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आईपीएस के चार लॉकरों में 1.24 करोड़ रुपये नकद मिले 

Sat, 21 Apr 2018 12:43 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Sat, 21 Apr 2018 12:43 AM IST
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Rs. 1.24 crore cash in four lockers of IPS
इस बैंक के लॉकरों में की गई जांच पडताल। - फोटो : अमर उजाला
आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे निलंबित आईपीएस विवेक कुमार की अघोषित संपत्ति सबसे ज्यादा ससुराल में मिली है। एसयूवी के अफसर यह जानने में जुटे हैं कि बिहार राज्य से 1.24 करोड़ का कैश कैसे मुजफ्फरनगर के बैंक लॉकरों में पहुंचाया गया।
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स्पेशल यूनिट विजिलेंस के रडार पर मुजफ्फरपुर के पूर्व एसएसपी विवेक के वो चहेते थानेदार भी है, जो छापे की कार्रवाई के बाद से भूमिगत है। एसयूवी की टीम पिछले पांच दिनों से शहर में गहन खोजबीन में जुटी है। 
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बिहार कैडर के 2007 बैच के आईपीएस विवेक कुमार ने अपनी अघोषित संपत्ति को ससुराल में छिपा रखा था। मुजफ्फरपुर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में एक साथ तीन ठिकानों पर एसयूवी के आईजी रत्न संजय के निर्देश पर छापे की कार्रवाई हुई है।
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जांच में आय से अधिक संपत्ति मिलने पर मुजफ्फरपुर के कप्तान विवेक को निलंबित किया जा चुका है। उनका प्रतिनियुक्ति का मामला भी लटक गया है। विजिलेंस अफसरों को सबसे बड़ी कामयाबी आईपीएस की ससुराल में ही मिली। शहर के तीन बैंकों एसबीआई अंसारी रोड, इंडियन ओवरसीज बैंक आर्यपुरी और विजया बैंक के खातों और लॉकरों में 1.85 करोड़ की एफडी, 17 लाख से ज्यादा के जेवरात और 1.24 करोड़ कैश मिला है।

पिछले दो साल में सबसे ज्यादा एफडी कराई गई है। इंडियन ओवरसीज बैंक के मैनेजर ने एसयूवी की कार्रवाई की पुष्टि की है, मगर लॉकरों में कितना कैश मिला, इसके लिए उन्होंने गोपनीयता की बाध्यता बता कर जानकारी से इंकार कर दिया।

एसयूवी के अफसरों की जांच के घेरे में बिहार पुलिस के कई थानेदार और पुलिस कर्मी भी आ गए है। बिहार से करोड़ों का कैश कैसे मुजफ्फरनगर के बैंकों तक आया, इसकी तहकीकात हो रही है। एसयूवी की जांच का बिंदु यह भी है कि लेन देन में हवाला का प्रयोग तो नहीं किया गया।

मुजफ्फरपुर पुलिस के उन थानेदारों के लाोकेशन जानने के लिए उनके मोबाइल फोनों की सीडीआर चेक की जा रही है, जो छापे की कार्रवाई के बाद से भूमिगत हो गए है। आईपीएस के सहारनपुर स्थित पैतृक आवास पर एसयूवी को अघोषित सम्पत्ति के कोई खास दस्तावेज नहीं मिले हैं।

पिछले पांच दिनों से एसयूवी के अफसर शहर में ससुराल पक्ष से जुड़े नाते रिश्तेदारों तक पूछताछ में लगे है। यह कार्रवाई अभी कितने दिन और चलेगी, इसका अंदाज नहीं है। हर रोज नए खुलासे से एसयूवी टीम खुद हैरत में है। 

मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर
मुजफ्फरनगर। आईपीएस विवेक कुमार के ससुर वेदप्रकाश कर्णवाल से विजिलेंस टीम किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने नहीं दे रही है। दिन भर टीम के साथ रहने के बाद उन्हें रात में आर्यपुरी स्थित आवास पर पुलिस सुरक्षा में छोड़ा जा रहा है।


शहर कोतवाली पुलिस को निर्देश है कि ससुर से किसी को भी नहीं मिलने दिया जाए। एसयूवी टीम ने घर के सभी फोन भी सर्विलांस पर ले रखे है। पटना में मौजूद एसयूवी के आईजी रत्न संजय को पल-पल की खबर दी जा रही है। 
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