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जिला अस्पताल से दिनदहाड़े युवती का अपहरण, महिला पुलिसकर्मियों पर हमला
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:33 AM IST
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युवती को कार से बाहर खींचते हमलावर।
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाई गई प्रेमी संग फरार हुई युवती को उसके ही परिजनों ने अगवा कर लिया। युवती को बचाने की कोशिश में महिला पुलिसकर्मियों और प्रेमी के परिजनों पर हमला किया गया। कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस ने घेराबंदी की तो हमलावर कार और युवती को शेरपुर के जंगल में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, फिलहाल युवती महिला पुलिस की कस्टडी में है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी की बेटी प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक के साथ 13 अगस्त को घर से चली गई थी। युवती के पिता ने मीरापुर थाने में युवक और उसके परिजनों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर, प्रेमी युगल हाईकोर्ट पहुंचकर सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई। 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने पुलिस को उनकी सुरक्षा के साथ ही युवती का उम्र संबंधी मेडिकल कराकर रिपोर्ट सात सितंबर तक पेश करने के आदेश दिए।
हाईकोर्ट के आदेश लेकर मंगलवार को युवती और युवक अपने परिजनों के साथ जानसठ तहसील दिवस में पहुंची और डीएम-एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने महिला थाना पुलिस को युवती का मेडिकल कराए जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद युवती व प्रेमी के परिजन महिला थाने पहुंचे, जहां से इंस्पेक्टर मीनाक्षी शर्मा एसआई संतोष, सिपाही पूजा चौधरी, प्रियंका गोस्वामी व रिंकी को साथ लेकर उसको गाड़ी से जिला अस्पताल ले गईं। जैसे ही महिला थाना पुलिस की जीप जिला अस्पताल पहुंची, वहां पहले से मौजूद युवती के परिजनों ने गाड़ी को रोक लिया और उसको जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की।
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हंगामा होने पर चालक गाड़ी को तेजी से अंदर लेकर पहुंचा, जहां हमलावरों ने गाड़ी को घेरकर महिला पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। युवक पक्ष के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन पर पथराव कर दिया। इसके बाद हमलावर पुलिस जीप से युवती को खींचकर कार में डालकर रुड़की रोड की तरफ फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर हमलावरों का पीछा शुरू कर दिया।
पुलिस को पीछे देख हमलावर गांव शेरपुर में घुस गए और गाड़ी एक मदरसे के बाहर छोड़कर युवती को साथ ले खेतों में घुस गए। सूचना पर एसपी सिटी ओमबीर सिंह व सीओ सिटी हरीश भदौरिया तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। खुद को घिरा देख हमलावर युवती को गांव में छोड़कर फरार हो गए, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। हमलावरों द्वारा छोड़ी गई कार भी जब्त कर ली गई, जो संभलहेड़ा के प्रधान की बताई जा रही है। इसके बाद युवती को जिला अस्पताल ले जाकर कड़ी सुरक्षा में उसका मेडिकल कराया गया। एसपी सिटी ने बताया कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही उन पर रासुका भी लगाया जाएगा।
सुरक्षा की फरियाद पर भी नहीं जागी खाकी
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव निवासी प्रेमी युगल को जान का खतरा पहले से सताने लगा था। यही कारण था कि हाईकोर्ट के आदेश लेकर मंगलवार को जब युवती प्रेमी के परिजनों के साथ जानसठ तहसील दिवस में अफसरों से मिली। परिजनों से जान को खतरा जताते हुए पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने की गुहार लगाई।
युवक के परिजनों का कहना है कि जब एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने उन्हें मुजफ्फरनगर महिला थाने जाकर युवती का मेडिकल कराने के लिए कहा, तब भी उन्होंने युवती के परिजनों से उसकी जान को खतरा जताया था। आरोप लगाया कि इसके बावजूद मुख्यालय पहुंचने पर महिला थाना पुलिस युवती को अपनी जीप में बैठाकर बिना अतिरिक्त सुरक्षा के जिला अस्पताल ले गई, जहां युवती को अगवा कर लिया गया।
मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें कांस्टेबल पूजा चौधरी, प्रियंका गोस्वामी और रिंकी को मामूली चोटें आईं। मौके पर मौजूद युवक के परिजनों ने हमलावरों को रोकने का प्रयास किया तो सड़क पर लगी सीमेंटेड टाइल्स उखाड़कर उनके ऊपर पथराव किया गया।
डायल-100 बाइक को भी किया कुचलने का प्रयास
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में महिला पुलिसकर्मियों पर हमला कर युवती को अगवा करने वाले हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने डायल-100 बाइक को भी कार से कुचलने की कोशिश की। दरअसल, युवती को उठाकर भागने के तत्काल बाद पुलिस ने हमलावरों व उनकी कार की जानकारी देते हुए वायरलेस पर उनकी घेराबंदी का मेसेज फ्लैश कर दिया।
इसी दौरान मेसेज सुनकर रुड़की चुंगी के पास मौजूद डायल-100 की पीआरवी-4149 बाइक पर मौजूद कांस्टेबल मनोज कुमार व विपुल ने शहर की तरफ से आती तेज रफ्तार कार को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उनकी बाइक में भी साइड मारकर उन्हें कुचलने का प्रयास किया। किसी तरह चालक ने बाइक को कार की चपेट में आने से बचाया, जिसमें कांस्टेबल मनोज भी मामूली रूप से घायल हो गया। इसके बाद शेरपुर गांव में भाग रहे हमलावरों ने अपनी गाड़ी से एक बकरे को भी कुचल दिया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मीरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी की बेटी प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक के साथ 13 अगस्त को घर से चली गई थी। युवती के पिता ने मीरापुर थाने में युवक और उसके परिजनों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर, प्रेमी युगल हाईकोर्ट पहुंचकर सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई। 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने पुलिस को उनकी सुरक्षा के साथ ही युवती का उम्र संबंधी मेडिकल कराकर रिपोर्ट सात सितंबर तक पेश करने के आदेश दिए।
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हाईकोर्ट के आदेश लेकर मंगलवार को युवती और युवक अपने परिजनों के साथ जानसठ तहसील दिवस में पहुंची और डीएम-एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने महिला थाना पुलिस को युवती का मेडिकल कराए जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद युवती व प्रेमी के परिजन महिला थाने पहुंचे, जहां से इंस्पेक्टर मीनाक्षी शर्मा एसआई संतोष, सिपाही पूजा चौधरी, प्रियंका गोस्वामी व रिंकी को साथ लेकर उसको गाड़ी से जिला अस्पताल ले गईं। जैसे ही महिला थाना पुलिस की जीप जिला अस्पताल पहुंची, वहां पहले से मौजूद युवती के परिजनों ने गाड़ी को रोक लिया और उसको जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की।
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हंगामा होने पर चालक गाड़ी को तेजी से अंदर लेकर पहुंचा, जहां हमलावरों ने गाड़ी को घेरकर महिला पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। युवक पक्ष के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन पर पथराव कर दिया। इसके बाद हमलावर पुलिस जीप से युवती को खींचकर कार में डालकर रुड़की रोड की तरफ फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर हमलावरों का पीछा शुरू कर दिया।
पुलिस को पीछे देख हमलावर गांव शेरपुर में घुस गए और गाड़ी एक मदरसे के बाहर छोड़कर युवती को साथ ले खेतों में घुस गए। सूचना पर एसपी सिटी ओमबीर सिंह व सीओ सिटी हरीश भदौरिया तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। खुद को घिरा देख हमलावर युवती को गांव में छोड़कर फरार हो गए, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। हमलावरों द्वारा छोड़ी गई कार भी जब्त कर ली गई, जो संभलहेड़ा के प्रधान की बताई जा रही है। इसके बाद युवती को जिला अस्पताल ले जाकर कड़ी सुरक्षा में उसका मेडिकल कराया गया। एसपी सिटी ने बताया कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही उन पर रासुका भी लगाया जाएगा।
सुरक्षा की फरियाद पर भी नहीं जागी खाकी
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव निवासी प्रेमी युगल को जान का खतरा पहले से सताने लगा था। यही कारण था कि हाईकोर्ट के आदेश लेकर मंगलवार को जब युवती प्रेमी के परिजनों के साथ जानसठ तहसील दिवस में अफसरों से मिली। परिजनों से जान को खतरा जताते हुए पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने की गुहार लगाई।
युवक के परिजनों का कहना है कि जब एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने उन्हें मुजफ्फरनगर महिला थाने जाकर युवती का मेडिकल कराने के लिए कहा, तब भी उन्होंने युवती के परिजनों से उसकी जान को खतरा जताया था। आरोप लगाया कि इसके बावजूद मुख्यालय पहुंचने पर महिला थाना पुलिस युवती को अपनी जीप में बैठाकर बिना अतिरिक्त सुरक्षा के जिला अस्पताल ले गई, जहां युवती को अगवा कर लिया गया।
मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें कांस्टेबल पूजा चौधरी, प्रियंका गोस्वामी और रिंकी को मामूली चोटें आईं। मौके पर मौजूद युवक के परिजनों ने हमलावरों को रोकने का प्रयास किया तो सड़क पर लगी सीमेंटेड टाइल्स उखाड़कर उनके ऊपर पथराव किया गया।
डायल-100 बाइक को भी किया कुचलने का प्रयास
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में महिला पुलिसकर्मियों पर हमला कर युवती को अगवा करने वाले हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने डायल-100 बाइक को भी कार से कुचलने की कोशिश की। दरअसल, युवती को उठाकर भागने के तत्काल बाद पुलिस ने हमलावरों व उनकी कार की जानकारी देते हुए वायरलेस पर उनकी घेराबंदी का मेसेज फ्लैश कर दिया।
इसी दौरान मेसेज सुनकर रुड़की चुंगी के पास मौजूद डायल-100 की पीआरवी-4149 बाइक पर मौजूद कांस्टेबल मनोज कुमार व विपुल ने शहर की तरफ से आती तेज रफ्तार कार को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उनकी बाइक में भी साइड मारकर उन्हें कुचलने का प्रयास किया। किसी तरह चालक ने बाइक को कार की चपेट में आने से बचाया, जिसमें कांस्टेबल मनोज भी मामूली रूप से घायल हो गया। इसके बाद शेरपुर गांव में भाग रहे हमलावरों ने अपनी गाड़ी से एक बकरे को भी कुचल दिया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई।