झोलाछाप की लापरवाही से किशोर की मौत
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रोनी हरजीपुर के अजय (15) पुत्र रमेश का इलाज गांव के चिकित्सक के यहां चल रहा था। पिता रमेश के मुताबिक चिकित्सक ने पीड़ित को रोजाना दो-दो इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी। इसके बाद वह रोजाना दो इंजेक्शन लगाता रहा। इससे हालत ठीक होने के बजाय नाजुक होती गई। शुक्रवार रात को उसका पेट फूलने लगा। जिसके बाद चिकित्सक ने हाथ खड़े कर दिए। परेशान परिजन आनन-फानन में रात ही अजय को जौलीग्रांट देहरादून लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि आवेरडोज होने के कारण किशोर की आंतें फटने से स्थिति बेकाबू हुई है। यह सुनकर परिजनों में आक्रोश फैल गया।
शनिवार सुबह शव को गांव लाकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। चिकित्सक दूसरे समुदाय का होने के कारण गांव में तनाव व्याप्त हो गया। मौके की नजाकत भांपकर आरोपी चंपत हो गया। सैकड़ों लोगों ने शव को रखकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर थाना प्रभारी संजीव शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष विकास शर्मा ने परिजनों को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर शव के पंचनामे की कार्रवाई शुरू कराई।
थाना प्रभारी ने बताया पिता रमेश ने आरोपी चिकित्सक के मतलूब आलम के खिलाफ इलाज में लापरवाही के कारण हुई मौत का मुकदमा पंजीकृत कराया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई थी, लेकिन वह फरार है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा
किशोर की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी शनिवार की दोपहर गांव पहुंची और मामले की जांच की। सीएमओ डॉ. पीएम मिश्रा ने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुका था। घर में ही संचालित हो रही उसकी दुकान बंद थी। वहां कोई बोर्ड भी नहीं था। बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ी तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।