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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Prisoner in jail killing

चंद्रहास की चीखों से घंटों गूंजती रही जेल 

Sun, 26 Jun 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sun, 26 Jun 2016 01:00 AM IST
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Prisoner in jail killing
मृतक कैदी चंद्रहास का सामान लेकर जाता उसका चाचा। - फोटो : अमर उजाला
जेल में मारे गए कैदी चंद्रहास की चीखों से जेल की बैरकें गूंजती रही, लेकिन जेल में मौजूद अधिकारी उसकी चीखों को अनसुना कर अपने काम में लगे रहे। कैदी गिड़गिड़ाया कि उसे बैरक तीन में न भेजा जाए, लेकिन अधिकारियों ने उसकी प्रार्थना को अनसुना कर उसे मौत के मुंह में धकेल दिया। वहां उसके विरोधियों ने उस पर हमला कर दिया। 
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जेल में बृहस्पतिवार रात बैरक नंबर आठ में कैदी चंद्रहास का सचिन से झगड़ा हो गया था। मारपीट की सूचना पर पहुंचे बंदीरक्षकों ने चंद्रहास को बाहर निकाला और उसकी जमकर पिटाई की। बेसुध होने लगा तो उसे बैरक नंबर तीन की ओर ले जाया जाने लगा। चंद्रहास गिड़गड़ाने लगा कि उसे बैरक तीन में न ले जाया जाए। वहां उसके विरोधी उसे मार डालेंगे।
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बाहर खड़े जेलर से भी उसने बचाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। उसे ले जाकर बैरक नंबर तीन में डाल दिया, वहां पहले से ही मौजूद दूसरे गुट के बंदियों ने उस पर हमला कर दिया। लात, घूंसे, कट्टन, डंडे आदि से पीटना शुरू किया तो चंद्रहास चिल्लाने लगा।
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बैरक के बाहर बंदीरक्षक घूमते रहे और अधिकारी अपने ऑफिस में चुपचाप बैठे तमाशा देखते रहे। चीखने की आवाजें बंद हुई तो सभी बैरक नंबर तीन की ओर दौड़े। अधिकारी भले ही  सफाई दें कि कैदियों और बंदियों के आपसी झगड़े में चंद्रहास की मौत हुई है, लेकिन सचाई ये है कि जेल अफसर भी उसकी मौत चाहते थे। जेल के बंदियों के बयान इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। 

जान लेने में माहिर हैं चंद्रहास के गुनहगार   
जेल में चंद्रहास की हत्या के आरोपी पहले से ही हत्याओं के मामले में कारागार में बंद हैं। तीनों आरोपी पहले भी हत्या कर चुके हैं। 
कैदी चंद्रहास की हत्यारोपी शाहरुख पुत्र इकराम निवासी नई बस्ती सलेमपुर रोड कांधला, शामली को कांधला थाने से हत्या के आरोप में 16 मार्च 2015 को कारागार लाया गया था। दूसरा आरोपी सुक्खा पुत्र मुल्ला शहर कोतवाली के सुजडू का रहने वाला है,

ये भी पांच सितंबर, 2015 से हत्या के आरोप में जेल मेें बंद है। तीसरा आरोपी  प्रमोद पुत्र मांगेराम निवासी काबड़ौत  थाना फुगाना मुजफ्फरनगर को भी पुलिस ने 11 सितंबर 2007 को हत्या के ही मामले में जिला कारागार भेजा था। चौथा आरोपी प्रदीप पुत्र प्रकाशा निवासी पानीपत रोड कस्बा कैराना,

शामली को कैराना कोतवाली से 29 अक्तूबर, 2011 को हत्या के ही मामले में पकड़कर कारागार भेजा गया था। चारों आरोपी तभी से जेल में बंद है। चारों पर ही चंद्रहास की हत्या का आरोप है और इन्ही के खिलाफ नई मंडी कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

कारागार के हालात तनावपूर्ण
जिला कारागार में कैदी की मौत के बाद से ही तनाव के हालात बने हुए हैं। मृतक औरा आरोपी पक्ष के बंदियों के बीच शनिवार को भी तनातनी के हालात बने रहे। अधिकारी पल-पल बंदियों पर नजर रख रहे हैं। 

कैदी चंद्रहास की मौत के बाद से ही कारागार के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मृतक और आरोपी पक्ष के बंदियों के बीच तनातनी के हालात हैं। दोनों ओर के कैदी एवं बंदियों के बीच जरा सी बात होते ही कारागार के भीतर खूनी संघर्ष हो सकता है।


हालांकि जेल अधिकारी हालात पर पल-पल पर नजर रखे हैं, लेकिन कब और कैसे हालात बिगड़ जाएं, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। कारागार के भीतर हालात इस समय बहुत ज्यादा खराब हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह के अनुसार अब स्थिति सामान्य है। हालात पर नजर रखी जा रही है। बवाल करने वालों  के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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