बवाल के बाद जागी पुलिस
17 मई को बाबरी के गांव करौंदा हाथी से एक युवती का अपहरण हो गया था। अगले दिन युवती के पिता ने थाने में कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कर कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। तीन दिन तक भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर 21 मई को लड़की के पिता व परिजनों ने बाबरी थाने में हंगामा करते हुए थाने को घेर लिया था। इस दौरान युवती के पिता अरविंद ने अपने शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके बाद, पुलिस ने पीड़ित को दो दिन में युवती की बरामदगी का आश्वासन दिया था।
इतना बवाल होने के बाद रविवार को पुलिस की आंख खुली और मामले में युवती के पिता की ओर से सचिन उर्फ काला पुत्र बाबुराम निवासी किशनपुर बिराल बागपत, उसकी बहन रीतू, करौंदा हाथी निवासी राजेंद्र पुत्र जबर सिंह ,सुशीला पत्नी राजेंद्र, शिवानी पुत्री राजकुमार सहित सात पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल की तलाश में दबिश
शामली। मोहल्ला नानुपरा में चल रहे एक मोबाइल की तलाश में सोमवार को करनाल की साइबर सेल की टीम ने दबिश दी। इस दौरान पुलिस को मोबाइल नहीं मिल सका। इस वजह से पुलिस बैरंग लौट गई।
करनाल की साइबर सेल के एसआई रामकुमार शामली कोतवाली में टीम सहित पहुंचे और अपनी आमद दर्ज कराई। एसआइ रामकुमार के मुताबिक करनाल में एक घटना के दर्ज मुकदमे के संबंध में मोबाइल की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि वह मोबाइल नगर के मोहल्ला नानपुरा तिमरशाह में ट्रेस किया गया है, जिसमें एक महिला की आईडी से लिया गया सिम संचालित किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से मोहल्ला नानुपुरा में बताए गए स्थान पर दबिश दी, लेकिन वहां कुछ नहीं मिल सका। कोई सफलता नहीं मिली और पुलिस बैरंग लौट गई। उधर, कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया का कहना है कि हरियाणा पुलिस की साइबर सेल की टीम एक मोबाइल की बरामदी के संबंध में कोतवाली आई थी।