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कैराना के जहानपुरा का आबिद हत्याकांड में चाचा-भतीजे को उम्रकैद  

Fri, 01 Sep 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 01 Sep 2017 12:45 AM IST
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Life imprisonment in Abid Murder
कोर्ट - फोटो : सांकेतिक चित्र
शामली जिले के कैराना क्षेत्र के गांव जहानपुरा में सात वर्ष पूर्व त्रिस्तीय पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर हुए आबिद हत्याकांड का बृहस्पतिवार को फैसला आ गया। कोर्ट ने हत्या करने वाले चाचा भतीजे को आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना कैराना पर गांव जहानपुरा निवासी हारून पुत्र गुलाम रसूल ने 14 अक्तूबर 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भतीजा रिजवान बीडीसी का चुनाव लड़ रहा था। उनके विपक्षी जनाब अली भी बीडीसी चुनाव मेें प्रत्याशी था और उसकी पत्नि कोशिदा ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव प्रत्याशी थी।
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घटना के दिन त्रिस्तीय पंचायत का चुनाव था। जनाब अली का भतीजा कुछ लोगों के साथ अपने चाचा व चाची के पक्ष में फर्जी मतदान कर रहा था। जिसका वादी के भाई आबिद ने विरोध किया तो महराब पुत्र वकील और इकराम पुत्र मांगा ने आबिद की मतदान केंद्र पर ही गोली मारकर हत्या कर दी। महराब और इकराम आपस में चाचा भतीजा है। 
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इस मुकदमे की सुनवाई विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेशचंद की अदालत में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजयपाल सिंह वर्मा और वादी के अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त महराब और इकराम को हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302/34 के तहत उम्रकैद के साथ 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसके साथ यह भी आदेश दिया है कि जुर्माना की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को दी जाएगी।       

चर्चाओं में रहा था आबिद हत्याकांड       
मुजफ्फरनगर। 2010 में बसपा शासन के समय जहानपुरा में त्रिस्तीय पंचायत चुनाव के दौरान हुआ आबिद हत्याकांड चर्चा का विषय बना था। मतदान ड्यूटी में तैनात सहारनपुर के एसआई इरफान अली की ओर से भी कैराना कोतवाली पर 19 लोगों के खिलाफ फायरिंग का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें पूर्व सांसद मुनव्वर हसन के भाई अरशद हसन को भी नामजद कराया गया था। जिसमें मतदान के दौरान हुई फायरिंग में आबिद को गोली लगने का जिक्र किया गया था।


आबिद की हत्या के बाद भड़के ग्रामीणों के आक्रोश के चलते उसी रोज रात को आबिद के भाई हारुन की ओर से तहरीर दी गई, जिसमें अपराध संख्या 1005-10ए पर महराव और इकराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। बाद में पुलिस ने जांच के उपरांत एसआई इरफान अली की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में एफआर लगा दी थी। हारुन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में बृहस्पतिवार को कोर्ट का फैसला आया।
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