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इज्जत की खातिर बेटी की हत्या, मां-बाप गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:09 AM IST
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ऑनर किलिंग के बाद गड्ढे में दाबा गया युवती का शव निकालती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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जिस परिवार के साथ खानदानी रंजिश चली आ रही, उसी के युवक से बेटी प्यार कर बैठी। यह बात युवती का परिवार बर्दाश्त नहीं कर पाया। पहले बेटी के समझाने का प्रयास किया, वह नहीं मानी तो उसका गला घोंट दिया और शव भूसे के कोठे में दबा दिया। कोठा गिराकर नया निर्माण भी शुरू कर दिया। पुलिस के पास पहुंची एक फोन काल ने आनर किलिंग की इस घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को खोदाई कराकर लाश को कब्जे में ले लिया और युवती के पिता और मां को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना थाना ककरौली के गांव तेवड़ा में गत 12 मई को हुई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस कंट्रोल रूम को किसी ने फोन कर बताया कि गांव तेवड़ा निवासी मकसूद ने अपनी बेटी शाकिरा (20) की हत्या कर उसकी लाश अपने ही घर में दबा दी है। पुलिस की जांच में शाकिरा के गायब होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद शुक्रवार को मकसूद से उसकी बेटी के बारे में पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बता पाया। पुलिस ने उसके मकान में एक जगह चिनाई होती देखी और सूचना में बताए गए स्थान पर खोदाई शुरू की। करीब चार फिट की गहराई में शाकिरा एक सड़ी-गली लाश मिली। पूछताछ में मकसूद ने बताया कि उसकी बेटी शाकिरा के पड़ोसी उस्मान के बेटे मुनासिब से प्रेम संबंध थे।
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उन्होंने शाकिरा को मुनासिब से संबंध तोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह राजी नहीं हुई। इसी बात को लेकर घटना वाली रात मकसूद और शाकिरा के बीच कहासुनी हो गई। मकसूद ने दुपट्टे से गला घोंटकर बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि 2001 में मकसूद के बड़े भाई महमूद की हत्या कर दी गई थी। इसमें मुनासिब के परिवारवाले जेल गए थे। तभी से दोनों परिवारों में खानदानी रंजिश चली आ रही है। एसपी देहात अजय कुमार सहदेव ने बताया कि गांव तेवड़ा में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। हत्यारोपी पिता मकसूद के साथ ही उसकी पत्नी बानो को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाई के हत्यारोपी के घर मंजूर नहीं था रिश्ता
तेवड़ा में बेटी के हत्यारोपी पिता मकसूद की आंखें लाश देखकर छलक उठी। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह अपने भाई के कातिल परिवार में बेटी कैसे ब्याह देता। यह रिश्ता मुझे किसी भी दशा में मंजूर नहीं था। उसने कई बार नादान बेटी को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी तो उसकी जान लेनी पड़ी।
ककरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी मकसूद और उस्मान पड़ोसी होने के साथ ही एक ही कुनबे से जुड़े बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच रंजिश की शुरूआत खेती-किसानी को लेकर हुई। इसी विवाद में करीब 17 साल पूर्व मकसूद के भाई महमूद की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई, जिसकी लाश खेतों पर पड़ी मिली थी। महमूद की हत्या का आरोप उस्मान पक्ष पर लगा था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी की खाई गहरी होती चली गई।
महमूद हत्याकांड के बाद अब मकसूद की बेटी शाकिरा का पड़ोसी उस्मान के बेेटे मुनासिब के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया, जिसकी जानकारी परिवार को कुछ माह पूर्व लगी। दुश्मन के बेटे से प्रेम-प्रसंग को लेकर मकसूद ने बेटी शाकिरा को कई बार समझाया। मुनासिब को छोड़ उसकी पसंद के किसी भी लड़के से निकाह कराने की भी बात कही।
शाकिरा हर हाल में उसके साथ ही निकाह करने की जिद पर अड़ी रही। 12 मई की रात मकसूद की बेटी शाकिरा के बीच फिर से इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस विवाद के कारण शाकिरा घर छोड़कर जाने की बात कहकर बाहर निकलने लगी। अचानक पैर फिसलने से शाकिरा जमीन पर गिर गई। इस बीच ही मकसूद ने बेटी के गले में पड़े दुपट्टे से ही उसका गला घोंटा। बेटी अपने पिता से जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन झूठी शान की खातिर हैवान बन बैठे पिता ने अपने ही हाथों बेटी की जिंदगी खत्म कर डाली।
बेटी का प्रेमी मिल जाता तो उसे भी मार देता
मोरना। हत्यारोपी मकसूद उसके प्रेमी मुनासिब को भी मार डालना चाहता था। बेटी की हत्या के बाद वह काफी देर तक मुनासिब की टोह में घर के बाहर घूमता रहा। मकसूद का कहना है कि परिवार का सम्मान सबसे पहले है। बेटी की हत्या के बाद उसके आशिक की भी हत्या करना चाहता था, लेकिन वह नहीं मिला, जिसके चलते उसकी जान बच गई।
क्या था पूरा मामला
रंजिश में वर्ष 2001 में मकसूद के भाई महमूद की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पांच आरोपियों इस्माइल, शमीम, उस्मान, कालू और सुलेमान के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अदालत में इस मामले को लेकर वाद दायर किया गया था। अदालत ने वर्ष 2005 में महमूद हत्याकांड में आरोपी इस्माइल और शमीम को बरी कर दिया था, जबकि उस्मान, कालू और सुलेमान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कालू की मौत हो गई है।
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घटना थाना ककरौली के गांव तेवड़ा में गत 12 मई को हुई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस कंट्रोल रूम को किसी ने फोन कर बताया कि गांव तेवड़ा निवासी मकसूद ने अपनी बेटी शाकिरा (20) की हत्या कर उसकी लाश अपने ही घर में दबा दी है। पुलिस की जांच में शाकिरा के गायब होने की पुष्टि हुई।
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इसके बाद शुक्रवार को मकसूद से उसकी बेटी के बारे में पूछताछ की, लेकिन वह कुछ नहीं बता पाया। पुलिस ने उसके मकान में एक जगह चिनाई होती देखी और सूचना में बताए गए स्थान पर खोदाई शुरू की। करीब चार फिट की गहराई में शाकिरा एक सड़ी-गली लाश मिली। पूछताछ में मकसूद ने बताया कि उसकी बेटी शाकिरा के पड़ोसी उस्मान के बेटे मुनासिब से प्रेम संबंध थे।
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उन्होंने शाकिरा को मुनासिब से संबंध तोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह राजी नहीं हुई। इसी बात को लेकर घटना वाली रात मकसूद और शाकिरा के बीच कहासुनी हो गई। मकसूद ने दुपट्टे से गला घोंटकर बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि 2001 में मकसूद के बड़े भाई महमूद की हत्या कर दी गई थी। इसमें मुनासिब के परिवारवाले जेल गए थे। तभी से दोनों परिवारों में खानदानी रंजिश चली आ रही है। एसपी देहात अजय कुमार सहदेव ने बताया कि गांव तेवड़ा में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। हत्यारोपी पिता मकसूद के साथ ही उसकी पत्नी बानो को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाई के हत्यारोपी के घर मंजूर नहीं था रिश्ता
तेवड़ा में बेटी के हत्यारोपी पिता मकसूद की आंखें लाश देखकर छलक उठी। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह अपने भाई के कातिल परिवार में बेटी कैसे ब्याह देता। यह रिश्ता मुझे किसी भी दशा में मंजूर नहीं था। उसने कई बार नादान बेटी को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी तो उसकी जान लेनी पड़ी।
ककरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी मकसूद और उस्मान पड़ोसी होने के साथ ही एक ही कुनबे से जुड़े बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच रंजिश की शुरूआत खेती-किसानी को लेकर हुई। इसी विवाद में करीब 17 साल पूर्व मकसूद के भाई महमूद की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई, जिसकी लाश खेतों पर पड़ी मिली थी। महमूद की हत्या का आरोप उस्मान पक्ष पर लगा था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी की खाई गहरी होती चली गई।
महमूद हत्याकांड के बाद अब मकसूद की बेटी शाकिरा का पड़ोसी उस्मान के बेेटे मुनासिब के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया, जिसकी जानकारी परिवार को कुछ माह पूर्व लगी। दुश्मन के बेटे से प्रेम-प्रसंग को लेकर मकसूद ने बेटी शाकिरा को कई बार समझाया। मुनासिब को छोड़ उसकी पसंद के किसी भी लड़के से निकाह कराने की भी बात कही।
शाकिरा हर हाल में उसके साथ ही निकाह करने की जिद पर अड़ी रही। 12 मई की रात मकसूद की बेटी शाकिरा के बीच फिर से इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस विवाद के कारण शाकिरा घर छोड़कर जाने की बात कहकर बाहर निकलने लगी। अचानक पैर फिसलने से शाकिरा जमीन पर गिर गई। इस बीच ही मकसूद ने बेटी के गले में पड़े दुपट्टे से ही उसका गला घोंटा। बेटी अपने पिता से जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन झूठी शान की खातिर हैवान बन बैठे पिता ने अपने ही हाथों बेटी की जिंदगी खत्म कर डाली।
बेटी का प्रेमी मिल जाता तो उसे भी मार देता
मोरना। हत्यारोपी मकसूद उसके प्रेमी मुनासिब को भी मार डालना चाहता था। बेटी की हत्या के बाद वह काफी देर तक मुनासिब की टोह में घर के बाहर घूमता रहा। मकसूद का कहना है कि परिवार का सम्मान सबसे पहले है। बेटी की हत्या के बाद उसके आशिक की भी हत्या करना चाहता था, लेकिन वह नहीं मिला, जिसके चलते उसकी जान बच गई।
क्या था पूरा मामला
रंजिश में वर्ष 2001 में मकसूद के भाई महमूद की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पांच आरोपियों इस्माइल, शमीम, उस्मान, कालू और सुलेमान के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अदालत में इस मामले को लेकर वाद दायर किया गया था। अदालत ने वर्ष 2005 में महमूद हत्याकांड में आरोपी इस्माइल और शमीम को बरी कर दिया था, जबकि उस्मान, कालू और सुलेमान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कालू की मौत हो गई है।