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घर नहीं ले गए शव, शुक्रताल में संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:24 AM IST
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सचिन के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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मंसूरपुर के घासीपुरा में मारे गए बागपत के सचिन को अंतिम समय में अपने गांव की मिट्टी भी नसीब नहीं हो पाई। पिता ने अपने इकलौते बेटे का शव घर ले जाने के बजाय यहीं शुक्रताल के गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा।
थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव घासीपुरा में बुधवार रात मारे गए बागपत के थाना छपरौली के गांव बदरखा निवासी सचिन के शव का शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच परिजनों ने शुक्रताल के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। पिता ने पुलिस से बेटे के शव को घर लेने के बजाय शुक्रताल में अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई। शव को शुक्रताल ले जाने की व्यवस्था पुलिस ने की।
अंतिम संस्कार के दौरान शमशान घाट पर पिता ओमकार सिंह इकलौते बेटे सचिन के शव को देखकर बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं चाचा बिजेंद्र भी शव से लिपटकर रोने लगा। साथ आए ग्रामीणों ने पिता और चाचा को ढांढस बंधाया। मामा ओमपाल, सोमपाल, भीम, फूंफा सुशील, संजय, रवि आदि ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया। चचेरे भाई संजय ने चिता को मुखाग्नि दी। शव के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।
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थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव घासीपुरा में बुधवार रात मारे गए बागपत के थाना छपरौली के गांव बदरखा निवासी सचिन के शव का शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच परिजनों ने शुक्रताल के शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। पिता ने पुलिस से बेटे के शव को घर लेने के बजाय शुक्रताल में अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई। शव को शुक्रताल ले जाने की व्यवस्था पुलिस ने की।
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अंतिम संस्कार के दौरान शमशान घाट पर पिता ओमकार सिंह इकलौते बेटे सचिन के शव को देखकर बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं चाचा बिजेंद्र भी शव से लिपटकर रोने लगा। साथ आए ग्रामीणों ने पिता और चाचा को ढांढस बंधाया। मामा ओमपाल, सोमपाल, भीम, फूंफा सुशील, संजय, रवि आदि ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया। चचेरे भाई संजय ने चिता को मुखाग्नि दी। शव के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।
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