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कैदी की मौत से दूधली में मातम, ट्रिपल मर्डर में हुई थी सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:20 AM IST
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जेल में कैदी की मौत के बाद गमजदा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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आठ साल से जिला कारागार में सजा काट रहे चंद्रहास को ऐसी मौत मिलेगी, ऐसी किसी को उम्मीद नहीं थी। सहारनपुर के बड़गांव थाने के गांव लुकादड़ी में हुई तिहरे हत्याकांड के मामले में उसे कोर्ट से उम्रकैद की सजा हुई थी। चरथावल थाने में भी मृतक के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैैं। कैदी की मौत के बाद से परिवार में मातम पसर गया है।
जिला कारागार में कैदी चंद्रहास की मौत से दूधली गांव हैरत में है। खेतीबाड़ी से जुड़े बाबूराम का यह बेटा वर्ष 2008 से जेल में सजा काट रहा था। बड़गांव थाने के लुकादड़ी गांव में दोस्तों के बीच आपसी विवाद में हुई हत्या में वह दोषी पाया गया था। चरथावल थाने में भी मृतक कैदी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं।
कैदी चंद्रहास की संदिग्ध हालात में हुई मौत से परिवार सन्न है। मां अमरवती और पत्नी नीरज का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी पत्नी गाजियाबाद के बझ़ेड़ा गांव की है। बेटी सोनिया ने इसी साल कक्षा 12 की परीक्षा पास की है, जबकि बेटा मनीष और दूसरी बेटी मधु पढ़ रहे हैं।
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बच्चों के चेहरों पर भी पिता की असामयिक मौत को लेकर गम और गुस्सा है। दूधली गांव में कैदी की मौत को लेकर मातम पसरा हुआ है। दूधली के रामभूल सिंह पुंडीर और विकास आर्य ने बताया कि मेरठ में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को देर शाम गांव लाया गया।
जेल में यातना देकर मारा गया बेटा : पिता
मृतक कैदी चंद्रहास के पिता बाबूराम ने आरोप लगाया है कि जेलर और बंदी रक्षकों की यातनाओं से उसके बेटे की जान गई है। तीन दिन पहले ही कारागार में मिलाई के दौरान मृतक ने बंदियों से किसी विवाद की कोई बात नहीं उन्हें नहीं बताई थी।
कैदी चंद्रहास के पिता ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े सात बजे जेल से सूचना मिली कि आपके बेटे की हालत नाजुक है और उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जब तक हम मुजफ्फरनगर पहुंचे, उसे मेरठ भेज दिया गया था। हमारे मेरठ पहुंचने से पूर्व ही चंद्रहास की मौत हो चुकी थी। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। उसे बेरहमी से पीटा गया था।
उनका आरोप है कि पहले तो किसी विवाद में बंदियों की आपस में मारपीट हुई। बाद में जेलर और बंदी रक्षकों ने रात के 11 बजे उनके बेटे को बैरक से बुलाया और बेरहमी से पीटा। मरणासन्न हालत में बेहोश होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। मेरठ में उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि यदि उसके बेटे की हालत खराब हो गई थी तो रात में ही उन्हें क्यों नहीं सूचित किया गया, यह जांच का विषय है। वह दोषी जेल प्रशासन और आरोपी बंदियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
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जिला कारागार में कैदी चंद्रहास की मौत से दूधली गांव हैरत में है। खेतीबाड़ी से जुड़े बाबूराम का यह बेटा वर्ष 2008 से जेल में सजा काट रहा था। बड़गांव थाने के लुकादड़ी गांव में दोस्तों के बीच आपसी विवाद में हुई हत्या में वह दोषी पाया गया था। चरथावल थाने में भी मृतक कैदी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं।
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कैदी चंद्रहास की संदिग्ध हालात में हुई मौत से परिवार सन्न है। मां अमरवती और पत्नी नीरज का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी पत्नी गाजियाबाद के बझ़ेड़ा गांव की है। बेटी सोनिया ने इसी साल कक्षा 12 की परीक्षा पास की है, जबकि बेटा मनीष और दूसरी बेटी मधु पढ़ रहे हैं।
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बच्चों के चेहरों पर भी पिता की असामयिक मौत को लेकर गम और गुस्सा है। दूधली गांव में कैदी की मौत को लेकर मातम पसरा हुआ है। दूधली के रामभूल सिंह पुंडीर और विकास आर्य ने बताया कि मेरठ में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को देर शाम गांव लाया गया।
जेल में यातना देकर मारा गया बेटा : पिता
मृतक कैदी चंद्रहास के पिता बाबूराम ने आरोप लगाया है कि जेलर और बंदी रक्षकों की यातनाओं से उसके बेटे की जान गई है। तीन दिन पहले ही कारागार में मिलाई के दौरान मृतक ने बंदियों से किसी विवाद की कोई बात नहीं उन्हें नहीं बताई थी।
कैदी चंद्रहास के पिता ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े सात बजे जेल से सूचना मिली कि आपके बेटे की हालत नाजुक है और उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जब तक हम मुजफ्फरनगर पहुंचे, उसे मेरठ भेज दिया गया था। हमारे मेरठ पहुंचने से पूर्व ही चंद्रहास की मौत हो चुकी थी। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। उसे बेरहमी से पीटा गया था।
उनका आरोप है कि पहले तो किसी विवाद में बंदियों की आपस में मारपीट हुई। बाद में जेलर और बंदी रक्षकों ने रात के 11 बजे उनके बेटे को बैरक से बुलाया और बेरहमी से पीटा। मरणासन्न हालत में बेहोश होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। मेरठ में उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि यदि उसके बेटे की हालत खराब हो गई थी तो रात में ही उन्हें क्यों नहीं सूचित किया गया, यह जांच का विषय है। वह दोषी जेल प्रशासन और आरोपी बंदियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।