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Teacher Murder Case: खूनी बन बैठा हेड कांस्टेबल, गोलियां बरसाकर उतारा मौत के घाट, सामने आई वारदात की बड़ी वजह

Mon, 18 Mar 2024 09:46 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 18 Mar 2024 09:46 PM IST
सार

Teacher Murder Case : मामूली सी बात को लेकर हेड कांस्टेबल खूनी बन बैठा। हेड कांस्टेबल ने गोलियां बरसाकर शिक्षक को मौत के घाट उतार दिया। वारदात के पीछे ये बड़ी वजह सामने आई है।

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Muzaffarnagar Murder Case: Head constable shoot dead of a teacher after not giving him tobacco
हंगामा करते लोग और शिक्षक का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी से हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर पहुंचे सहायक अध्यापक की दस्ते के साथ चल रहे हेड कांस्टेबल ने एसएसपी आवास के सामने एसडी इंटर कॉलेज के मुख्य गेट पर कारबाइन से गोली मारकर शिक्षक की हत्या कर दी। दोनों में तंबाकू को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मौके पर मौजूद एक दरोगा व चार अन्य कर्मचारियों को भी थाने ले गई। 

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उधर, घटना के विरोध में जिले के शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर सरकुलर रोड पर जाम लगा दिया। छह घंटे धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सपा विधायक पंकज मलिक को लौटा दिया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने पर धरना समाप्त हुआ।

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वाराणसी पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश, दरोगा नागेंद्र चौहान, जनपद चंदौली के गांव बैराठ निवासी सहायक अध्यापक धर्मेंद्र कुमार (32), अध्यापक संतोष कुमार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जितेंद्र मौर्य, कृष्णकांत, डीसीएम चालक गोंडा निवासी साधू यादव वाराणसी से डीसीएम में उत्तर पुस्तिकाएं लेकर मूल्यांकन केंद्र पर उतारने आए थे। रविवार रात करीब दो बजे वह सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रोडवेज बस अड्डे के पास एसएसपी आवास के सामने एसडी इंटर कॉलेज के गेट पर पहुंचे। गेट बंद होने के कारण डीसीएम वहां खड़ी कर आराम करने लगे।

इसी दौरान हेड कांस्टेबल चंद्र प्रकाश ने सहायक अध्यापक धर्मेंद्र कुमार से खाने के लिए तंबाकू मांगा। शिक्षक ने तंबाकू नहीं होने की बात कही। इसी बात से गुस्साए हेड कांस्टेबल ने सरकारी कारबाइन से शिक्षक पर फायरिंग कर दी। शिक्षक को कई गोलियां लगीं। अन्य साथी कर्मचारियों ने किसी तरह हेड कांस्टेबल को पकड़ा। फायरिंग की आवाज सुनकर रोडवेज बस अड्डे पर तैनात पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर अधिकारियों को सूचना देते हुए घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने घायल सहायक अध्यापक को मृत घोषित कर दिया।

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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली और शव को मोर्चरी में रखवाया है। उधर, सोमवार सुबह घटना की जानकारी पर सैकडों शिक्षकों ने विरोध जताते हुए सरकुलर रोड पर जाम लगाकर धरना दिया। धरने पर पहुंचे सपा विधायक पंकज मलिक और सपा नेता राकेश शर्मा को शिक्षकों ने लौटा दिया। शिक्षकों का कहना था कि वह राजनीति नहीं चाहते।

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत धरने पर पहुंचे और शिक्षकों का समर्थन किया। इस दौरान एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों व कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। 11 शिक्षकों की समिति ने जिलाधिकारी अरविंद मल्लपप्पा बंगारी व एसएसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। शिक्षक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने के बाद शिक्षकों ने धरना समाप्त किया।

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नशे की हालत में था हेड कांस्टेबल
आरोपी हेड कांस्टेबल नशे की हालत में था। शिक्षक ने तंबाकू होने से इन्कार कर दिया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच मनमुटाव हो गया था। इसी वजह से हत्या कर दी गई। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने अभी तहरीर नहीं दी है।

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