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बाबू के अश्लील मैसेजों से तंग हुई शिक्षिका
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:08 AM IST
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एक शिक्षिका के व्हाट्सअप और फेसबुक पर बेसिक शिक्षा विभाग के क्लर्क द्वारा अश्लील मैसेज भेजने का मामला सामने आया है। टीचर ने आरोपी बाबू का क्लोज फ्रेंड बनने का ऑफर ठुकराया तो छह माह में नगर क्षेत्र में अध्यापिका को तीसरे विद्यालय में संबद्ध करा दिया गया। पीड़िता ने सूबे के बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन और बीएसए को क्लर्क द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की शिकायत की है।
समायोजन प्रक्रिया के बाद मार्च माह में नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका को तैनाती दी गई थी। कुछ माह बाद ही उसे नईमंडी क्षेत्र की प्राइमरी पाठशाला में संबद्ध कर दिया गया। विभागीय धींगामस्ती को लेकर शिक्षिका नगरपालिका स्थित नगर शिक्षा क्षेत्र के क्लर्क से मिली तो उसने मुसीबत से बचने के लिए क्लोज फ्रेंड बनने का ऑफर दिया। साथ ही कुछ दिन बाद अध्यापिका के फेसबुक और व्हाट्सअप पर अश्लील मैसेज भेजने लगा।
मानसिक रूप से परेशान शिक्षिका के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में आरोपी बाबू ने अड़ंगा अड़ा दिया। विभाग में कोई सुनवाई नहीं हुई तो शिक्षिका ने इलाहाबाद जाकर बेसिक शिक्षा परिषद में अपने मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी कराई। 24 सितंबर को शिक्षिका ने आकस्मिक अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिया तो उसे क्लर्क ने गायब कर दिया। विभाग में बाबुओं की हठधर्मिता का आलम यह है कि शिक्षिका को अब नईमंडी से हटाकर रामलीला टिल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय में अटैच कर दिया गया है।
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बीते छह माह में यह तीसरा स्कूल है, जहां उसे तैनाती दी जा रही है। उत्पीड़न से हताश शिक्षिका ने बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन और बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव को लिखित में शिकायत कर आरोपी क्लर्क के क्रियाकलाप का चिट्ठा खोला है। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि क्लर्क के मंसूबे पूरे नहीं हो पाने की वजह से शोषण और अपमान झेलना पड़ रह है। क्या यह शिक्षक की गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस नहीं है।
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समायोजन प्रक्रिया के बाद मार्च माह में नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका को तैनाती दी गई थी। कुछ माह बाद ही उसे नईमंडी क्षेत्र की प्राइमरी पाठशाला में संबद्ध कर दिया गया। विभागीय धींगामस्ती को लेकर शिक्षिका नगरपालिका स्थित नगर शिक्षा क्षेत्र के क्लर्क से मिली तो उसने मुसीबत से बचने के लिए क्लोज फ्रेंड बनने का ऑफर दिया। साथ ही कुछ दिन बाद अध्यापिका के फेसबुक और व्हाट्सअप पर अश्लील मैसेज भेजने लगा।
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मानसिक रूप से परेशान शिक्षिका के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में आरोपी बाबू ने अड़ंगा अड़ा दिया। विभाग में कोई सुनवाई नहीं हुई तो शिक्षिका ने इलाहाबाद जाकर बेसिक शिक्षा परिषद में अपने मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी कराई। 24 सितंबर को शिक्षिका ने आकस्मिक अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिया तो उसे क्लर्क ने गायब कर दिया। विभाग में बाबुओं की हठधर्मिता का आलम यह है कि शिक्षिका को अब नईमंडी से हटाकर रामलीला टिल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय में अटैच कर दिया गया है।
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बीते छह माह में यह तीसरा स्कूल है, जहां उसे तैनाती दी जा रही है। उत्पीड़न से हताश शिक्षिका ने बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन और बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव को लिखित में शिकायत कर आरोपी क्लर्क के क्रियाकलाप का चिट्ठा खोला है। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि क्लर्क के मंसूबे पूरे नहीं हो पाने की वजह से शोषण और अपमान झेलना पड़ रह है। क्या यह शिक्षक की गरिमा और आत्मसम्मान को ठेस नहीं है।