{"_id":"57113eec4f1c1b91154a6d19","slug":"pranab-s-body-reached-after-six-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दिन बाद पहुंचा प्रणव का शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छह दिन बाद पहुंचा प्रणव का शव
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर में मेडिकल छात्र प्रणव की शव यात्रा में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूक्रेन में हत्या के छह दिन बाद शुक्रवार को मेडिकल के छात्र प्रणव शांडिल्य का शव घर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हार्ट की पेशेंट उसकी मां को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई और उसे शव पहुंचने से पहले ही बाहर भेज दिया गया। दोपहर को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़े भाई मुकुल ने मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई।
शहर के मोहल्ला सुथराशाही निवासी परमेश कुमार शर्मा का छोटा बेटा प्रणव शांडिल्य मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। वह उझगोरोद कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था। यूक्रेन में बदमाशों ने गत रविवार प्रणव शांडिल्य और उसके साथी अंकुर सिंह की हत्या कर दी गई थी, जबकि हमले में आगरा का छात्र इंद्रजीत चौहान गंभीर घायल हुआ था।
प्रणव शांडिल्य का शव भारत लाने के लिए परिजन उसी दिन से प्रयासरत थे। डीएम दिनेश कुमार सिंह की ओर से स्थानीय स्तर से सूचनाएं जुटाकर केंद्र सरकार को भेजी गई थी। प्रणव के बड़े भाई और अधिवक्ता मुकुल शर्मा ने तीन दिन पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पीए से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराते हुए प्रणव का शव भारत मंगवाने मांग की थी।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय की पहल पर प्रणव का शव ऊझगोरोद से यूक्रेन की राजधानी कीव लाया गया। वहां से शव शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचा। दिल्ली में यूपी के असिस्टेंट रेजीडेंट कमिश्नर शशिकांत मल्होत्रा, मुजफ्फरनगर से गए तहसीलदार सदर रजनीकांत और परिजन शुक्रवार सुबह चार बजे एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शुक्रवार 11.25 बजे एंबुलेंस से शव सुथराशाही स्थित आवास पर लाया गया। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी केबी सिंह, एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, सीओ सिटी डॉ. तेजबीर सिंह समेत राजनेताओं, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, पत्रकारों आदि ने परिजनों को सांत्वना दी। आधे घंटे बाद ही यहां से गमगीन माहौल में प्रणव की अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई।
सैकड़ों लोगों की नम आंखों के बीच काली नदी शमशान घाट पर प्रणव का अंतिम संस्कार कर किया गया। बड़े भाई मुकुल शर्मा ने मुखाग्नि दी। प्रणव की मां हार्ट की पेशेंट है। उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी और शव घर पहुंचने से पहले शहर के बाहर रिश्तेदारी में भेज दिया गया।
सांत्वना देने वालों में शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री महेश बंसल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पाल, यशपाल पंवार, सुनील तायल, बसपा नेता राकेश शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार यादव, मुफ्ती जुल्फिकार, सपा नेता चंदन चौहान, अलका शर्मा, कांग्रेस नेता सलमान सईद, सतीश शर्मा, भाजपा नेता श्रीमोहन तायल, विजय शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र शर्मा, राकेश पुंडीर आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला सुथराशाही निवासी परमेश कुमार शर्मा का छोटा बेटा प्रणव शांडिल्य मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। वह उझगोरोद कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था। यूक्रेन में बदमाशों ने गत रविवार प्रणव शांडिल्य और उसके साथी अंकुर सिंह की हत्या कर दी गई थी, जबकि हमले में आगरा का छात्र इंद्रजीत चौहान गंभीर घायल हुआ था।
विज्ञापन
प्रणव शांडिल्य का शव भारत लाने के लिए परिजन उसी दिन से प्रयासरत थे। डीएम दिनेश कुमार सिंह की ओर से स्थानीय स्तर से सूचनाएं जुटाकर केंद्र सरकार को भेजी गई थी। प्रणव के बड़े भाई और अधिवक्ता मुकुल शर्मा ने तीन दिन पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पीए से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराते हुए प्रणव का शव भारत मंगवाने मांग की थी।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय की पहल पर प्रणव का शव ऊझगोरोद से यूक्रेन की राजधानी कीव लाया गया। वहां से शव शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचा। दिल्ली में यूपी के असिस्टेंट रेजीडेंट कमिश्नर शशिकांत मल्होत्रा, मुजफ्फरनगर से गए तहसीलदार सदर रजनीकांत और परिजन शुक्रवार सुबह चार बजे एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शुक्रवार 11.25 बजे एंबुलेंस से शव सुथराशाही स्थित आवास पर लाया गया। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी केबी सिंह, एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, सीओ सिटी डॉ. तेजबीर सिंह समेत राजनेताओं, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, पत्रकारों आदि ने परिजनों को सांत्वना दी। आधे घंटे बाद ही यहां से गमगीन माहौल में प्रणव की अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई।
सैकड़ों लोगों की नम आंखों के बीच काली नदी शमशान घाट पर प्रणव का अंतिम संस्कार कर किया गया। बड़े भाई मुकुल शर्मा ने मुखाग्नि दी। प्रणव की मां हार्ट की पेशेंट है। उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी और शव घर पहुंचने से पहले शहर के बाहर रिश्तेदारी में भेज दिया गया।
सांत्वना देने वालों में शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री महेश बंसल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह पाल, यशपाल पंवार, सुनील तायल, बसपा नेता राकेश शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार यादव, मुफ्ती जुल्फिकार, सपा नेता चंदन चौहान, अलका शर्मा, कांग्रेस नेता सलमान सईद, सतीश शर्मा, भाजपा नेता श्रीमोहन तायल, विजय शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र शर्मा, राकेश पुंडीर आदि शामिल रहे।