{"_id":"5740b5b44f1c1b126dac7322","slug":"sentenced-to-seven-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र को जलाने का प्रयास करने वाले को सात साल की सजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्र को जलाने का प्रयास करने वाले को सात साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 22 May 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
court
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर 2 ने दुष्कर्म में असफल होने पर छात्र पर जानलेवा हमला करने वाले को सात वर्ष के कारावास के साथ 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है । अभियोजन पक्ष के अनुसार गांधी कालोनी विनीत कपूर कक्षा दस का छात्र था, जो पार्ट टाइम में वेटर का काम भी करता था।
28 मार्च 2010 को गांधी कालोनी निवासी केटरिंग का कार्य करने वाले चंद्रमोहन गाबा पुत्र ईश्वरदास ने उसे काम के लिए बकाया भुगतान देने के बहाने अपने कमरे पर बुलाया था। जहां पर उसने छात्र के साथ कुकर्म का प्रयास किया तथा छात्र के विरोध करने पर उसने मारपीट कर उसके ऊपर तेल डाल कर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया।
पीड़ित की ओर से नई मंडी कोतवाली पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमेे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए 6 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सुबूत पेश किए।
विज्ञापन
विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षो की दलील व सुबूूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए अभियुक्त चन्द्रमोहन गाबा को दोषी मानते हुए धारा 307 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपया का जुर्माना और धारा 377 व 511 के तहत 5 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपयों का जुर्माना की सजा सुनाई है ।
विज्ञापन
28 मार्च 2010 को गांधी कालोनी निवासी केटरिंग का कार्य करने वाले चंद्रमोहन गाबा पुत्र ईश्वरदास ने उसे काम के लिए बकाया भुगतान देने के बहाने अपने कमरे पर बुलाया था। जहां पर उसने छात्र के साथ कुकर्म का प्रयास किया तथा छात्र के विरोध करने पर उसने मारपीट कर उसके ऊपर तेल डाल कर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
पीड़ित की ओर से नई मंडी कोतवाली पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमेे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2 में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए 6 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सुबूत पेश किए।
विज्ञापन
विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षो की दलील व सुबूूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए अभियुक्त चन्द्रमोहन गाबा को दोषी मानते हुए धारा 307 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपया का जुर्माना और धारा 377 व 511 के तहत 5 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपयों का जुर्माना की सजा सुनाई है ।