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मंसूरपुर मिल के खाते से 48 लाख उड़ाए
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:20 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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मंसूरपुर शुगर मिल के खाते से फर्जी तरीके से मिल अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी चेकबुक के जरिए दिल्ली की पीएनबी शाखा 48 लाख रुपये की नगदी उड़ा ली गई है। मिल अफसरों को मोबाइल पर एसएमएस आने के बाद मामले का पता चला।
आनन-फानन में बैंकों में मिल के सभी खाते बंद करा दिए गए हैं। छह दिन पूर्व भी लुधियाना में आईसीआईसीआई बैंक में फर्म के नाम अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त चेक लगाकर सवा दो करोड़ रुपये निकालने का प्रयास किया गया था। फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी की ओर से थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है।
मंसूरपुर शुगर मिल के मैनेजर ओएन तिवारी के मुताबिक शुगर मिल के खाते से रकम निकालने के लिए चीफ जनरल मैनेजर वेदपाल मलिक और जीएम फाइनेंस अधिकृत हैं। इनके हस्ताक्षरों के बिना कोई रकम नहीं निकाली जा सकती। मिल अधिकारियों ने बताया कि 17 जून को लुधियाना के आईसीआईसीआई बैंक में किसी ठग ने सैनी मोटर्स फर्म के नाम से मिल अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त सवा दो करोड़ रुपये का मिल का चेक कैश कराने के लिए लगाया था।
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बैंक कर्मचारी सवा दो करोड़ रुपया सैनी मोटर्स फर्म में ट्रांसफर करने वाले ही थे कि उसका एसएमएस मिल अफसरों के मोबाइल पर आ गया। मिल अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए पैसा ट्रांसफर होने से रुकवा दिया। अधिकारियों ने उसी दिन सभी बैंकों के खाते बंद करा दिए थे। मिल अधिकारियों ने जांच पड़ताल कर छह दिन बाद 23 जून की सुबह अपने खाते पुन: खुलवा दिए।
बृहस्पतिवार शाम अधिकारियों के मोबाइल पर मिल के खाते से 48 लाख रुपये निकाले जाने का एसएमएस आया। अधिकारियों ने जांच-पड़ताल कराई तो पता चला कि दिल्ली में महावीर एन्कलेव स्थित पंजाब नेशनल बैंक से अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त चेक से 48 लाख रुपये निकाले गए हैं। मिल खाते से 48 लाख रुपये की रकम निकाले जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने आनन-फानन में पुन: मिल के सभी खाते बंद करा दिए हैं। फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी ने अज्ञात ठग के खिलाफ पैसे निकालने की तहरीर दी है। तिवारी का कहना है कि इसमें बैंक स्टाफ की लापरवाही है। नियमानुसार शाखा प्रबंधक को इतनी बड़ी रकम का चेक क्लियर करने से पूर्व मिल अधिकारियों से फोन कर कन्फर्म करना चाहिए था।
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आनन-फानन में बैंकों में मिल के सभी खाते बंद करा दिए गए हैं। छह दिन पूर्व भी लुधियाना में आईसीआईसीआई बैंक में फर्म के नाम अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त चेक लगाकर सवा दो करोड़ रुपये निकालने का प्रयास किया गया था। फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी की ओर से थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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मंसूरपुर शुगर मिल के मैनेजर ओएन तिवारी के मुताबिक शुगर मिल के खाते से रकम निकालने के लिए चीफ जनरल मैनेजर वेदपाल मलिक और जीएम फाइनेंस अधिकृत हैं। इनके हस्ताक्षरों के बिना कोई रकम नहीं निकाली जा सकती। मिल अधिकारियों ने बताया कि 17 जून को लुधियाना के आईसीआईसीआई बैंक में किसी ठग ने सैनी मोटर्स फर्म के नाम से मिल अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त सवा दो करोड़ रुपये का मिल का चेक कैश कराने के लिए लगाया था।
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बैंक कर्मचारी सवा दो करोड़ रुपया सैनी मोटर्स फर्म में ट्रांसफर करने वाले ही थे कि उसका एसएमएस मिल अफसरों के मोबाइल पर आ गया। मिल अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए पैसा ट्रांसफर होने से रुकवा दिया। अधिकारियों ने उसी दिन सभी बैंकों के खाते बंद करा दिए थे। मिल अधिकारियों ने जांच पड़ताल कर छह दिन बाद 23 जून की सुबह अपने खाते पुन: खुलवा दिए।
बृहस्पतिवार शाम अधिकारियों के मोबाइल पर मिल के खाते से 48 लाख रुपये निकाले जाने का एसएमएस आया। अधिकारियों ने जांच-पड़ताल कराई तो पता चला कि दिल्ली में महावीर एन्कलेव स्थित पंजाब नेशनल बैंक से अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरयुक्त चेक से 48 लाख रुपये निकाले गए हैं। मिल खाते से 48 लाख रुपये की रकम निकाले जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने आनन-फानन में पुन: मिल के सभी खाते बंद करा दिए हैं। फैक्ट्री मैनेजर ओएन तिवारी ने अज्ञात ठग के खिलाफ पैसे निकालने की तहरीर दी है। तिवारी का कहना है कि इसमें बैंक स्टाफ की लापरवाही है। नियमानुसार शाखा प्रबंधक को इतनी बड़ी रकम का चेक क्लियर करने से पूर्व मिल अधिकारियों से फोन कर कन्फर्म करना चाहिए था।