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गोलीबारी के बाद पुलिस को झेलना पड़ा विरोध
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:21 AM IST
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खालापार में कोतवाल को खरीखोटी सुनाते मृतकों के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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खालापार के गोलीकांड में पुलिस को महिलाओं का भारी विरोध झेलना पड़ा। पुलिस घायलों को मेरठ के लिए रेफर करा रही थी। उसी समय घायल पक्ष की महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस पर जबरदस्ती रेफर करने का आरोप लगा दिया। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने लोगों को शांत किया। वहीं दूसरी और घायल पक्ष के लोग बदला लेने की बात भी कर रहे थे। दोनों पक्षों के लोगों में भारी तनाव है। घायलों के परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पुलिस प्रशासन ने संभाली कमान
खालापार के गोलीकांड को लेकर डीएम और एसएसपी ने सूझबूझ से मामले को संभाला। एसएसपी खुद मौके पर फोर्स लेकर पहुंचे और वहां के हालात पर काबू पाया। उधर, डीएम डीके सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचे और वहां शहर कोतवाली, सिविल लाइन और नईमंडी कोतवाली का फोर्स पहले से ही तैनात कर दिया गया था। दोनों जगहों पर एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता, एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
एंबुलेस की लगी लाइन
जैसे-जैसे घायल अस्पताल में पहुंचते गए वैसे ही प्रशासन ने वहां दर्जनभर एबुलेंस घायलों के लिए लगा दीं। एक के पीछे एक आठ-दस एबुंलेंस अस्पताल में खड़ी कर दी गई थीं। जैसे ही मरीज आता तुरंत एंबुलेंस को स्टार्ट कराकर खड़ी करा दिया जाता।
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पुलिस प्रशासन ने संभाली कमान
खालापार के गोलीकांड को लेकर डीएम और एसएसपी ने सूझबूझ से मामले को संभाला। एसएसपी खुद मौके पर फोर्स लेकर पहुंचे और वहां के हालात पर काबू पाया। उधर, डीएम डीके सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचे और वहां शहर कोतवाली, सिविल लाइन और नईमंडी कोतवाली का फोर्स पहले से ही तैनात कर दिया गया था। दोनों जगहों पर एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता, एसपी ट्रैफिक विनोद पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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एंबुलेस की लगी लाइन
जैसे-जैसे घायल अस्पताल में पहुंचते गए वैसे ही प्रशासन ने वहां दर्जनभर एबुलेंस घायलों के लिए लगा दीं। एक के पीछे एक आठ-दस एबुंलेंस अस्पताल में खड़ी कर दी गई थीं। जैसे ही मरीज आता तुरंत एंबुलेंस को स्टार्ट कराकर खड़ी करा दिया जाता।
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