजी विनीत के यहां नौकरी करता है। इंद्र ही फौजी की खेतीबाड़ी करता है। परमिंद्र भी गौरव की बंटाई पर खेतीबाड़ी करता था। इंद्र परिवार के साथ फौजी के मकान में ही गांव पाल में रहता है। एक साल पूर्व ही बंटाई के पैसे नहीं बन सके तो परमिंद्र ने खेतीबाड़ी छोड़ दी थी। परमिंद्र ने बंटाई के पैसे गौरव को नहीं दिए थे।
गौरव के परिवार ने कई वर्ष पूर्व इन दोनों भाइयों का मकान भी खरीद लिया था। उधार के पैसे नहीं देने पर इनकी दो वर्ष पूर्व फाइनेंसर गौरव ने जमीन भी खरीद ली थी। परमिंद्र गांव रसूलपुर में बेचे गए अपने मकान में ही किराए पर रहता था। पुलिस के मुताबिक कई दिनों से फाइनेंसर ने परमिंद्र पर बंटाई के पैसे और मकान में रहने के किराए के पैसे देने का तकादा कर रखा था।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपी परमिंद्र ने बताया कि पैसों का तकादा करने, उनका मकान और जमीन भी खरीद लेने से वह नाराज था। इसलिए उसने गौरव की हत्या करने की योजना तैयार की। हत्या की योजना में उसने गांव के ही मोनू व अब्बास को भी शामिल किया था। इन तीनों में गहरी दोस्ती भी है। दोस्ती के लिए मोनू और अब्बास ने परमिंद्र का साथ दिया है। इन तीनों ने सबूत मिटाने को शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया था।
आखिरी सांस निकले पर संतुष्ट होने पर शव फेंका
फाइनेंसर गौरव को हत्यारों ने गर्दन में पीछे से एक गोली मारी। गोली लगने पर गौरव नीचे गिर गया था। तीनों हत्यारोपी परमिंद्र, मोनू और अब्बास फाइनेंसर गौरव को तड़पता देखते रहे। आखिरी सांस निकलने पर हत्यारों ने गौरव को हिला-ढुलाकर देखा। जब तीनों पूरी तरह से संतुष्ट हो गए कि वह मर चुका है, तब शव को बाइक पर रखकर खेतों से लेकर चले। तीनों ने बाइक समेत शव को गंगनहर में फेंका। जिस खेत में गोली मारी गई थी, वहां पर गौरव का खून निकला था। सबूत मिटाने को परमिंद्र ने फावड़े से मिट्टी खोदकर खून के धब्बे मिटा दिए थे।
महिला की आईडी पर चला रहा था नंबर
मुख्य हत्यारोपी परमिंद्र गांव की एक महिला की आईडी से मोबाइल चला रहा था। सर्विलांस की टीम से पता चलने पर पुलिस ने उस महिला को दो दिन पूर्व पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पुलिस ने बताया कि पहले तो परमिंद्र मना करता रहा कि वह कोई मोबाइल नहीं चला रहा है। महिला के बताने पर आरोपी ने कबूल किया।
मृतक की पत्नी ने चारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया
मृतक फाइनेंसर गौरव की पत्नी मधु ने परमिंद्र उसके बड़े भाई इंद्र, मोनू और अब्बास के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की पकड़ में तीन आरोपी आ चुके हैं। फरार आरोपी मोनू को पुलिस तलाश करने में जुटी है।
मृतक का मोबाइल जंधेड़ी में बंद हुआ
ग्रामीणों ने बताया कि 21 जुलाई से वह गौरव को तलाश करने में लगे हुए थे। साथ में नामजद आरोपी इंद्र भी गौरव को तलाश करा रहा था। सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता चला था कि गौरव का फोन घटना के दिन थाना सिखेड़ा क्षेत्र के गांव चितौड़ा में खसरा नंबर 141 में लगे मोबाइल के टावर की रेंज में जाकर बंद हुआ था।