दुकानदार के हत्यारे को आजीवन कारावास
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अधिवक्ता जितेंद्र त्यागी ने बताया कि गढ़ीपुख्ता थाने का हेडमोहर्रिर जागेश्वर सिंह साथी कांस्टेबल सुखराम के साथ छह दिसंबर 2003 को सुबह करीब सात बजे कस्बे के महावीर चौक स्थित सैनी टी स्टाल पर चाय पीने गया था। पास में स्थित दुकान पर उसका स्वामी दयानंद बैठा था। करीब सात बजकर दस मिनट पर एक बाइक पर सवार होकर तीन बदमाश आए। बाइक को कांधला के भारती निवासी अनिल पुत्र बलजोर चला रहा था।
उसके पीछे नीटू कैल और हरीश पुत्र रामदास निवासी गढीपुख्ता एसएलआर के साथ बैठे थे। तीनों ने बाइक दयानंद की दुकान के सामने रोकी और गोलियों से भूनकर उसकी हत्या कर मौके से फरार हो गए। जागेश्वर सिंह और सुखराम ने पथराव कर बदमाशों को घेरने का प्रयास भी किया था। इस मामले में अनिल का तो आज तक कुछ पता नहीं चल पाया। नीटू कैल भी मारा जा चुका है। तीसरा आरोपी करीब दस वर्ष से जेल में बंद है।
अपर जिला जज दिनेश चंद्र सिंह ने आरोपी हरीश को आजीवन कारावास की सजा और 25 हजार का जुर्माना किया। जुर्माने की आधी राशि मृतक दुकानदार के परिजनों को दी जाएगी। जितेंद्र त्यागी ने बताया कि सुनवाई के दौरान मृतक का भतीजा पक्षद्रोही हो गया था।